पाकिस्तान ने माना था इस्लामाबाद हाई कोर्ट में कि POJK (गुलाम कश्मीर) पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है; वहां के लोगों पर तो पाक की गोलियां चलेंगी ही लेकिन वो लोग कल भारत या मोदी का भी साथ नहीं देंगे

सुभाष चन्द्र

भारत ने जम्मू & कश्मीर विधानसभा में 24 सीट POJK के लिए खाली रखी हुई है। अभी विधानसभा में 95 सीटें हैं जो POJK के भारत में मिलने के बाद 123 हो जाएंगी लेकिन एक गंभीर विषय विचार करने योग्य है कि अगर POJK को भारत में मिलाने के लिए  कोशिश की जाती है तो क्या वहां रहने वाले 46 लाख लोग मोदी का साथ देंगे और क्या भारत के प्रति वफादार रहेंगे? मुझे ऐसा नहीं लगता 

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वो लोग तो जम्मू कश्मीर के 86 लाख मुस्लिमों के साथ मिलकर नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी में बंट जाएंगे कश्मीर का क्या पूरे भारत का मुसलमान मोदी को वोट नहीं देता लेकिन सुविधाएं सब लेता है कश्मीर के मुस्लिम ईरान के लिए 600 करोड़ रुपया और गहने दे सकते हैं लेकिन क्या कभी भारत के लिए एक पैसा भी दिया है? भारत की सेना पर तो पत्थरबाजी करते थे 

एक बात स्मरणीय है कि 95% मुस्लिमों ने पाकिस्तान बनाने के लिए वोट किया था लेकिन अधिकांश भारत में ही रह गए, पाकिस्तान नहीं गए और आज वो भारत के साथ नहीं खड़े बांग्लादेश को भारत ने पाकिस्तान के चंगुल से आज़ाद कराया लेकिन मोहमद यूनुस की सरकार पाकिस्तान के साथ मिल गई और अपनी आज़ादी के लिए भारत के योगदान को नकार दिया जबकि पाकिस्तान ने अपने ही प्रान्त के लोगों पर बर्बरता करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी

 

आज जम्मू कश्मीर का मुसलमान भी भारत से पूरी मदद पाकर भी दिल से भारत के साथ नहीं है तो POJK और बलूचिस्तान वाले भी कल को आज़ाद होने के बाद सब अत्याचार भूल कर भारत के साथ खड़े नहीं होंगे यह एक कड़वा सच है जो सभी मुस्लिमो को मानना होगा

मुस्लिमों का जितना दिल पाकिस्तान के लिए धड़कता है भारत के लिए नहीं। इस कड़वी बात को भी मुस्लिमों को मानना होगा। 1965 इंडो-पाक युद्ध के दौरान कितने पाकिस्तान समर्थक गिरफ्तार हुए थे बताने की जरुरत नहीं। ये तो देश का दुर्भाग्य था कि ताशकंत से तत्कालीन प्रधानमंत्री का शव आया अगर जीवित आए होते और भी पता नहीं कितने जेलों में जाते। दूसरे, जब दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम का उद्घाटन भारत-पाकिस्तान के डे-नाईट क्रिकेट मैच से हुआ था। भारत हार की कगार पर खड़ा था लेकिन मदन लाल और कीर्ति आज़ाद की जोड़ी ने धमाकेदार बैटिंग कर भारत को जीत दिलवाई थी। भारत के जीतते ही 24 घंटे चलने वाले जामा मस्जिद क्षेत्र में ऐसा सन्नाटा पसरा था जैसे कर्फ्यू लग गया हो।      

आज POJK में आंदोलन हो रहा है - मुद्दे हैं - 4 अक्टूबर, 2025 को पाकिस्तान ने JAAC के साथ 32 सूत्रीय समझौता किया था, उसे न निभाने के खिलाफ आंदोलन है जो अनिश्चितकाल के लिए शुरू किया गया है बढ़ती महंगाई, बिजली कटौती, बुनियादी सुविधाओं की कमी, गैस सिलेंडरों की बढ़ी कीमतें, गेंहूं की सब्सिडी, स्कूलों की बढ़ी फीस, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और गवर्नेंस रिफार्म को लेकर सभी मुद्दों पर विद्रोह हो रहा है पाकिस्तान की पुलिस और रेंजरों ने प्रदर्शन करने वालों पर गोलियां बरसा दी ऐसा कहते ही 2 लोग मारे गए, हकीकत में कितने मरे होंगे, कुछ नहीं कह सकते

ये आंदोलनकारी भी बांग्लादेशियों की आज़ाद होने और भारत में मिलने के बाद सब कुछ भूल जाएंगे अभी आप कहेंगे तो वे भारत माता की जय भी बोल देंगे, वंदे मातरम भी गा देंगे और नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे भी लगा देंगे लेकिन भारत में आने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, पीडीपी और अन्य सेकुलर दलों से “सेकुलरिज्म” का पाठ पढ़ कर मोदी/भाजपा और आरएसएस को गाली बकने लगेंगे ऐसा वे तुरंत बेशक न करें लेकिन कुछ समय बाद करेंगे 

पाकिस्तान को तो वैसे खुद ही POJK को आज़ाद कर देना चाहिए क्योंकि उसने खुद 31 मई, 2024 को इस्लामाबाद हाई कोर्ट में एक अगवा शायर अहमद फरहाद को अदालत में पेश करने से मना करते हुए कहा था कि वो पुलिस हिरासत में है और “गुलाम कश्मीर” में है जो पाकिस्तान के अधिकार का क्षेत्र नहीं है और वह एक विदेशी भूमि है 

अमेरिका की USCIRF और यूरोपीय यूनियन हमेशा भारत में अल्पसंख्यकों पर होने वाले कथित अत्याचारों का रोना रोते है ऐसा रोना पिछले दिनों नीदरलैंड के प्रधानमंत्री ने भी रोया था लेकिन मज़ाल है किसी की आवाज़ POJK के लोगों के समर्थन में निकले 

POJK को भारत में मिलाना क्या देश के लिए फायदे का सौदा रहेगा, इस पर गहन विचार होना चाहिए

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