ये कोई पहला मौका नहीं है जब बजट वाले दिन शेयर बाजार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा हो। अबकी बार BSE 1500 अंक और Nifty 500 अंक गिरने का बहाना STT बढ़ाना और विदेशी पूंजी कम आने की उम्मीद बताया गया। लोग इसी से घबराहट में आ गए जबकि अगले ही दिन करीब आधा इंडेक्स बढ़ गया।
STT F&O पर बढ़ाया गया है। Futures पर 0.02% से 0.05% किया गया और Options पर 0.1 से 0.15% बढ़ाया गया है। और इससे ही हल्ला हो गया कि बजट ने शेयर मार्किट को मार दिया। इस पर बात करने से पहले यह समझ लेना चाहिए कि विदेशी निवेशकों के पास और विकल्प होंगे लेकिन उनके लिए भारत एक प्रमुख बाजार है और इसलिए उनके विमुख होने का तो प्रश्न ही नहीं उठता।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
शेयर बाजार में Long Term investor को पैसा कमाने में कोई समस्या नहीं होती लेकिन साथ में धैर्य रखना जरूरी है। बड़े ट्रेडर्स एंड वित्तीय संस्थाएं ऐसा माहौल बना देती हैं कि लोग नुकसान उठाकर अपने शेयर बेच देते हैं लेकिन बाजार गिराने वाले ही खरीददार होते हैं ऐसे समय में।
याद कीजिए जब 2018 अरुण जेटली ने Long Term Capital Gain Tax लगाया था तब फरवरी महीने में ही 5% बाजार गिरा दिया गया था लेकिन जो धैर्य से अपने शेयर संभाल कर बैठे रहे उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ क्योंकि बाजार ने एक दिन बढ़ता भी है और घटता भी है।
2014 में जब मोदी के सत्ता में आने के बाद 10 जुलाई, 2014 के पहले बजट के दिन और 2026 के बजट के एक दिन पहले बाजार के इंडेक्स का हाल अगर देखते हैं तो पता चलेगा कि बाजार कितना बढ़ा है।
10 /7 /2014
BSE -25033
Nifty- 7550
1 /02 /2026
BSE - 80722.94 (-1546.84) - (82269.78) (Prior to budget) (228% rise from 2014)
NSE -24825.45 (-495.20) - (25320.65) (Prior to budget) (235% rise from 2014)
इसके पहले दिसंबर 2025 में बाजार के इंडेक्स अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचे थे -
दिसंबर 2025
BSE 86160 (Highest Level) (245% Rise from 2014 Level)
Nifty - 26129 (Highest Level) (246% Rise from 2014 Level)
दिसंबर 2025 में इंडेक्स के पीक पर पहुंचने और बजट वाले दिन से एक दिन पहले के इंडेक्स को देख कर पता चलता है कि मोदी सरकार के आने के बाद शेयर बाजार कितना बढ़ा। यही शेयर बाजार आर्थिक हालत को मापने का पैमाना कहा जाता है। इतना बाजार बढ़ने के बाद जाहिर है लोगों ने दबा कर पैसा भी कमाया होगा खासकर उन लोगों ने जो Future/Option की सट्टेबाज़ी नहीं करते। STT बढ़ा दिया गया तो वह भी निवेशकों के हित में है, विचलित होने का विषय नहीं है।

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