उन्होंने कहा था, "जाओ और शुभेंदु से पूछो कि दिलीप मंडल कौन है। जाओ अर्जुन सिंह से पूछो कि दिलीप मंडल कौन है।"
बाद में पुलिस ने FIR दर्ज की और उनके घर पर छापा मारा। मंडल पिछले दरवाज़े से भाग निकले और भागते समय एक नाले के ऊपर से कूद गए गिरते पड़ते भागे।
पिछले चार दिनों से वह फ़रार हैं।
पुलिस ने उनके बेटे और चार अन्य लोगों को अवैध हथियार रखने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में गिरफ़्तार किया है।
आपको बताते चलूँ की मण्डल ममता बनर्जी के करीबी हैं बात इनके शान ओ शौकत की करें तो माशा अल्ला वो तो इनके पेट से बड़ी है 3 तो अलीशान महलनुमा घर नही रिज़ॉर्ट हैं अत्याधुनिक सुविधाओ से लैस। तीनो की वैल्यू कम से कम 400 करोड़ तो होगी ही।
उसके बावजूद आजतक दलित शोषित वंचित हैं। बेचारे दलितों का माल हक और अधिकार खाकर मोटे हो गए हैं। उसके बावजूद उनका खून चूसने मे ये भी पीछे नहीं हैं।
क्या भारतीय संविधान इसकी इजाजत देता है?
आप लखपति नही करोड़पति नही अरबपति नही खरबपती हो अथवा CM,PM, PRESIDENT,
यही लोग ज्यादा चिल्लाते हैं की देखो देखो पण्डित जी राजपूत साहेब तुम्हारा आरक्षण हक अधिकार खा रहे हैं संविधान बचाओ लोकतंत्र बचाओ ये बचाओ वो बचाओ
ये तो नहीं न कहेंगे हमसे खुद को बचाओ? असली दलित पिछड़े बेचारे इनको मसीहा समझते हैं।
अगर ऐसे लोग मसीहा हैं तो फ़िर लुटेरा कौन है?
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