‘देश छोड़कर नहीं जाएँगे अनिल अंबानी’: सुप्रीम कोर्ट को दिलाया भरोसा, ED को बैंक फ्रॉड मामले में SIT बनाने का निर्देश

      अनिल अंबानी बैंक फ्रॉड केस सुप्रीम कोर्ट ने ED को SIT गठित करने को कहा (साभार : Aajtak & jansatta)
रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) की बैंकों के साथ धोखाधड़ी मामले में बुधवार (4 फरवरी 2026) को सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस हुई। सुनवाई के दौरान जब अनिल अंबानी के विदेश भागने की आशंका जताई गई, तो उनके वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत को साफ शब्दों में भरोसा दिलाया। रोहतगी ने कहा, “वह भागेंगे क्यों? वह यहीं हैं। वह इस अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे।”

जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने इस बयान को आधिकारिक तौर पर दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने ED को आदेश दिया है कि वह इस भारी-भरकम बैंक फ्रॉड की जाँच के लिए एक ‘विशेष जाँच दल’ (SIT) का गठन करे।

अदालत ने केवल अंबानी ही नहीं, बल्कि बैंक अफसरों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। बेंच ने कहा कि CBI इस बात की जाँच करे कि क्या अफसरों की मिलीभगत से फंड रिलीज किए गए थे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि फॉरेंसिक ऑडिट में पैसों की हेराफेरी (Siphoning) की बात सामने आई है।

वहीं, प्रशांत भूषण ने इसे देश का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट फ्रॉड करार दिया। कोर्ट ने ED और CBI को निर्देश दिया है कि वे अपनी जाँच को तार्किक अंजाम तक ले जाएँ। अब दोनों एजेंसियों को हर महीने जाँच की प्रोग्रेस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी।

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