आयुर्वेद में मेथी के लाभ


सनातन के आयुर्वेद में हर सब्ज़ी, फल और सागों का वर्णन सर्दी आने पर मेथी, सरसों और बधुआ आदि स्वास्थ्यवर्धक सागों की बाजार में भरमार होती है। लोग तो मेथी को सूखा कर गर्मियों के रख लेते हैं, जो कस्तूरी मेथी का काम करती है और गर्मियों में अरबी, बैगन का भरता और आलू आदि सब्ज़ी में डाल इनके स्वाद बड़ा देती है।

हरी मेथी को आयुर्वेद में मेथिका शाक कहा गया है। इसे पथ्य आहार माना गया है यानी ऐसा भोजन जो शरीर को नुकसान नहीं, बल्कि healing देता है। इसका स्वभाव उष्ण होता है, इसलिए यह खासकर वात और कफ दोष को शांत करती है।

आयुर्वेदिक गुण
रस (Taste): तिक्त (कड़वा), कटु (तीखा)
गुण: लघु (हल्की), रूक्ष
वीर्य: उष्ण
विपाक: कटु
इन्हीं गुणों की वजह से हरी मेथी शरीर की जमी हुई गंदगी बाहर निकालने में मदद करती है।
हरी मेथी के फायदे _
1️⃣ पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है
हरी मेथी:
पाचन अग्नि को तेज करती है
गैस, अपच, एसिडिटी में राहत देती है
कब्ज की समस्या को कम करती है।
2️⃣ ब्लड शुगर कंट्रोल में सहायक
आयुर्वेद के अनुसार हरी मेथी:
ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करती है
इंसुलिन की कार्यक्षमता को सपोर्ट करती है
इसलिए डायबिटीज में इसे लाभकारी माना गया है।
3️⃣ रक्त शोधन (Blood Purifier)
हरी मेथी:
खून को साफ करने में मदद करती है
फोड़े-फुंसी, मुंहासे और त्वचा की समस्याओं में लाभ देती है
4️⃣ महिलाओं के लिए विशेष लाभ
हरी मेथी महिलाओं के लिए
हार्मोन बैलेंस करने में सहायक
पीरियड्स के दर्द और अनियमितता में राहत
कमजोरी और थकान दूर करने में मदद
5️⃣ वजन कम करने में मददगार
हरी मेथी:
मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करती है
भूख को नियंत्रित करती है
शरीर की अतिरिक्त चर्बी घटाने में सहायक
6️⃣ दिल के स्वास्थ्य के लिए
हरी मेथी:
खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक
ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है
हृदय को मजबूत रखने में मदद करती है
7️⃣ बाल और त्वचा के लिए लाभकारी
हरी मेथी:
बालों की जड़ों को पोषण देती है
डैंड्रफ और बाल झड़ने में सहायक
त्वचा को साफ और चमकदार बनाती है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों में हरी मेथी का उल्लेख
हरी मेथी (मेथिका / मेथिका शाक) का वर्णन इन प्रमुख आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है:
चरक संहिता
→ मेथिका को पाचन सुधारक, वात-कफ नाशक और रक्त शोधन के लिए उपयोगी बताया गया है।
भावप्रकाश निघंटु
→ इसमें मेथिका के शाक (हरी पत्तियों) के गुण, रस, वीर्य और औषधीय प्रभाव का विस्तार से वर्णन है।
राज निघंटु
→ मेथिका को अग्निदीपक, बलवर्धक और रोग नाशक बताया गया है।
सेवन में सावधानी
ज्यादा मात्रा में सेवन करने से गैस या जलन हो सकती है
बहुत उष्ण प्रकृति वालों को सीमित मात्रा में लेनी चाहिए
गर्भावस्था में सेवन से पहले वैद्य की सलाह जरूरी।

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