सुभाष चन्द्र
गली में कोई अजनबी घुसता है तो एक कुत्ता भौंकता है और उसे देख कर गली के सारे कुत्ते भौंकने लगते हैं। एक विदेशी नस्ल के कुकुर ने भौंका कि “Prime Minister Compromised” तो कांग्रेस के सारे कुकुर भौंकने लगे और 10 कुकुर नंगे हो गए भारत मंडपम के AI सम्मेलन में विघ्न डालने के लिए। उन्हें अर्धनग्न भेजने से बेहतर होता राहुल/ प्रियंका लोकसभा की उन 8 महिलाओं को अर्धनग्न भेजते क्योंकि वो जब वहां मोदी पर कीचड़ उछालने के लिए तैयार थी तो यहां तो वैश्विक नेताओं के सामने मोदी को बदनाम करने का अच्छा मौका था।
सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा के लिए सबसे ज्यादा शर्म की बात यह है कि इन उपद्रवियों को जनता ही नहीं फर्श सफाई करने वाले कर्मचारी ने फर्श साफ करने वाले पोछे से इन्हे खूब पीटा। आम जनता ने तो जूतों से पीटा। यह कांग्रेस के लिए अच्छा संकेत नहीं। बिकाऊ उपद्रव कर सकते हैं लेकिन कोई देशप्रेमी नहीं, चाहे वह किसी भी वर्ग/समाज का क्यों नहीं हो। कांग्रेस परिवार भारत में नेपाल, बांग्लादेश या फिर श्रीलंका की तरह आग में झोंकने की कोशिश न करे। पुलिस के पहुँचने से पहले जनता द्वारा ही इन उपद्रवियों की पिटाई करना साफ इशारा कर रहा है कि इस तरह की हरकतें होने पर जनता(GenZ) सरकार की बजाए परिवार, नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भारी पड़ने वाला है।
AI सम्मेलन में 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए जो मोदी के हाथों में हाथ डाल कर गलबहियां कर रहे थे। 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए जिसमें 45-59 मंत्री स्तर के थे। 250 बिलियन डॉलर का निवेश होने की उम्मीद है। 40 से ज्यादा कंपनियों के अध्यक्षों ने प्रधानमंत्री मोदी से मीटिंग की। अकेले मुकेश अंबानी और अडानी ने 100 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की।
और राहुल गांधी/प्रियंका वाड्रा को लगता है कि उन्होंने भारत मंडपम में उत्पात करा कर मोदी की छवि को वैश्विक नेताओं के सामने धूमिल कर दिया। वो भूल रहे हैं कि मोदी की छवि पर कांग्रेस के पागलपन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा बल्कि कांग्रेस ने दुनिया भर में अपनी छवि भारत की एक गद्दार और सनकी पार्टी की बना ली।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
कुछ वाक्य रटा दिए जाते है और उससे ही नरेटिव/ प्रोपगैंडा चलता है। नारा तो जो मर्जी चला दो लेकिन कितना कारगर होगा, क्या कह सकते हैं। कांग्रेस को याद होगा राहुल गांधी ने नारा लगाया था “चौकीदार चोर” है। क्या हुआ अंजाम, नारा फ्लॉप हो गया।
कांग्रेस को यह भी याद रखना चाहिए कि उसके नेता चिदंबरम ने राज्यसभा में खड़े होकर Digital Payment System का कैसे मज़ाक उड़ाया था और आज भारत Digital Payments में एक नंबर पर है। कांग्रेस को तकलीफ अब AI से है लेकिन कल कांग्रेस के लोग ही AI का सबसे ज्यादा उपयोग करेंगे और आज भी कर रहे है प्रधानमंत्री मोदी की AI से घटिया फोटो/वीडियो जारी करके क्योंकि इससे ज्यादा ये लोग कुछ नहीं कर सकते, शैतान का दिमाग जो है राहुल और सारे कांग्रेसी नेताओं में।
बेरोजगारी की बात तो ऐसे करते हैं कांग्रेसी और विपक्षी दल जैसे 2014 में कांग्रेस सरकार सभी को कलेक्टर बना कर गई थी। इसके और अन्य आंकड़े देखिए -
- बेरोजगारी दर 2013 -14 (कांग्रेस के समय में) 4.9% थी जो इस वर्ष 2025 - 26 में 4.1% है;
-2014 में रजिस्टर्ड स्टार्ट अप केवल 400 थे जो आज बढ़ कर 1.5 लाख हैं - उनमे क्या किसी को रोजगार नहीं मिला;
-महिला वर्कफोर्स की भागीदारी 2014 में 23% थी जो 2026 में 37-40% है;
-2014 में औसत महंगाई 10% थी जो अब 2% से -4.0% है;
-2014-15 में प्रति व्यक्ति आय 86,647 रुपये थी जो 2025 - 26 में 2,25,000 है;
-राजकीय कोष घाटा 2009-10 में 10.2% था, जो 2025 -26 में 4.4% है।
इतना ही नहीं कांग्रेस सरकार के जाते हुए एक राफेल खरीदने के पैसे नहीं थे जबकि मोदी ने 10 साल में 10 लाख करोड़ से ज्यादा की हथियार और सैन्य साजोसामान खरीदा है और देश में बनाया है।
पुलिस को उनके लोगों को गिरफ्तार करने से पहले जनता को ठीक से हाथ साफ़ करने का मौका देना चाहिए था।

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