भारत अमेरिकी व्यापार संधि; मोदी ने करिश्मा दिखा दिया; बिना कुछ बोले ट्रंप की अकड़ ढीली कर दी और ट्रंप दबाव में आ कर DEAD ECONOMY से डील कर गए

सुभाष चन्द्र

कभी कभी कुछ न कहना भी बहुत कुछ कह देना होता है और कुछ कार्रवाई न करना भी कार्रवाई करना होता है। ट्रंप भारत पर टैरिफ लगाते रहे और रूस से तेल न खरीदने के लिए जोर देते रहे और जब भारत फिर भी नहीं रुका तो 25% टैरिफ और लगा कर कुल टैरिफ 50% कर दिया लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक शब्द नहीं बोला और अपना काम करते रहे ट्रंप के 4 - 4 फ़ोन आए पर उठाए नहीं जो इशारा था कि हमें भी नाराज़ होना आता है

Trump said the decision was taken out of friendship and respect for Prime Minister Modi and at his request. मोदी की request कह कर एक बार फिर ट्रंप ने अपने को ऊपर रखने की कोशिश की है जबकि मुझे नहीं लगता मोदी ने डील के लिए कोई विनती की होगी

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अब संधि साइन होने के साथ ट्रंप ने कहा है कि मोदी ने रूस से तेल न खरीदना स्वीकार कर लिया है लेकिन यह दावा ट्रंप का जिस पर अभी मोदी या भारत सरकार ने कुछ नहीं कहा ट्रंप के दावों की क्या कीमत है उसने तो गला फाड़ फाड़ कर कहा था भारत पाकिस्तान युद्ध उसने रुकवा दिया जबकि वह स्थगित किया है भारत ने और मोदी ने संसद में खड़े होकर कहा कि किसी तीसरे पक्ष से युद्ध रोकने पर कोई बात नहीं हुई

मोदी ने EU के साथ 27 जनवरी को ट्रेड डील करके ट्रंप को बहुत बड़ा झटका दिया। उसके पहले UAE के साथ 19 जनवरी को 3 अरब डॉलर का LNG समझौता हुआ 30 जनवरी को रूस ने भारत के साथ 100% व्यापार लोकल करेंसी में करने की घोषणा की और 3 दिन पहले मोदी को  वेनेजुएला की एक्टिंग राष्ट्रपति Delcy Rodríguez का फ़ोन करना इस बात का इशारा था कि भारत वेनेजुएला से भी तेल खरीदेगा और आज ट्रंप ने यह बात स्वयं कह दी साथ ही ट्रंप ने भारत को अमेरिका से भी तेल खरीदने का प्रस्ताव कर दिया इसका मतलब यह हुआ आज भारत वैश्विक शक्तियों की धुरी बना हुआ है जो बड़ी बड़ी ताकतें एक साथ भारत को तेल सप्लाई करने की होड़ में लगी हैं अभी हाल ही में भारत ने नाइजीरिया से भी तेल खरीद बढ़ाई है

सबसे बड़ी बात है अमेरिका की तेल कंपनियों ने वेनेजुएला का “Hard Oil” निकलने से मना कर दिया था और उस तेल को निकलने का काम या तो अमेरिका कर सकता है, या चीन और फिर भारत यह वेनेजुएला का तेल भी भारत से डील किए बिना ट्रंप के लिए सर दर्द बन जाता यह वेनेजुएला के तेल की समस्या और भारत के वैश्विक बाजार में बढ़ते प्रभाव ने ट्रंप को झुकने पर मजबूर किया जो टैरिफ 50% से घटा कर 18% कर दिया और एक DEAD ECONOMY के साथ डील कर दी

मोदी ने चुप रह कर ट्रंप को अहसास करा दिया कि भारत पर उसके दबाव का असर नहीं होने वाला ये “नरेन्द्र कभी सरेंडर नहीं करता” अगर भारत को अमेरिका की जरूरत है तो विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की अमेरिका को उससे ज्यादा जरूरत है लेकिन मोदी ने आंख में आंख डाल कर बात की बिना झुके बिना किसी भय के सबसे बड़ा बदलाव पिछले 11 साल में यही आया है कि मोदी ने भारत को विश्व के सामने सबसे बड़ा बाजार बना कर खड़ा कर दिया और यह भी बता दिया कि पूरा विश्व हमारे लिए भी एक बाजार है इस विज़न की जीत हुई

हां जो लोग मोदी को अनाप शनाप कह रहे थे कुछ दिन पहले और उसकी कब्र खोदने की बात कर रहे थे, उन्हें समझ आ जाना चाहिए कि ये तेली बड़े काम की चीज़ है, भरोसे लायक है जो न खुद झुकता है और देश को झुकने देता है यह बात भी याद रहे विश्व में मोदी के 2-4 को छोड़ कर सभी मुल्कों के नेता दोस्त हैं लेकिन ट्रंप अधिकतर को दुश्मन बना चुका है

अमेरिका के शेयर बाजार बेसब्री से इस डील की प्रतीक्षा में थे Dow Jones आज 515 और Nasdaq 96 अंक उछला है भारत के बाजार भी आज 3-4% ऊपर भाग सकते हैं और जो बजट के दिन शिकायत कर रहे थे बाजार गिरने की, उनकी शिकायत आज दूर हो सकती है

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