भाजपा ने अभी महाराष्ट्र से 7 में से 4 सीटों के लिए नाम घोषित किए हैं और बिहार से 5 में 2 नाम आए हैं जिनमें पार्टी अध्यक्ष नितिन नबिन भी है।
एक खबर में “आज तक” ने शीर्षक दिया है। “विपक्ष की किन वोटों पर NDA की नज़र? बिहार में राज्यसभा चुनाव की आसान नहीं डगर”। चैनल ने आगे विस्तार में लिखा है कि NDA 4 सीटें आसानी से जीत सकती है, लेकिन पांचवीं सीट के लिए उसे विपक्षी खेमे के तीन विधायकों का समर्थन जुटाना होगा”।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
उधर महाराष्ट्र में 7 में से 6 सीट NDA को आसानी से मिल जाएगी। सातवीं सीट के लिए अभी तक MVA कोई फैसला नहीं कर सकी है। उद्धव के 20, कांग्रेस के 16 और शरद पवार के पास 10 विधायक है जबकि एक सीट जीतने के लिए 41 विधायक चाहिए। सबके अपने अपने दावे हैं लेकिन सुना है चचासुर शरद पवार फिर से राज्यसभा जाना चाहते हैं जबकि उनके पास 10 विधायक है और वो बाकी दोनों दलों पर दबाव डालने की हालत में भी नहीं हैं। उद्धव 20 विधायकों के साथ सीट चाहते है और कांग्रेस तो राष्ट्रीय पार्टी के नाते दावा ठोक रही है। लगता है इस बंदरबांट में वो सीट भी NDA ले जाएगी।
याद कीजिए जब लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी की सीट घेर कर कांग्रेस की 8 महिलाओं ने स्वांग रचा था, तब यह कहा गया था कि वह प्लान शिवसेना (उद्धव) की एक सांसद के सामने जाहिर कर दिया गया था और उसने स्पीकर ओम बिरला को उसकी सूचना दे दी थी।
सवाल यह उठता है कि शिवसेना (उद्धव) की महिला “वो कौन थी”। उद्धव की पार्टी की राज्यसभा और लोकसभा में केवल एक महिला सांसद है प्रियंका चतुर्वेदी। क्या वही थी जिसने स्पीकर को सूचना दी। शायद उसने अपना जुगाड़ राज्यसभा के लिए तो नहीं लगाया था क्योंकि उसका टर्म अब 2026 में ख़त्म हो रहा है और शिवसेना (उद्धव) या MVA से तो राज्यसभा जाना संभव नहीं है। लेकिन अभी तक उसका नाम तो भाजपा से नहीं आया है।
मैंने पहले भी कहा था और फिर कहता हूं बंगाल और केरल में विधानसभा के चुनाव होने से पहले दोनों राज्यों से राज्यसभा के चुनाव कराना नीतिसंगत नहीं है।

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