अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापारिक साझेदारों के लिए 10 प्रतिशत टैरिफ का ऐलान किया। अब अलग-अलग देशों पर लगे टैरिफ शुल्कों में भारी बदलाव देखा जाएगा। वहीं भारत के लिए यह फैसला खुशखबरी लेकर आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद हुआ 18 प्रतिशत टैरिफ घटकर अब 10 प्रतिशत हो जाएगा।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत के टैरिफ से बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के लिए शुल्क दरें फिर से तय की जाएँगी। इसके तहत स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टाइन, दक्षिण कोरिया, यूरोपीय संघ और जापान पर पहले 15 प्रतिशत शु्ल्क लगाया गया था, जिसे अब घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
Breaking: White House officials clarify that India's tariff rate falls from 18% to 10%
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) February 21, 2026
This explains Trump's new 10% "global tariff" pic.twitter.com/CGFA5X7a6o
वहीं वियतनाम पर पहले 20 प्रतिशत शुल्क था, जिसे भी कम करके 10 प्रतिशत किया जा रहा है। इसके अलावा ब्रिटेन पर पहले से ही 10 प्रतिशत शुल्क था, इसीलिए उसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
भारत के लिए यह फैसला राहत भरा है। अमेरिका अब भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को 18 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर देगा। यानी भारत के निर्यात पर लगने वाला शुल्क कम हो जाएगा। हाल ही में दोनों देशों के बीच एक अहम द्विपक्षीय समझौता हुआ था, और उसके कुछ ही हफ्तों से भीतर व्यापार नियमों में यह एक और बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की थी ट्रंप की ग्लोबल टैरिफ
शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तथाकथित ग्लोबल टैरिफ पॉलिसी को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि 1977 का अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियाँ अधिनियम (IEEPA) कानून राष्ट्रपति को विदेशी संपत्ति फ्रीज करने, लेन-देन सीमित करने या प्रतिबंध लगाने की शक्ति देता है, लेकिन यह कानून सीधे तौर पर नया टैक्स या स्थायी टैरिफ लगाने की खुली अनुमति नहीं देता।
इसके बाद भी ट्रंप बाज नहीं आए और उन्होंने 10 प्रतिशत अतिरिक्त ग्लोबल टैरिफ का ऐलान कर दिया।
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