गृह मंत्री अमित शाह ने देश भर में घुसपैठ और उसके कारण कई भागों खासकर सीमावर्ती इलाकों की Demographic Change समस्या से निपटने के लिए High Power Committee का गठन किया है। इसके अध्यक्ष होंगे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नावलेकर और सदस्य होंगे पूर्व IAS दुर्गा शंकर मिश्र; पूर्व IPS बालाजी श्रीवास्तव और डॉ शमिका रवि जो प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति की सदस्य भी हैं।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी समिति के गठन की बात 15 अगस्त के अपने भाषण में भी कही थी और अमित शाह ने अब बीड़ा उठाया है। समय भले ही लगेगा लेकिन अमित शाह ने जैसे नक्सलवाद को लगभग ख़त्म कर दिया, वो इस समस्या का भी हल निकाल कर रहेंगे।
लेकिन समस्या अत्यंत गंभीर है जो केवल भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में व्याप्त है। इस्लामिक देशों से मुस्लिम यूरोप, अमेरिका और भारत में घुसे हैं कभी शरणार्थी बनकर और कभी घुसपैठ करके और भारत में तो उनकी पैरवी करने वाले तमाम सेकुलर दल हैं और अनेक नामीग्रामी वकील खड़े हो जाते हैं।
भारत को गज़वा-ए-हिंद बनाने की बात करते हैं तो अमेरिका को भी अब इस्लामिक राष्ट्र बनाने की बात करने लगे हैं और यूरोप को भी इस्लामिक यूरोप बनाने का षड़यंत्र चल रहा है लेकिन अमेरिका और यूरोप के दिलों में भारत के अल्पसंख्यकों के लिए दर्द कुछ ज्यादा ही रहता है।
भारत में एक तरफ बड़ी मुस्लिमों की आबादी बढ़ाई गई है तो दूसरी तरफ योजनाबद्ध तरीके से मस्जिदें और दरगाह बनाई गई हैं। शहर के शहर मुस्लिम आबादी ने घेर लिए हैं। मुंबई चारों तरफ से इस कदर घेरा हुआ है कि अगर दंगा हो जाए तो हिंदुओं को न मुम्बई में घुसने का मार्ग मिलेगा किसी की रक्षा के लिए और न हिंदुओं को बाहर निकलने का मार्ग मिलेगा।
आपने देखा होगा हर हिंदू त्योहारों की शोभा यात्राओं पर पथराव होता है और बहाना दिया जाता है कि शोभायात्राओं के शोर से हमें मस्जिद में परेशानी होती है। कैसे न होगी जब हर मार्ग पर मस्जिद खड़ी कर दी गई हैं। इसलिए बरेली का मौलाना तौकीर रजा कहा करता था कि अगर हमारे लड़के सड़कों पर आ गए तो हिंदुओं को निकलने का भी रास्ता नहीं मिलेगा।
अभी अमित शाह के मार्गदर्शन पर शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में घुसपैठियों को निकालने का अभियान चलाया है और हज़ारों बांग्लादेशी बांग्लादेश की तरफ भाग भी रहे हैं। लेकिन रोहिंग्या और बांग्लादेशी केवल बंगाल तक ही सीमित नहीं हैं। वहां से तो घुसते है और फिर देश भर भी फ़ैल जाते हैं। असली कॉकरोच तो रोहिंग्या और बांग्लादेशी हैं जो भारत के हर प्रान्त में मिल जाएंगे।
और इसलिए बांग्लादेशी और रोहिंग्या को ढूढ़ने का यह अभियान पूरे देश में चलना चाहिए। दिल्ली में तो कॉलोनियां ही ऐसी बन गई हैं जहां 80-85% मुस्लिम मिल सकते हैं। लेकिन दिल्ली में बीजेपी सरकार सो रही है।
दरअसल आधार कार्ड देते हुए ही पूरी जांच होनी चाहिए। जो एजेंसियां ऐसे कार्ड बनाती हैं उन पर ही निगरानी की जरूरत है।
बंगाल में शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि जो भी बांग्लादेशी हैं, खुद ही चले जाएं वरना पकडे गए तो Detention Center में डालकर जांच होगी। ऐसा आदेश पूरे भारत के लिए दिया जाना चाहिए। रेलवे की भूमि पर जहां भी अवैध कब्ज़ा है, उन इलाकों में खासकर यह आदेश लागू करने की जरूरत है।

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