पाकिस्तान की ताकत उसके परमाणु नहीं बल्कि भारत में पल रहे उसके जासूस हैं। क्या भारत में पल रहे गद्दार भारत को दोबारा आतंकियों के बारूद के ढेर पर बैठाना चाहते हैं? क्या फिर से सडकों को बेगुनाहों के खून से लाल करना चाहते हैं? हर देशप्रेमी-चाहे वह किसी भी जाति या मजहब से हो- यह नहीं भूलना चाहिए भारतीय विपक्ष जितना कमजोर होगा उससे ज्यादा पाकिस्तान कमजोर होगा। मोदी सरकार से जनता जानना चाहती है कि इन गद्दारों को कब जेलों में भरेगी और जनता को भी चुनावों में इन पाकिस्तान प्रेमियों को चारों खाने चित करना चाहिए? यही जनता इन गद्दारों को सुरमा भोपाली बनाये हुए है।
आज फिर कांग्रेस के बुझे हुए दीये मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने चाहिए, कांग्रेस को सत्ता में ले आओ तो रिश्ते सुधर सकते है। फारूक अब्दुल्ला डर दिखा कर कहता था कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं, उससे डरना चाहिए और महबूबा भी कम पाकिस्तानी नहीं है। राहुल गांधी तो पाकिस्तान से हर टकराव में भारत की जीत के सबूत मांगता रहता है चाहे वो सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर हो। राहुल गांधी हर चीज़ के सेना से सबूत मांगने वालों का लीडर बन जाता है। वो Leader of Opposition नहीं Leader of Opposition for Bharat बन चुका है।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
अमेरिकी एजेंसियां, यूरोप के कुछ देश और राहुल गांधी की मित्र इल्हान ओमर भारत में मुसलमानों पर होने वाले कथित अत्याचारों के लिए भौंकते रहते हैं। एक और है भारत में अरफ़ा खानुम जो मोदी से ऐसे जली भुनी रहती है जैसे होलिका की तरह उसका दहन हो रहा हो। वह भी पाकिस्तान के गुणगान करने और मोदी को गाली देने में आगे रहती है।
पहले हाफिज सईद जैसे आतंकी भी कहते थे कि कांग्रेस और बरखा दत्त जैसे लोग भारत में हैं जो पाकिस्तान को चाहते हैं।
पाकिस्तान को पता है ये सब उसके दल्ले हैं और जरूरत पड़ने पर ये सब पाकिस्तान के लिए भारत में दंगे भी करा सकते हैं। मोदी जी ने (उनकी सरकार ने) सिंधु जल समझौते को पहलगाम में पाकिस्तानी हमले के बाद रद्द कर दिया और पाकिस्तान पानी के तरस गया। चिट्ठियां पर चिट्ठियां भेज रहा है और गिड़गिड़ा भी रहा है कि हमें पानी दे दो लेकिन साथ ही उसके नेता युद्ध की धमकी भी दे रहे हैं। याद रहे मनमोहन सिंह सरकार आतंकी हमलों के डोजियर पर डोजियर भेजती थी और पाकिस्तान पानी के लिए चिट्ठियां भेज रहा है।
कुछ दिन पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने धमकी दी थी कि अगर हमारी पानी की जरूरतें पूरी नहीं हुई तो हम भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ सकते हैं।
पाकिस्तान के “पप्पू” बिलावल भुट्टो ने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को चेतावनी दी है और उसने कहा कि “India was using the river as a "weapon", but it was Pakistan's "life line" and the people living by these rivers wanted "peace by dignity" and not "submission".
पाकिस्तान का सबसे बड़ा दलाल नेहरू था जिसने 19 सितंबर, 1960 को पकिस्तान में जाकर अय्यूब खान के साथ यह सिंधु जल समझौता किया और 80% पानी पाकिस्तान को दे दिया। सबसे मजेदार बात यह है कि नेहरू ऐसा तानाशाह था कि ऐसा समझौता करने के लिए उसने संसद में पहले मंजूरी नहीं ली और समझौते करने के बाद भी संसद को कोई सूचना नहीं दी। जब संसद में यह मुद्दा उठा तो नेहरू ने कहा था एक प्रधानमंत्री की हैसियत से क्या मुझे कोई अधिकार नहीं हैं और क्या छोटी मोटी बातों को संसद mein बताना जरूरी है।
लेकिन अब समय ने करवट ली जो नेहरू की जगह मोदी आकर बैठ गया और उसने नेहरू की गलती को सुधारा, पाकिस्तान और उसके दलाल अब सोच समझ कर बोलें क्योंकि पाकिस्तान को उसके कर्मो की सजा देना ही मोदी का लक्ष्य है।

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