पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भाई मोहम्मद ताहिर अनवर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। अब तक इस मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है। मोहम्मद ताहिर अनवर की मौत पाकिस्तान के बहावलपुर में हुई। उसकी उम्र करीब 62 साल बताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताहिर अनवर की मौत की पुष्टि खुद जैश-ए-मोहम्मद के आधिकारिक चैनल के जरिए की गई लेकिन आंतकी संगठन ने मौत के कारण को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। न तो बीमारी का जिक्र किया गया है और न ही किसी हमले या घटना की बात कही गई है। इस चुप्पी ने पूरे मामले को और ज्यादा संदिग्ध बना दिया है।
ताहिर अनवर को सोमवार (30 मार्च 2026) देर रात बहावलपुर में स्थित मस्जिद में दफन किया गया। आंतकी संगठन के नए मुख्यालय ‘मरकज उस्मान-ओ-अली’ परिसर में आधी रात के करीब नमाज-ए-जनाजा पढ़ी गई। इस दौरान संगठन के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे जिनमें मसूद अजहर खुद भी शामिल था। इसके अलावा इब्राहिम अजहर, तल्हा अल सैफ, अब्दुर रऊफ और मोहम्मद अम्मार अलवी जैसे आतंकी भी वहाँ मौजूद थे।
जैश-ए-मोहम्मद में था बड़ा रोल
ताहिर अनवर कोई मामूली सदस्य नहीं था बल्कि वह संगठन के सैन्य मामलों का प्रमुख माना जाता था। वह पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। 2001 के बाद से उसने कई ट्रेनिंग कैंपों की स्थापना और संचालन में अहम भूमिका निभाई। हथियारों की सप्लाई और लॉजिस्टिक्स का जिम्मा भी उसी के पास था जिससे वह संगठन की रीढ़ माना जाता था। बताया जाता है कि जैश में शामिल होने से पहले वह पोल्ट्री फार्मिंग करता था और 12 भाई-बहनों में सबसे बड़ा था।
ऑपरेशन सिंदूर में हुआ था घायल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताहिर अनवर पहले भी भारतीय कार्रवाई में घायल हो चुका था। भारत की ओर से बहावलपुर में किए गए हवाई हमलों के दौरान उसे गंभीर चोटें आई थीं। यह हमला ऑपरेशन सिंदूर के तहत किया गया था जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने किया था। पहलगाम में हुए हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। उसी हमले में उसका बेटा हम्माद भी घायल हुआ था। हालाँकि दोनों उस समय बच गए थे।
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