गधे के मांस के लिए चीन ने पाकिस्तान में जिस प्रोसेसिंग प्लांटको खोला था उस पर लग गया ताला: कंगाल मुल्क का पैसा कमाने का सपना टूटा

                                                                                                                  साभार - ऑपइंडिया इंग्लिश
पाकिस्तान के ग्वादर में चीन की एक बड़ी कंपनी ने अचानक अपना गधा स्लॉटरहाउस और प्रोसेसिंग प्लांट बंद करने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने सभी कर्मचारियों को निकाल दिया है और इसके पीछे सरकारी अड़चनें, एक्सपोर्ट रुकना और भारी आर्थिक नुकसान को वजह बताया है। यह प्रोजेक्ट चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत शुरू किया गया था और इसे एक बड़े निवेश के तौर पर देखा जा रहा था।

सरकारी अड़चनें और रुका एक्सपोर्ट बना कारण

हैंगेंग ट्रेड कंपनी ने शनिवार (2 मई 2026) को जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह अब पाकिस्तान में अपना काम जारी नहीं रख सकती। कंपनी के मुताबिक, उसने चीन के कस्टम और अंतरराष्ट्रीय HACCP फूड सेफ्टी के सभी नियमों का पालन किया था, इसके बावजूद उसे एक्सपोर्ट की मंजूरी नहीं मिली।

कंपनी ने साफ कहा कि समस्या तकनीकी नहीं, बल्कि सिस्टम से जुड़ी है। लगातार ब्यूरोक्रेटिक रुकावटें और नीतियों के लागू होने में अनिश्चितता के कारण काम प्रभावित हुआ। पिछले तीन महीनों में कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिसमें कर्मचारियों की सैलरी, बिजली बिल, कॉन्ट्रैक्ट पेनल्टी और कंटेनर चार्ज शामिल हैं।

7 मिलियन डॉलर का निवेश, अब निवेशकों को चेतावनी

इस प्रोजेक्ट में कंपनी ने करीब 7 मिलियन डॉलर (लगभग 50 मिलियन युआन) का निवेश किया था। प्लांट की क्षमता सालाना 3 लाख गधों को प्रोसेस करने की थी, जिनका मांस और खाल चीन भेजी जानी थी। चीन में इनका इस्तेमाल खासतौर पर पारंपरिक दवा एजियाओ बनाने में होता है।

हालाँकि कंपनी ने पाकिस्तान के कुछ अधिकारियों की सराहना भी की लेकिन साथ ही दूसरे चीनी निवेशकों को चेतावनी दी कि निवेश से पहले नीतिगत खामियों और संस्थागत अनिश्चितताओं का आकलन जरूर करें।

कंपनी ने अपने कर्मचारियों से माफी माँगते हुए कहा कि मौजूदा हालात में वह उन्हें रोजगार देने में असमर्थ है। यह प्रोजेक्ट 2023 में शुरू हुआ था और इससे पाकिस्तान को विदेशी मुद्रा और रोजगार मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब इसका बंद होना CPEC प्रोजेक्ट्स पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

No comments: