उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ उसके अब्बू और चाचा द्वारा कई महीनों तक रेप किए जाने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, लड़की के चाचा ने करीब चार महीने तक उसे धमकाकर और जान से मारने की धमकी देकर कई बार शारीरिक शोषण किया।
जब पीड़िता ने हिम्मत करके यह बात अपने अब्बू को बताई, तो उसने मदद करने के बजाय खुद भी उसके साथ दुष्कर्म किया। इस तरह नाबालिग अपने ही परिवार में लगातार शोषण का शिकार होती रही।
अब्बू से न्याय मांगने पर भी मिली दरिंदगी
जब किशोरी ने हिम्मत जुटाकर अपने अब्बू फरमान को चाचा की करतूतों के बारे में बताया, तो रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करते हुए कलयुगी अब्बू ने भी अपनी बेटी का बलात्कार किया। कई महीनों तक यह सिलसिला चलता रहा, जिससे तंग आकर किशोरी ने शामली में रहने वाली अपनी खाला से संपर्क साधकर आपबीती सुनाई।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी अम्मी काफी समय पहले अब्बू की हरकतों से तंग आकर घर छोड़कर जा चुकी थी। माँ की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए सबसे पहले चाचा आसिफ ने पिछले 4 महीनों से उसे जान से मारने की धमकी देकर लगातार दुष्कर्म करता रहा। लेकिन अब्बू से मदद मिलने की बजाए अब्बू ने भी बलात्कार करना शुरू कर दिया।
मुजफ्फरनगर में 14 साल की लड़की के साथ अपने पिता
— The Hindu Association (@HinduAsociation) May 3, 2026
फरमान और चाचा आसिफ ने सालों तक किया दुष्कर्म
इन हैवानो ने इसे फुसलाया क़ैद किया जब विरोध किया
तो उसे जान से मारने की धमकी दी
हिंदू लकड़ियों देखो उनकी ख़ुद की बेटी उनसे सेफ़ नहीं
हर अब्दुल हवस का मौलाना है ..जागो मेरी बहनो 🙏 pic.twitter.com/il6tv3hnx2
लड़की की अम्मी पहले ही घर छोड़ चुकी थी, जिसके कारण वह अकेली रह गई थी। बाद में पीड़िता ने अपनी खाला को पूरी घटना बताई, जिसके बाद गुरुवार (30 अप्रैल 2026) को वह पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुँची। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस ने बीएनएस की धारा 65(1), 115(2), 351(3) और 5/6 पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी अब्बू फरमान और चाचा आसिफ को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज किया जा रहा है और मामले की गहराई से जाँच की जा रही है। पुलिस ने POCSO एक्ट सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
इस जघन्य मामले पर विभिन्न राजनीतिक दलों और महिला संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विपक्षी दलों ने कहा कि प्रदेश में बेटियाँ घर में भी सुरक्षित नहीं हैं, जो सरकार की विफलता को उजागर करता है। अब कोई इन से पूछे कि जब घर वाले ही अपनी बच्ची का बलात्कार कर रहे हैं तो सरकार कहाँ से बीच में आ गयी?
सत्तापक्ष ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने पीड़िता के पुनर्वास और मनोवैज्ञानिक सहायता की तत्काल व्यवस्था की माँग की है।
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