भाजपा राहुल गेंडी को साथी सांसद समझ कर शिष्टाचार के नाते अपना दुश्मन बेशक न माने लेकिन वह भाजपा, नरेंद्र मोदी/RSS और देश को अपना दुश्मन मानता है और इसलिए अब वह किसी उदारता का अधिकारी नहीं रहा। उसकी पार्टी की महिला नेताओं ने जो प्रधानमंत्री की कुर्सी घेर कर जो तांडव किया और जो बड़े बड़े Playcards वो लोकसभा में लाई उसकी जांच होनी चाहिए। यह सुरक्षा में चूक का गंभीर मामला था और जो भी उसके लिए दोषी हो उसे दंडित किया जाना चाहिए। यह नए संसद भवन में सुरक्षा में दूसरी चूक है। पहली तब हुई थी जब कुछ मसखरे smoke bomb लेकर पहुंचे थे।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
दूसरे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध जो अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है यह विपक्ष पर बहुत भारी पड़ने वाला है। प्रस्ताव गिरने के बाद जब उनकी वापसी होगी अपने संयम को भूल संसद में आकर विपक्ष के हंगामे पर कहर भरपा सकते हैं।
किरेन रिजिजू ने स्पीकर के चैंबर में कांग्रेस के 20 - 25 सांसदों के हुड़दंग का वीडियो जारी करते हुए कहा है कि वो लोग जो गालियां दे रहे थे, वह बताई भी नहीं जा सकती - क्यों नहीं बताई जा सकती। नंगई का जवाब नंगई से देना ही उचित है। वो लोग इतनी नीचता पर उतर आए जो नाकाबिले बर्दाश्त गालियां दी स्पीकर के चैंबर में तो वे गालियां लोगों को भी पता चलनी चाहिए जिससे जनता को पता चले कि उन्होंने कैसे नेता चुन कर संसद में भेजे हैं। इसलिए वीडियो में गालियां स्पष्ट करके जनता को सुनाएं।
राहुल और कांग्रेस ने मोदी को हलके में ले लिया। उन्हें पता नहीं मोदी का शांत रहना कभी कभी किसी तूफान के आने से पहले की शांति होती है। जो उसे दुख देता है, उसकी आत्मा पर चोट करता है, धोखा देता है, उसे छोड़ना उसके स्वभाव में नहीं है। मौका देख कर ऐसे मक्कार को मारता कम है और घसीटता ज्यादा है और अब राहुल के दुर्दिन शुरू हुए समझो क्योंकि अबकी बार जो राहुल ने किया वह हो सकता है शिशुपाल की 100वीं यानी आखिरी गाली साबित होगी जो मोदी के लिए ये एपिसोड Turning Point बनेगा।
राहुल गेंडी के विरुद्ध भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने Substantive Motion पेश किया है। यह एक ऐसा स्व-निहित (self-contained) प्रस्ताव है जिसे सदन (लोकसभा) में पेश किया जाता है, जिस पर बहस की जा सकती है और मतदान के माध्यम से निर्णय लिया जा सकता है। यह आम तौर पर किसी गंभीर मुद्दे या आचरण की निंदा करने के लिए और सजा देने के लिए लाया जाता है।
The notice accused Gandhi of "colluding with anti-India elements" and foreign organisations, such as the Soros Foundation, Ford Foundation, and USAID, and objects to his usage of unverified claims regarding a pending book by former Army Chief Gen MM Naravane. इसमें और भी आरोप लगाए जाने चाहिए जैसे राहुल ने देश को बेचने का आरोप लगाया है प्रधानमंत्री मोदी पर।
यह प्रस्ताव विशेषाधिकार प्रस्ताव से अलग है और इसमें मांग की गई है कि राहुल गेंडी की लोकसभा सदस्यता रद्द की जाए और उस पर आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव तो दुबे जी मना कर दिया है कि वह नहीं लाया जाएगा।
प्रस्ताव को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता नहीं है बल्कि इसे मतदान से समय मौजूदा सांसदों की संख्या के बहुमत से पारित किया जा सकता है। बहुमत जुटाने में भाजपा को कोई कठिनाई नहीं होगी और प्रस्ताव आसानी से पारित हो सकता है। यह एक Golden Chance है राहुल गेंडी को ठिकाने लगाने का जिसमें अबकी बार चूक नहीं होनी चाहिए।

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