राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान एक अप्रत्याशित घटना ने समिट का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने टी-शर्ट उतारकर एआई एक्सपो हॉल में जाकर नारेबाजी शुरू कर दी। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा विरोध रहा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंपैक्ट समिट अभी नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा दुनिया भर में लोगों की भागीदारी और राजनीतिक ध्यान खींच रहा है। इस हाई प्रोफाइल इवेंट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने वेन्यू के अंदर शर्ट-लेस होकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। इसी बीच आइए जानते हैं कि ऐसे मामले में क्या सजा हो सकती है और इसे लेकर क्या नियम है।
सार्वजनिक काम में रुकावट
किसी इंटरनेशनल समिट में रुकावट डालने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत नियम लागू हो सकते हैं. भारतीय न्याय संहिता का सेक्शन 221 सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक काम करते समय रुकावट डालने से संबंधित है। अगर अधिकारियों को पता चलता है कि विरोध प्रदर्शन से समिट के संचालन या फिर सुरक्षा व्यवस्था में रुकावट आई है तो इस सेक्शन के तहत आरोप लग सकते हैं।
इससे पहले दोपहर बाद करीब 12:30 बजे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्यूआर कोड से एआई समिट में प्रवेश किया। वह हॉल नंबर-5 के लॉबी एरिया में पहुंचे। इसे बाद स्वेटर व जैकेट उतारकर वह प्रदर्शन करने लगे। उनकी टी शर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें छपी थीं, जिस पर इंडिया यूएस ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल्स और पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे।
अचानक शुरू हुए हंगामे आयोजन स्थल पर हडकंप मच गया। सुरक्षा एजेसियों को हाथ-पांव फूल गए। सरकारी अधिकारियों, इंडस्ट्री के नेताओं और विदेशी डेलीगेट्स की भागीदारी वाले इस हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल इवेंट में इस तरह के प्रदर्शन से रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में लिया गया और जगह से दूर ले जाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। बाकी की पुलिस पहचान कर रही है।
दिल्ली-एनसीआर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए छापामारी
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के सिलसिले में पूरे दिल्ली-एनसीआर में रेड की। मंडपम से भागे प्रदर्शनकारियं को पकड़ने के लिए रेड चल रही है। अब तक चार गिरफ्तार हुए हैं।। बाकी को ढूंढने के लिए छापेमारी चल रही है। 15 से ज्यादा वीडियो क्लिप के आधार पर पहचान की जा रही है। पुलिस को पूछताछ में कुछ नाम मिले हैं। कई के फोन स्विच ऑफ हैं।
चुप नहीं बैठेंगे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता
इस मौके पर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि एआई समिट में भारतीय युवा कांग्रेस के साथियों ने स्पष्ट कर दिया कि देश का युवा अब चुप नहीं बैठेगा। पीएम के खिलाफ लगाया गया नारा सिर्फ एक नारा नहीं, करोड़ों बेरोजगार युवाओं का आक्रोश है। अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील हमारे किसानों और जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है। इससे सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हमारा अधिकार है और हम युवाओं की आवाज बुलंद करते रहेंगे।
उदय भानु चिब ने यह भी कहा कि वह एआई समिट के खिलाफ नहीं हैं। हम भारत के हितों के साथ हो रहे समझौते के खिलाफ हैं। जब देश के किसानों का सौदा किया जा रहा हो, भारत विरोधी व्यापार समझौते साइन हो रहे हों, युवाओं को बेरोजगार रखकर नफरत की राजनीति में झोंका जा रहा हो, तो क्या हम खामोश रहें? यह देश 140 करोड़ नागरिकों का है।
यूथ कांग्रेस का हंगामा देश की छवि खराब करने की कोशिश: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि जब भारत के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे थे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की तकनीकी प्रगति का संदेश दुनिया को दिया जा रहा था, तब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय मंच की गरिमा को ठेस पहुंचाई। यह कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति और हताशा का परिणाम है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती ताकत से विचलित है और इसी कारण ऐसे कृत्य किए जा रहे हैं। ऐसे मंच को बाधित करना राष्ट्रहित के विरुद्ध है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि भारत मंडपम में जारी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट भविष्य की दिशा तय कर रहा है। कांग्रेस की तरफ से किया तमाशा बेहद शर्मनाक है। जब भी देश अपनी सामर्थ्य दिखाता है या कोई वैश्विक आयोजन होता है तो कांग्रेस को जैसे मरोड़ उठने लगती है और वह बाधा बनकर खड़ी हो जाती है। सीएम ने कहा कि विदेशी मेहमानों के सामने जो हुडदंग मचाया गया, भारत की साख बिगाड़ने का वह सुनियोजित षडयंत्र है। राहुल गांधी का नकारात्मक नेतृत्व एक सोची-समझी रणनीति के तहत देश की छवि धूमिल करने पर उतारू देता है। इससे हर वह भारतीय शर्मिंदा है, जो देश की प्रगति पर गर्व करता है।
इंडियन यूथ कांग्रेस ने अपने बयान में साफ किया कि यह प्रदर्शन एक ऐसे “कंप्रोमाइजड प्राइम मिनिस्टर यानि समझौता कर चुके प्रधानमंत्री” के खिलाफ था, जिन्होंने भारत की पहचान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट में खतरे में डाल दिया। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई और मामला और बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।
घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, इस प्रदर्शन के आयोजन में नरसिम्हा यादव नामक व्यक्ति की अहम भूमिका थी। नरसिम्हा यादव इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने में एक्टिव हैं। उनके नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। नरसिम्हा राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं।
प्रदर्शन के दौरान नरसिम्हा यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। विपक्षी दलों ने सरकार की नीति और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, वहीं सरकार ने पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पूरे मामले पर एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है। मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूं।'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक तरफ भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत मंडपम में कांग्रेस के युवा संगठन ने शर्मनाक काम किया है। पूरी दुनिया के सामने भारत की छवि को खराब करने का कुत्सित प्रयास किया गया है। हम इसकी कड़ी निंदा करते है।
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