नेपाल :Gen-Z हिंसा मामले में बालेन शाह सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को किया गिरफ्तार

  नेपाल ने नए PM बालेन शाह(बाएँ), पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली शर्मा (दाएँ) (साभार : News18 & Prabhatkhabar)
नेपाल में शनिवार (28 मार्च 2026) तड़के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को पुलिस ने उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। बालेन शाह के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक एक दिन बाद हुई इस कार्रवाई ने पूरे देश को चौंका दिया है।

यह गिरफ्तारियाँ पिछले साल सितंबर में हुए ‘Gen-Z’ आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और 77 लोगों की मौत के मामले में ‘आपराधिक लापरवाही‘ को लेकर की गई हैं। नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने ओली और रमेश लेखक की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी है। सुधन गुरुंग ने कहा, “वादा, वादा होता है। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। हमने ओली और रमेश लेखक को हिरासत में ले लिया है। यह किसी के खिलाफ प्रतिशोध नहीं है बल्कि न्याय की शुरुआत है।”

कानूनी शिकंजा और चीन की चिंता

दोनों नेताओं पर राष्ट्रीय दंड संहिता की धारा 181 और 182 के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल हो सकती है। केपी ओली की गिरफ्तारी से चीन की टेंशन भी बढ़ सकती है, क्योंकि उन्हें बीजिंग का करीबी माना जाता है।
आयोग ने सिर्फ नेताओं ही नहीं, बल्कि तत्कालीन पुलिस प्रमुख चंद्र कुबेर खापुंग, गृह सचिव गोकर्ण मणि दवाडी और सशस्त्र पुलिस बल के प्रमुख राजू अर्याल समेत कई बड़े अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की है। प्रशासन अब इन हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट पर है।

क्यों हुई गिरफ्तारी?

सितंबर 2025 में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा था। इस आंदोलन में व्यापक हिंसा हुई, संसद जलाई गई और अरबों की संपत्ति स्वाहा हो गई। पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की के जाँच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ओली और रमेश लेखक को दोषी पाया।
रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने लापरवाही बरती, जिससे हालात बेकाबू हुए। शुक्रवार रात कैबिनेट ने इस रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया, जिसके बाद कोर्ट से वारंट जारी हुए।

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