वाकई राहुल गाँधी Leader of Opposition नहीं Leader of Propaganda है पुलिस ने किया सचेत ; अगर यही काम किसी और ने किया होता क्या पुलिस गिरफ्तार करने की बजाए सचेत कर छोड़ देती?


लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में हुई एक घटना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। गाजीपुर पुलिस ने राहुल के आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें फैक्ट चेक किया है। पुलिस ने अपील की है कि वे बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाएँ। 

अगर यही गलत बयानी किसी आम नागरिक ने की होती क्या पुलिस उसको अफवाह फ़ैलाने के जुल्म में गिरफ्तार नहीं करती? फिर राहुल को क्यों नहीं? क्या देश में नेताओं और आम नागरिकों के लिए दो कानून हैं? अगर राहुल के प्रोपेगंडा से वहां दंगा हो गया होता क्या तब भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी होती?   

                               साभार: सोशल मीडिया IHateAAPParty, अप्रैल 26, 2026    
दरअसल राहुल गाँधी ने दावा किया था कि गाजीपुर में विश्वकर्मा समुदाय की एक बेटी के साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई और परिवार को FIR दर्ज कराने से रोकने के लिए धमकियाँ दी गईं। राहुल गाँधी ने कहा कि हर बार पीड़ित कमजोर वर्ग से होता है, अपराधियों को संरक्षण मिलता है और सत्ता में बैठे लोग चुप रहते हैं।

राहुल गाँधी ने लिखा, “जिस देश और प्रदेश में माँ-बाप को अपनी बेटी की FIR लिखवाने के लिए भीख माँगनी पड़े, उस देश की सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं। मोदी जी, मुख्यमंत्री जी जवाब दीजिए आपके राज में बेटियाँ इतनी असुरक्षित क्यों हैं?” गाजीपुर पुलिस ने राहुल गाँधी के आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए खारिज किया है।

गाजीपुर पुलिस ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “कृपया सही तथ्यों से संज्ञानित हों। 15 अप्रैल 2026 की सुबह 5:44 बजे मृतका के पिता ने डायल 112 पर कॉल करके बताया था कि लड़की ने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली है।” पुलिस ने आगे लिखा, “प्रकरण में मृतका के पिता की तहरीर पर दर्ज FIR में भी रेप का कोई उल्लेख नहीं है। मृतका के पीएम में भी कोई बलात्कार संबंधी तथ्य नहीं आया है।”

पुलिस ने राहुल गाँधी को आगाह करते हुए कहा कि कृपया कोई ऐसी असत्यापित, तथ्यहीन एवं भ्रामक अफवाह ना फैलाएँ जिससे समाज में शांति भंग हो। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले में हत्या के एक आरोपित समेत पथराव करने वाले 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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