कांग्रेस ने 2005 में ही रख दी थी भारत को इस्लामिक देश बनाने की नींव

आज जो कांग्रेसी खुशी मना रहे है और उनकी खुशी मैं हिंदू शामिल है तो उन  हिन्दुओं को मालूम होना चाहिए कि साल 2005 मैं कांग्रेस एक ऐसा कानून लेकर आई थी जिसे अगर बीजेपी के विरोध की वजह से गिराया नहीं गया होता तो भारत देश आज इस्लामिक राष्ट्र बन गया होता!
यह सच्चाई CAA विरोध में भी सामने आयी थी जब हिन्दुओं की गैर-हाजिरी में मुसलमानों को कहा जाता था कि जब तक भारत इस्लामिक मुल्क नहीं बन जाता तिरंगा थामो भारत माता की जय जय बोल हिन्दुओं को गुमराह करो। इसी CAA में हिन्दुत्व के खिलाफ जितने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल हुआ था अगर उसका .0000001% भी इस्लाम के खिलाफ इस्तेमाल हो गया होता CAA विरोध के जितने भी आन्दोलनजीवी थे कितने जिन्दा बचते कहना मुश्किल था। लेकिन हिन्दू है बेहोश पड़ा है और सनातन का अपमान बर्दाश्त कर रहा है। हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों को विवादित बना दिया। और उनकी वकालत करने खड़ा होता है कपिल सिबल जैसे हिन्दू वकील। 
गौर करने वाली बात है कि यूपीए कार्यकाल में कश्मीर में शंकराचार्य हिल्स को सुलेमान हिल्स नाम दे दिया गया था। अगर बीजेपी ने घोर विरोध किया होता आज उस पूजनीय स्थल को सुलेमान के नाम से जाना जा रहा होता।   
इतना ही नहीं, कांग्रेस अपने समर्थक दलों की सहायता से एक और बिल लेकर आई थी वह भी बीजेपी की वजह से पास नही हो पाया। वह बिल था Anti-Communal Violence Bill, यह बिल भी जीते-जी हिन्दुओं की राम नाम सत्य करने वाला था। इस बिल में दंगा होने पर दंगाई मुस्लिम कट्टरपंथी नहीं पीड़ित हिन्दू साबित होता। वैसा ही खेल कहीं दंगा होने पर दंगाइयों के पकडे जाने पर देखने को मिलता है। गरीब, मजलूम, दिमाग से पागल,भटका हुआ और  मुसलमानों पर जुल्म आदि आदि कहकर बचाव में खड़े हो जाते हैं।          

