साभार: NDTV
तेलंगाना के वारंगल में विकास के नाम पर विनाश का एक खौफनाक मामला सामने आया है। प्रशासन ने एक स्कूल बनाने के लिए खानापुर में काकतीय काल के करीब 800 साल पुराने प्राचीन शिव मंदिर को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। इस घटना के बाद इतिहासकारों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश है, जिसके बाद केंद्र सरकार और पुरातत्व विभाग ने केस दर्ज कर लिया है।
इतिहास पर चला दिया बुलडोजर
यह मंदिर महज पत्थर की दीवारें नहीं, बल्कि 13वीं शताब्दी की अनमोल विरासत थी। यह महान काकतीय राजा गणपतिदेव के शासनकाल का प्रतीक था। मंदिर परिसर में फरवरी 1231 ईस्वी का एक दुर्लभ शिलालेख भी था, जिसमें राजा को ‘महाराजाधिराज’ बताया गया था। प्रशासन की एक लापरवाही ने सदियों पुराने इस गौरवशाली इतिहास को मिट्टी में मिला दिया।
MAHA-PAAP! 800-YEAR-OLD HINDU MANDIR BULLDOZED!
— Treeni (@treeni) May 8, 2026
800-year-old Kakatiya-era Shiva Mandir has been bulldozed to build a Govt school in Warangal, Telangana.
District administration claims it was not protected and promises restoration, but historians slam the destruction of… pic.twitter.com/3bRHdowh5J
प्रशासन की बेतुकी सफाई और शिकायत
विवाद बढ़ता देख जिला प्रशासन अब लीपापोती में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि वहां केवल ‘जर्जर अवशेष’ थे और वह जगह ‘संरक्षित स्मारक’ में दर्ज नहीं थी। हालाँकि, रिकॉर्ड बताते हैं कि 1965 में ही हेरिटेज विभाग ने इसे डॉक्युमेंट किया था। इस मामले में अधिवक्ता रामाराव ने राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण में शिकायत की है, जिसके बाद अधिकारियों पर ‘तेलंगाना हेरिटेज एक्ट’ की धारा 30 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की माँग की जा रही है।
No comments:
Post a Comment