उत्तर प्रदेश से सऊदी कमाने गए मोहम्मद जफर-राहिब ईरान को मदद भेजने के अपराध में सऊदी पुलिस ने किया गिरफ्तार: अब अब्बू-अम्मी भारत सरकार से लगा रहे गुहार; खेल दिया बीमारी का Victim card

         ईरान को पैसे भेजने के चक्कर में फँसे 2 मुस्लिम भाई, सऊदी अरब पुलिस ने पकड़ा (फोटो साभार : NDTV)
उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले दो सगे मुस्लिम भाइयों, मोहम्मद जफर और मोहम्मद राहिब को सऊदी अरब की पुलिस ने दम्माम से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों भाइयों पर सऊदी अरब से ईरान फंड ट्रांसफर करने का आरोप है।

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च महीने में हुई इस गिरफ्तारी के बाद से दोनों का कुछ पता नहीं चल रहा है। इस बीच रियाद में भारतीय दूतावास ने परिवार को ईमेल कर बताया है कि दोनों को सुरक्षा से जुड़े एक मामले में हिरासत में लिया गया है। अब मुस्लिम पीड़ित परिवार ने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर से दोनों बेटों को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है।

वैसे तो मुसलमान दुनिया भर की खबर रखता है लेकिन षड़यंत्र करने से बाज नहीं आता। जब मालूम है कि सऊदी अरब और ईरान के जंग का माहौल है फिर क्यों सऊदी अरब से ईरान मदद भेजी? अब जब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया तो अब्बू अपनी बीमारी का victim card खेल कर मासूमियत दिखा रहे हैं। आखिर ये victim card खेल कर कब तक दुनिया को पागल बनाओगे? भारत में रहकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा सकते हो लेकिन सऊदी अरब में रहकर उसके दुश्मन मुल्क ईरान की मदद करने पर गिरफ़्तारी ही होगी। सऊदी अरब में कोई विपक्ष इनकी हिमायत में नहीं बोल रहा। वो भारत नहीं सऊदी अरब है।   

अम्मी के कहने पर भेजे थे पैसे

अमरोहा के नौगावां के रहने वाले जफर पिछले 5 साल से दम्माम के एक स्टोर में काम कर रहे थे। बाद में उन्होंने अपने छोटे भाई राहिब को भी वहीं नौकरी पर लगवा दिया था। फरवरी में इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ।

इसके बाद दोनों भाइयों की अम्मी ने ईरान के पीड़ित लोगों की मदद करने की इच्छा जताई। अम्मी के कहने पर जफर ने छोटे भाई राहिब के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया और भारत में मौजूद ईरानी दूतावास के बैंक खाते में 200 रियाल ट्रांसफर कर दिए।

फोन के चक्कर में छोटा भाई भी फँसा

सऊदी अरब और ईरान के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। जैसे ही राहिब के फोन से ईरान से जुड़े खाते में ट्रांजैक्शन हुआ, सऊदी की सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट हो गईं। 27 मार्च को सऊदी पुलिस ने राहिब को उसके घर से हिरासत में ले लिया, क्योंकि फोन उसी का था। इसके तीन दिन बाद यानी 30 मार्च को पुलिस ने बड़े भाई जफर को भी गिरफ्तार कर लिया। तब से परिवार का अपने दोनों बेटों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।

भारतीय दूतावास ने क्या कहा?

रियाद में भारतीय दूतावास के कम्युनिटी वेलफेयर विंग के अधिकारी सुमित कुमार ने पीड़ित परिवार को एक ईमेल भेजा है। इस ईमेल में लिखा है, “उपलब्ध जानकारी के अनुसार मोहम्मद राहिब हसन और मोहम्मद जफर हसन को सुरक्षा से जुड़े एक मामले में हिरासत में लिया गया है। भारतीय दूतावास ने इस संबंध में और अधिक जानकारी जुटाने के लिए सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है। अभी और विवरण मिलना बाकी है।”

अब्बू ने जयशंकर से माँगी मदद

दोनों भाइयों के अब्बू हसन अब्बास पूरी तरह से पैरालिसिस (लकवा) के शिकार हैं। उनका पूरा खर्च उनके ये दोनों बेटे ही उठा रहे थे। हसन अब्बास ने एक Video जारी कर विदेश मंत्री एस जयशंकर से अपील की है। उन्होंने कहा, “मेरे दोनों बच्चे सऊदी अरब में लापता हैं। मेरे घर का पूरा खर्च बच्चे ही उठाते थे। मैं आपसे अपील करता हूँ कि कृपया मेरे बच्चों का पता लगाएँ और उन्हें वापस लाएँ।”

राजनाथ सिंह तक पहुँचा मामला

इस बीच ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने रक्षा मंत्री के सामने इस गंभीर मुद्दे को उठाया है। उन्होंने बताया कि मोहम्मद शबी नाम के एक अन्य भारतीय नागरिक को भी दुबई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया है। मौलाना यासूब अब्बास ने भी विदेश मंत्रालय से अपील की है कि मिडिल ईस्ट में फँसे शिया भारतीयों की तुरंत मदद की जाए।

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