पौराणिक गाथा : माँ चण्डिका जयंती


माँ चण्डिका जयंती देवी दुर्गा के उग्र और शक्ति-स्वरूप माँ चण्डिका के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है। इन्हें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का एकीकृत रूप माना जाता है

2026 में तिथि
इस साल माँ चण्डिका जयंती शुक्रवार, 1 मई 2026 को वैशाख शुक्ल चतुर्दशी तिथि पर पड़ रही है
माँ चण्डिका कौन हैं?
स्वरूप: दुर्गा सप्तशती के अनुसार माँ चण्डिका दुष्टों का संहार करने वाली और भक्तों की रक्षा करने वाली देवी हैं
महिमा: शास्त्र कहते हैं कि माँ की उग्रता भक्तों के लिए सुरक्षा कवच है। वे भय, बाधा और शत्रुओं का नाश करती हैं
अन्य नाम: प्रचंड चण्डिका, माँ छिन्नमस्ता, येल्लम्मा, रेणुका माता
महत्व और लाभ
भय-बाधा नाश: इस दिन पूजा से डर, तनाव, नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र-बाधा दूर होती है
शक्ति-साहस: साधक को आत्मबल, साहस और विजय का आशीर्वाद मिलता है
आरोग्य-सौभाग्य: स्तुति में “रूपं देहि जयं देहि, यशो देहि” की कामना की जाती है
पूजन विधि
स्नान-शुद्धि: सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें, संकल्प लें
स्थापना: माँ चण्डिका/दुर्गा की मूर्ति या चित्र चौकी पर रखें
दीप-पुष्प: घी का दीपक जलाएं, लाल गुड़हल या गुलाब अर्पित करें
भोग: नारियल, लाल मिठाई या सात्विक नैवेद्य चढ़ाएं
मंत्र जाप: बीज मंत्र “ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” का जाप करें
पाठ: दुर्गा सप्तशती के मध्यम चरित्र का पाठ या चण्डिका स्तुति करें
समय: सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में पाठ विशेष शुभ
प्रमुख स्तुति
“ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते॥”
कहाँ-कैसे मनाते हैं
महाराष्ट्र: सतारा के जावळी तालुका में 22 अगस्त को श्री चंडिका माता जन्मोत्सव भव्य पालकी यात्रा, भजन-जागरण के साथ मनाते हैं
उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग, हिमालयी गाँवों में माँ चण्डिका की बड़ी प्रतिमा के साथ जुलूस, लोक नृत्य और “जय माँ चण्डिका” के जयकारे लगते हैं
रीवा, मध्य प्रदेश: पंचमूर्ति चण्डिका सिद्धपीठ में माँ का विशेष पूजन होता है
सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है
इस साल 1 मई को शक्ति पाने का “सबसे खास दिन” बताया जा रहा है। लोग डर खत्म करने और बाधा दूर करने के उपाय शेयर कर रहे हैं। इंस्टाग्राम पर माँ चण्डिका के जुलूस और भक्ति रील्स खूब वायरल हैं
संक्षेप में: 1 मई 2026 को माँ चण्डिका जयंती है। लाल फूल, घी का दीपक, चण्डिका मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ से माँ की पूजा करें। ये दिन साहस, विजय और नकारात्मकता से मुक्ति के लिए माना जाता है।
जय माँ चण्डिका 🙏

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