अब कहानी साफ़ हुई : मणिपुर में कांग्रेस की क्या खिचड़ी पकी थी और क्यों मोदी को मणिपुर भेजना चाहती थी कांग्रेस; कांग्रेस का हीरो है मैथ्यू

सुभाष चन्द्र

मणिपुर की हिंसा किसी विशेष वजह से नहीं थी बल्कि कांग्रेस की विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर रची हुई साजिश प्रतीत होती थी आखिर क्यों कांग्रेस के बड़े बड़े नेता प्रधानमंत्री मोदी को मणिपुर जाने की जिद करते थे और क्यों यूरोप के देश भी मणिपुर में रूचि दिखा रहे थे? यह भी याद रहे राहुल गांधी भी उन दिनों बेल्जियम जाकर यूरोपीय यूनियन के नेताओं से मणिपुर पर चर्चा करने गया था उसका मुख्य कारण था मणिपुर की घाटियों में घात लगा कर बैठे कुकी मोदी की हत्या करने में सक्षम थे अब मामला साफ़ होता नज़र आया है

NIA ने CIA के मिशनरी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को मणिपुर म्यांमार सीमा पर कुकी ईसाइयों को भारतीय सुरक्षाबलों से लड़ने की ट्रेनिंग देने के आरोप में पकड़ा है वैनडाइक को कोलकाता हवाई अड्डे पर आव्रजन ब्यूरो ने हिरासत में लिया, जबकि तीन-तीन यूक्रेनी नागरिकों को लखनऊ और दिल्ली के हवाई अड्डों पर हिरासत में लिया गया। ये सभी पर्यटक वीजा पर भारत में दाखिल हुए, गुवाहाटी पहुंचे, फिर मिजोरम गए और बिना अनुमति के प्रतिबंधित क्षेत्र (परमिट) में प्रवेश कर गए प्रतिबंधित क्षेत्र का उल्लंघन करने वाला पर्यटक, ऐसा कभी-कभार हो ही जाता है लेकिन एनआईए का कहना है कि वे म्यांमार में विद्रोही समूहों को पूर्वोत्तर भारत में हमले करने के लिए प्रशिक्षित करने गए थे 

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यह सभी कट्टर क्रिश्चियन है जो कुकी ईसाइयों को भारत सरकार से लड़ने के लिए आतंकवादी ट्रेनिंग दे रहे थे और यह म्यांमार में इनका आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप चल रहा है। 

इन्होंने यूरोप के कई देशों से ड्रोन के पार्ट इंपोर्ट किया और म्यांमार में बाकायदा इन्होंने ड्रोन असेंबली फैक्ट्री लगाई थी जहां ड्रोन को असेंबल कर कुकी आतंकियों को ट्रेनिंग देते थे 

अमेरिका की कुख्यात संस्था सीआईए कई तरीके से काम करती है

जैसे अगर किसी देश की सरकार अमेरिकी हितों के खिलाफ हो तो उसे सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भी अपने लोगों को भेजती है जैसे उन्होंने बांग्लादेश में किया अब मैथ्यू के पीछे मणिपुर और अन्य भारतीय राज्यों में कहां कहां बलवा पैदा करने के लिए कौन था, कह नहीं सकते लेकिन जाहिर कुछ विदेशी शक्तियां निश्चित रूप से थी  

उसने यूक्रेन में भी वहां के नागरिकों को ट्रेनिंग दी थी और रूस में भी वहां के नागरिकों को ट्रेनिंग दिया है उसके बाद यह भारत में टूरिस्ट वीजा पर आया और मणिपुर होते हुए म्यांमार में उसने कई कुकी ट्रेनिंग कैंप चलाएं

कितने बड़े खतरे हैं देश के सामने जिनसे साधारण मानव का जीवन खतरे में पड़ सकता है लेकिन हमारे देश में कुछ संकीर्ण मानसिकता के लोग छोटी मोटी बातों पर अटके रहते हैं अब और कुछ नहीं तो दो दिन की गैस की लाइन से परेशान हो गए जबकि 12 साल से कभी कोई लाइन नहीं देखी लेकिन जो लाइन देखी, वो थी लगातार होने वाले बम धमाकों की, वो याद नहीं और तो और इतने गंभीर विषय पर भी एक दो तो लिख ही देंगे “जू जी छी लौल बैक”

NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क न हो तो देश को कुछ भी अहित हो सकता है - एजेंसियां कोई न कोई रोज साजिश बेनकाब कर रही हैं कल खबर थी दिल्ली से अमृतसर तक सेना की मूवमेंट पर नज़र रखने की पाकिस्तानी साजिश बेनकाब की गई आज खबर है अल-फलाल यूनिवर्सिटी नेटवर्क ध्वस्त होने के बाद जैश ने एक बार फिर रची थी बड़े हमले की साजिश

आज दुनिया भर में तेल और गैस का संकट है लेकिन फिर भी हम बहुत हद तक बचे हुए हैं, कम से कम इतना तो समझना ही चाहिए

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