कहने को “कॉकरोच” हैं लेकिन आवारा कुत्तों से कम नहीं हैं जो केवल भोंकना जानते हैं; 350-375 लोग करोड़ों Gen Z को भड़काने चले थे

साभार: सोशल मीडिया  
सुभाष चन्द्र

अभिजीत दिपके को पता नहीं था कि सामने अमित शाह है जिसने उसकी हवा निकाल दी। दिपके की “कॉकरोच जनता पार्टी” का लक्ष्य संसद मार्ग थाने जाकर उत्पात करना था लेकिन दिल्ली पुलिस उसे Permission letter पकड़ा दिया जिसमें कहा गया कि जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर सकते हो। इसी से सारे मंसूबों पर पानी फिर गया। 

Gen Z को विद्रोह के लिए उकसाने चले थे लेकिन मुश्किल से 350-375 लोग ही जुड़ पाए दिपके के साथ और लोग भी ऐसे जिन्हे पता नहीं क्या बोलना है। सारी भीड़ में इन थोड़े से कॉकरोचों के अलावा 200 पत्रकार थे, 500 कैमरामैन, 1000 यूटूबर और 5000 पुलिस वाले। कॉकरोचों को ये भी नहीं पता था कि अभिजीत का सहयोगी सौरभ दास कौन है जिसे पहले ही पुलिस ने रगड़ा दे रखा था

एक लड़की चीख रही थी 5वीं-6ठी फेल मंत्री बने हुए है जो अपने बच्चो को विदेश में पढ़ाते हैं। जब उसे पूछा कि अभिजीत दिपके कौन है तो कहती है वो अमेरिका में रहते हैं पढ़ते हैं लेकिन इससे उनके नागरिक होने के अधिकार ख़त्म नहीं होते। और तो और यह भी कह दिया सुभाष चंद्र बोस ने भी विदेश में रह कर देश की सेवा की थी। यानी एक टुच्चे अभिजीत दिपके की तुलना सुभाष चंद्र बोस से कर दी। और फिर मंत्री के बच्चे अगर सरकारी स्कूल में भेजना चाहते हो तो दिपके अमेरिका में क्यों पढ़ रहा है? 

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चर्चित YouTuber 
इससे भी बड़ी बात NEET का मतलब भी नहीं बता सकी - एक अर्धनग्न सी लड़की कह रही थी “हम अपनी डिमांड मांगने आए हैं कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ”। अब बताओ डिमांड मांगी जाती है या की जाती है। उनका नेता दिपके गर्मी के मारे प्रदर्शन छोड़ कर भाग खड़ा हुआ।

इसलिए मैंने कहा कि कहने को तो ये कॉकरोच हैं लेकिन भौंकने वाले आवारा कुत्तों से कम नहीं हैं जो भारत को नेपाल और बांग्लादेश समझ कर Gen Z को भड़काना चाहते हैं। इनके बाप केजरीवाल की पार्टी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। ये तो अभी आए हैं और पहला ही प्रदर्शन फेल हो गया जबकि किसान आंदोलन तो डेढ़ साल चला लेकिन उसके नेता पंजाब चुनाव में अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। 

विपक्ष खुद कुछ नहीं कर सका मोदी को हटाने के लिए तो इन कॉकरोचों से उम्मीद लगाए बैठा है जबकि विपक्ष का इंडी गठबंधन छिन्न भिन्न हो रहा है। राहुल गांधी आस लगाए बैठा है एक साल में मोदी सरकार गिर जाएगी। मैंने एक लेख में लिखा था कि वो ज्योतिषियों की बात पर भरोसा कर रहा है और कल उसकी मुंहफट सुप्रिया श्रीनेत से जब पूछा गया कि सरकार कैसे गिरेगी तो कहती है मोदी जी खुद ही पद छोड़ देंगे। 

अब भारत का Gen Z क्यों खड़ा होगा जब भारत की जीडीपी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सबसे तेज गति से बढ़कर 2025-26 में 7.7% रही है जिसमें सबसे बड़ा योगदान मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर का रहा है। और ये योगदान Gen Z और उद्योगों की वजह से होता है लेकिन राहुल गांधी को जनता का सारा पैसा अडानी की जेब में जाता दिखाई देता है।

 

इतना ही नहीं जिस मोदी को हटाने की मुहिम चला रहा राहुल गांधी, विपक्ष और अब ये कॉकरोच पार्टी, उसके लिए कल पुतिन ने कहा है कि मोदी मजबूत नेता हैं, उन्हें कोई दबा नहीं सकता और भारत हमारा सबसे भरोसे वाला मित्र है। इतना ही नहीं 5th Generation fighter jets SU 57 भी भारत को देने का वादा करते हुए यह भी कहा कि Jets का प्रोडक्शन रूस भारत के साथ भारत में ही करेगा

उधर डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि मोदी मेरे सबसे अच्छे मित्र हैं और अमेरिका-भारत की ट्रेड डील जल्दी ही साइन हो जाएगी

ऐसे में जब भारत आर्थिक रूप से सशक्त है, तो Gen Z क्या पागल है जो उन बेवकूफों के बहकावे में आकर भारत में विद्रोह करेगा

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