बांग्लादेशी तुम्हारे हैं, वो तो लेने पड़ेंगे; हिंदुस्तान में घुसने के लिए किसने कहा था; कट्टरपंथी समाजवाद की नसीहत अपने पास रखें

सुभाष चन्द्र

दूसरों को नसीहत देना बहुत आसान है, आज पलटवार होने के डर से नसीहत देते शर्म नहीं आ रही। कल जब बांग्लादेश में तुम जालिम इंसानियत का नंगा नाच खेल रहे थे हिन्दुओं के दुश्मनों तब ख्याल नहीं आया कि कल पलटवार होने पर हमारे मुसलमानों का क्या हश्र होगा। अंजाम भुगतने को तैयार रहो। शराफत से भारत में घुसे सारे बांग्लादेशियों को वापस बुला लो भलाई इसी में है।   

बांग्लादेश की पार्टी जमात-ए-इस्लामी के अमीर डॉक्टर शफीकुर्रहमान ने शनिवार(मई 9) को कहा कि वे भारत सरकार से अपील करेंगे कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के साथ धर्म, जाति या नस्ल के आधार पर भेदभाव या हिंसा न हो।  

उन्होंने आगे कहा कि “किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाना गलत है और इसे रोका जाना चाहिए रहमान ने कहा कि दुनिया में कहीं भी निर्दोष लोगों पर अत्याचार होगा तो वे उनके खिलाफ आवाज उठाएंगे उन्होंने खास तौर पर पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा पीड़ित लोगों के साथ खड़े रहेंगे”

लेखक 
चर्चित YouTuber 
आज जमात-ए - इस्लामी नेता को धर्म, जाति और नस्ल के आधार पर निशाना बनाना याद आ रहा है जबकि यही संगठन भारत का धुर विरोधी है और जब यूनुस के समय में हिंदुओं पर बांग्लादेश में बर्बरता हो रही थी, उनके घर जलाए जा रहे थे, मासूम महिलाओं के रेप हो रहे थे, हिंदुओं को क़त्ल किया जा रहा था, नंगा कर पेड़ों पर लटका कर फांसी दी जा रही थी, तब जमात नेता को ये बातें याद नहीं आ रही थी और बांग्लादेश में जमात-ए -इस्लामी समेत कोई संगठन हिंदुओं की मदद के लिए आगे नहीं आया तब किसी पीड़ित के साथ क्यों नहीं खड़े हुआ डॉ रहमान जो आज दर्द छलक रहा है क्या हिंदुओं को आप “पीड़ित” नहीं मानते उन्हें तो आपने 1947 के बाद से बांग्लादेश में कितना ख़त्म किया है, यह आप अच्छी तरह जानते हैं

बांग्लादेश से करोड़ों लोग भारत में घुसपैठ किए और भारत की डेमोग्राफी बदल कर रख दी लेकिन अब उन्हीं अपने लोगों को बांग्लादेशी नेता और वर्तमान सरकार वापस नहीं लेना चाहती

 अब उन्हें धर्म और जाति के नाम पर शोषण दिखाई दे रहा है बांग्लादेश की सरकार ने तो यह भी कहा है कि दोनों देशों के संबंध मधुर रखने के लिए भारत संयम से काम ले मतलब हमारे लोगों को भारत में ही रहने दे कल यूनुस के समय में बांग्लादेश पाकिस्तान की गोद में बैठ कर अपने सैनिकों को भारत से लड़ने के लिए पाकिस्तान की आर्मी से ट्रेनिंग दिला रहा था

ऐसा कहते हैं कि NSA अजित डोभाल बांग्लादेश जा कर वहां की सरकार को साफ़ शब्दों में कह आए हैं कि घुसपैठियों को वापस लेने के लिए अपने बॉर्डर खोल कर रखिए

इस बीच कुछ वीडियो सोशल मीडिया में आ रहे हैं जिसमें दिखाया जा रहा है कि हजारों की संख्या में बंगाल से बांग्लादेशी बोरिया बिस्तर उठाए बांग्लादेश जा रहे हैं

इसके साथ यह भी सूचना आ रही है कि बंगाल की नई शुभेंदु सरकार ने BSF को 600 एकड़ भूमि देने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं जिससे बची हुई बांग्लादेश से लगते बॉर्डर पर fancing का काम पूरा हो सके और घुसपैठ पर अंकुश लगाया जा सके यह भूमि ममता बनर्जी ने देने से मना कर दिया था और वही इलाका है जहां से अभी तक घुसपैठ हो रही है

बांग्लादेश को अपने नागरिक वापस तो लेने पड़ेंगे प्यार से लेगा तो ठीक है वरना जबरन भेजे जाएंगे

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