जब देश में राजनीति होती है देश की वास्तविक समस्याओं का समाधान होने की आशा होती है लेकिन जब सियासत होती है देश के लिए घातक होती है। 2000 से नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखते ही घिनौनी सियासत खिलनी शुरू हो गयी। और निचले स्तर पर गिर चुकी है कि मोदी-योगी-अमित विरोधी इनका विरोध करते-करते भारत विरोधी ताकतों की कठपुतली बन नाच रहे हैं। देशहित में जनता को जागरूक होकर विपक्ष को उसकी औकात दिखानी होगी।INDI गठबंधन में शामिल सारी पार्टियों को एक बात अब तक समझ आ जानी चाहिए कि जब तक कांग्रेस की गुलामी करती रहेंगी क्षेत्रीय पार्टी भी नहीं रहेंगी। कांग्रेस के साथ-साथ इन सबका डूबना तय है, या तो विपक्ष देश विरोधियों को ठोकर मार देश और जनहित में काम करे या फिर खुद किसी अंधे कुँए में चले जाएं। जॉर्ज सोरोस जैसे भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
नॉर्वे की कथित पत्रकार Helle Lyng को प्रधानमंत्री मोदी से नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त बयान में सवाल पूछने के लिए कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी ने plant किया था, ये कांग्रेस के इको सिस्टम के मचाये बवाल से सिद्ध हो गया लेकिन Lyng ने कांग्रेस का ही चीरहरण करा दिया।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
अब राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दुमछल्ले घाघरा उठा कर नाचने लगे। इतना ही नहीं अभिसार शर्मा ने भी मोदी से सवाल पूछने चाहे लेकिन उसे भी कोई भाव नहीं दिया गया। उसको तो कांग्रेस की वकालत करने वाले तहसीन पूनावाला ने रगड़ दिया और उसकी पोल खोलते हुए कहा कि आपने तो अडानी से मिल कर उनसे माफ़ी मांगने की कोशिश की थी। पूनावाला ने कहा कि वो तो रोज टीवी चैनल्स पर सरकार की और मोदी की निंदा करता है लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सुप्रिया श्रीनेत और भोंकी की है। उसने कहा एक पत्रकार ने नॉर्वे में सवाल किया मोदी जी ऐसा दुम दबाकर भागे मानो पीछे कोई भूत लग गया हो। उनको डर लगा कहीं एपस्टीन या अडानी पर कोई सवाल न पूछ ले। सोचिए अगर भारत मीडिया सवाल पूछना शुरू कर दे तो मोदी जी की क्या हालत होगी? लेकिन यहां मीडिया नहीं ‘चरण चुंबक हैं”। कमीनों एक दिन बता ही दो एपस्टीन फाइल में मोदी के लिए क्या लिखा है जो तुम रोज भौंकते हो कुत्तों की तरह।इस बात पर तो हमारे मीडिया को उसे चरण चुंबक कहने पर सुप्रिया की बखिया उधेड़ देनी चाहिए। सुप्रिया भूल गई कि मोदी ने 2024 चुनाव से पहले 50 चैनलों को इंटरव्यू दिए लेकिन राहुल गांधी ने कभी किसी चैनल से बात बात नहीं की। उसे डर रहता है कहीं अर्णव गोस्वामी की तरह कोई उसकी खाल ना खींच ले। अर्णव ने राहुल का इंटरव्यू 27 जनवरी 2014 को लिया था और तब से राहुल का पिछवाड़ा सूजा हुआ है।
आज वही Lyng खुद कबूल कर रही है कि उसे पता था कि जॉइंट ब्रीफिंग में सवाल नहीं पूछने चाहिए। लेकिन फिर भी पूछा और अप्रैल, 2024 के बाद पहली बार धड़ाधड़ उसके पोस्ट X पर आने लगे। कौन था फिर उसके सवाल पूछने के पीछे? ऐसा तो नहीं सितंबर, 2023 के अपने नॉर्वे के दौरे में ही राहुल गांधी पहले ही सेटिंग कर आया हो और आज वह सामने आया? Lyng किसी न्यूज़ पोर्टल की Political Commentrator है कोई पत्रकार नहीं है और ऐसा बताया गया है उस पोर्टल की फंडिंग जॉर्ज सोरोस करता है। तो लिंक अपने आप जुड़ गया राहुल गांधी से।
आपको याद होगा 22 जून, 2023 को White House में मोदी और बाइडन की Rare Joint Press Conference में The Wall Street Journal की पत्रकार सबरीना सिद्दीकी ने भी मोदी को घेरने की कोशिश की थी और पूछा था अल्पसंख्यकों के अधिकारों और freedom of speech के लिए आपकी सरकार क्या कदम उठा रही है? उस वक्त मोदी ने उसे ठोक कर जवाब दिया था कि भारत में सभी को बोलने की आज़ादी है और हर किसी समुदाय के अधिकार सुरक्षित हैं।
राहुल गांधी विदेश जाता है तब भी भारत की निंदा करता है और भारत को नीचे दिखाता है और भारत में रहकर भी विदेशी घटनाओं पर भारत और केवल मोदी को बदनाम करता है।
कांग्रेस के हरामखोर नेता यह देख कर जले भुने रहते हैं कि जिस मोदी को हम सुबह शाम, दिन रात गाली बकते है, उसे 32 देशों ने अपने सर्वोच्च सम्मान कैसे दे दिए।

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