ये बात गलत नहीं कटु सत्य है। हिन्दू सेकुलरिज्म के नशे में सोकर हिन्दुत्व को ख़त्म करने कांग्रेस और INDI गठबंधन को अपना हितैषी मान रहा है। जिस इन्दिरा गांधी के शौहर फिरोज खान जहांगीर को दफनाया जाता लेकिन उसकी बीबी और बच्चों(राजीव और संजय) का हिन्दू संस्कृति से दाह संस्कार किया गया, क्यों? किस मायाजाल में खोया है हिन्दू?
कांग्रेस पार्टी मे घुसे हिन्दू जाग जाओ। वैसे सोते को जगाना आसान है लेकिन जो जागकर सो रहा है उसे उठाना मुश्किल है। जिस बात को हिन्दू इतने सालों में नहीं समझ पाया मुसलमान मोदी के 11 सालों में समझ गया कि बीजेपी को हराने एकजुट होकर एकतरफा वोट करो जबकि हिन्दू जाति में बंट खुद ही अपने आपको कटवाने में लग कांग्रेस और INDI गठबंधन को वोट कर रहा है। इन पागल हिन्दुओं को मालूम होना चाहिए कि हिन्दुओं से कहीं ज्यादा मुसलमानों में है लेकिन बीजेपी को हराने सभी एकजुट हो जाते हैं। कोई शिया, सुन्नी, वहाबी, अहमदी, पठान आदि नहीं।
मुसलमानों का एक वोट बराबर हिन्दुओं का दो वोट माना जाने वाला नियम
क्या आपको पता है की ये ओवैसी हर सभा में सच्चर आयोग को लागू करने की मांग बार-बार क्यों करता है?
क्या आपको पता है की सच्चर आयोग क्या है और किस पार्टी ने इस आयोग का विरोध किया था?
शायद बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी होगी की यदि बीजेपी ने इसका विरोध नहीं किया होता, तो सच्चर आयोग की रिपोर्ट बहुत पहले ही लागू हो चुकी होती,
अब आते हैं की ये सच्चर आयोग है कौन सी बला है
कहने का मतलब अगर सीधी भाषा मे कहा जाए तो एक मुस्लिम एक वोट डाले तो वो मुस्लिम का एक वोट हिन्दू के दो वोटों के बराबर माना जाए और यही है सच्चर आयोग की मांग का सार
सच्चर आयोग जिसे सन् 2005 में सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के द्वारा कांग्रेस पार्टी ने शुरू किया
सोनिया गांधी ने सन् 2005 भारत के मुसलमानों की आर्थिक स्थिति की समीक्षा के लिए सच्चर आयोग बनाने का आदेश दिया था
अगर इसे सीधे शब्दों में कहा जाए तो कांग्रेस सरकार ने सन् 2005 में ही सच्चर आयोग की स्थापना भारत को पूर्ण रूप से तालिबान जैसा राज्य बनाने के लिए की थी
जिसमे सोनिया गांधी के निर्देशानुसार सच्चर आयोग ने सदन मे एक फर्जी रिपोर्ट पेश की और उस रिपोर्ट मे इस बात का झूठा दावा किया गया की भारत में मुसलमानों की हालत दलितों और आदिवासियों से भी ज्यादा खराब है
और इसके बाद सच्चर आयोग ने मौजूदा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मुसलमानों की स्थिति सुधारने के लिए 10 प्रमुख सिफारिशें दीं,
सच्चर आयोग की सरकार से 10 मुख्य मांगें,
नंबर(1)--- मुसलमानों को उनकी आबादी के अनुसार दोहरे अधिकार दिए जाएं मतलब अगर एक मुसलमान एक वोट डाले, तो उसे हिन्दुओं के दो वोटों के बराबर गिना जाए,
नंबर(2)--- मुस्लिमों को ओबीसी आरक्षण के साथ साथ SC/ST कोटे में भी इन्हें हिस्सा मिले,
नंबर(3)--- यदि कोई मुसलमान किसी बैंक से लोन लेता है तो उसका आधा लोन केंद्र और राज्य सरकार चुकाएं और इसके साथ साथ भारत के कुल बजट का 20% केवल मुसलमानों के लिए रिजर्ब किया जाए,
नंबर(4)--- अल्पसंख्यक मामलों मे मुसलमानों को मंत्रालय के तहत IIT, IIM, और MBBS जैसे क्षेत्रों में भी मुफ्त शिक्षा मिले,
नंबर(5)---इनकी मदरसे की डिग्री को IAS, IPS, PCS और जज की नियुक्ति के लिए भी मान्यता दी जाए,
नंबर(6)--- लोकसभा की 30%और राज्य की विधानसभा की 40%सीटें मुसलमानों के लिए आरक्षित की जाएं वो भी हर राज्य मे
नंबर(7)--- सभी राज्य सरकार के बोर्डों, निगमों और सरकारी नौकरियों में 50% सीटें मुसलमानों के लिए आरक्षित की जाएं,
नंबर(8)--- हर राज्य में मुसलमानों के लिए विशेष औद्योगिक क्षेत्र हो वो भी मुफ्त बिजली, मुफ्त जमीन, और ब्याज मुक्त ऋण के साथ,
नंबर(9)--- मुस्लिम लड़कियों को केंद्र सरकार से 5 लाख रूपए और राज्य सरकार से 2 लाख रूपए मिलें, तथा मुस्लिम लड़कों को स्वरोजगार के लिए 10 लाख रूपए दिए जाएं,
नंबर(10)--- जिन गांवों, कस्बों, शहरों अथवा जिलों में मुसलमानों की आबादी 25% से अधिक हो वहां केवल और केवल मुस्लिम उम्मीदवारों के लिए ही चुनाव क्षेत्र आरक्षित किए जाएं
लेकिन बीजेपी के कड़े विरोध के चलते कांग्रेस का ये सच्चर आयोग लागू नहीं हो सका वरना एक मुस्लिम वोट के मुकाबले दो हिन्दू वोट गिने जाते और भारत की राजनीति और राष्ट्रीय संसाधन पूरी तरह से मुस्लिम समाज को सौंप दिए जाते
कांग्रेस अंग्रेजो का बनाया हुआ इसायत इस्लामिक आतंकवादी संगठन जिसने भारत के तीन टुकड़े किये वो खानदान महान पढ़ाया बताया गया!
नयी संसद बनने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस चोल साम्राज्य के राजदंड की स्थापना की जिसे जवाहरलाल नेहरू ने अपनी जागीर समझ अपने पास रख लिया था। उसका भी कांग्रेस और इसके समर्थक पार्टियों ने विरोध किया था और हिन्दू भी इनके जहर को समर्थन देता रहा।

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