CJP वालों के तंबू उखाड़ दिए; मौज कर रहे थे, समोसे खा रहे थे, अब पहचान हो रही है और फिर जेल की रोटी तोड़ेंगे

सुभाष चन्द्र 

सोनिया गांधी ने 2 दिन पहले कांग्रेस को कहा सोनम वांगचुक और CJP का साथ दो और आज CJP के भेड़ियों ने आतंक मचा दिया। कभी CCA के आंदोलन के समय भी सोनिया गांधी ने कहा था कि ये लड़ाई सड़कों पर लड़नी होगी और 2 दिन बाद दंगे भड़क गए थे। कांग्रेस और विपक्ष ने आज संसद में वह किया जो CJP ने सड़कों पर किया। संसद में उनके सदस्यों की पिटाई नहीं हो सकती थी लेकिन CJP वालों ने जब पुलिस पर पत्थरबाजी की तो पुलिस ने भी तबियत से तुड़ाई कर दी

जो नेता और उनकी पार्टियां उपद्रवियों को उकसा कर भारत को नेपाल या बांग्लादेश बनाने का षड़यंत्र रच रहे थे कि इन बिकाऊ उपद्रवियों को मोहरा बनाकर मोदी सरकार को गिरा देंगे, बहुत बड़ी गलत फहमी में जी रहे हैं, जिस दिन देशप्रेमी जनता सड़क इन उपद्रवियों की क्या औकात और इनके सफेदपोशी गुंडे आका घरों में भी नहीं छुप पाएंगे। जो उपद्रव किया गया है वह किसी छात्र या बेरोजगार का काम नहीं ये गुंडों और मवालियों का है।

     

लेखक 
चर्चित YouTuber 
एक पत्रकार किसी चैनल पर कह रहा था कि आप पुलिस वालों के घायल होने की खबर दे रहे हो लेकिन प्रदर्शनकारी कितने घायल हुए ये नहीं बता रहे। उसकी ही बात से इसका अनुमान लगाया जा सकता है कि CJP वाले ठोके गए हैं। CJP गुंडों की पत्थरबाजी में 50 पुलिस के जवान घायल हुए जिनमें 10 IPS रैंक के अधिकारी है। ऐसी रिपोर्ट है 70 गुंडों को गिरफ्तार किया गया है

CJP वाले और उनके लिए जुड़ने वाले जंतर मंतर पर बैठ कर गंदगी फैला रहे थे। समोसे खाते थे और पार्टी करते थे। उधर वांगचुक कथित तौर पर अनशन पर था। आज CJP के हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने जंतर मंतर से उनके सारे तंबू उखाड़ फेंके

जुलाई 20 की सुबह संजय सिंह, आतिशी मर्लेना और सिसोदिया बेरिकेड लांघ कर CJP वालो को आज दंगा करने के लिए खाद पानी दे आए थे। यानी कुल मिलाकर CJP के दंगे के पीछे “आप” और कांग्रेस एवं वामपंथियों का हाथ था क्योंकि JNU के वामपंथी संगठन बढ़चढ़ कर जंतर मंतर में नारेबाजी कर रहे थे

ये आंदोलन NEET और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए था ही नहीं। अगर होता तो कुणाल कामरा सीता माता और भगवान राम के लिए अपशब्द नहीं बोलता। दिपके नहीं कहता कि केवल अल्लाह है - “मेरा लिंग मेरी मर्जी” के नारे न लगाए जाते। धारा 370 बहाली के नारे न लगाए जाते। और NEET परीक्षा देने वाले लोग नज़र आते पर वहां कोई नहीं था। एक महिला के बेटे को NEET में सफलता नहीं मिली लेकिन जब उसने देखा अभिजीत दीपक 5 स्टार होटल में मौज करने जाता है तो उसने उसके मुंह पर कालिख पोत दी।

 

पुलिस कार्रवाई अब जोरों पर है और गाड़ियों को नुक़सान पहुंचाने वाले और पत्थरबाजी करने वाले सब धरे जाएंगे। जो नारा लगा रहे थे “संसद को उखाड़ फेंकेंगे” उन्हें हर हाल में गिरफ्तार कर UAPA में बंद करना चाहिए क्योंकि ये एक आतंकवादी नारा था। वैसे तो हर उस व्यक्ति को पकड़ना चाहिए जो भी जंतर मंतर पर गाली गलोच कर रहे थे खासकर उस आदमी को जो कह रहा था कि “मैं मोदी अमित शाह की माँ $$द दूंगा। उसका वीडियो वायरल हुआ है

जो नेता CJP के समर्थन के लिए जंतर मंतर गए थे, वो प्रदर्शन से क्यों गायब थे? प्रकाश राज, बृंदा करात, स्वरा भास्कर जैसे लोग कहां थे जो भाड़े के गुंडों को आगे कर खुद गायब हो गए?

सबसे बड़ी गिरफ़्तारी अभिजीत दिपके और सौरभ दास की होनी चाहिए और सोनम वांगचुक को स्वस्थ होने के बाद गिरफ्तार कर लेना चाहिए क्योंकि ये लोग ही तो मास्टर माइंड थे सारे उपद्रव के लिए। आज के दंगे की खबर क्या वांगचुक को नहीं मिली होगी लेकिन उसने एक बयान नहीं दिया है

कुछ दिन पहले योगेंद्र यादव ने कहा था भारत को भी बांग्लादेश और नेपाल बना देना चाहिए और आज वो दंगे को ऐतिहासिक दिन बता रहा था। CJP के गुंडों को भड़काने में उसका प्रमुख हाथ है और उसे भी देशद्रोह के आरोप में लपेटना चाहिए। 

लोकतंत्र की दुहाई देने वाले 4 दिन पहले मनरेगा मजदूरों पर पंजाब पुलिस के लाठीचार्ज को भूल गए। आप सरकार उन्हें प्रदर्शन का भी अधिकार नहीं देना चाहती और यहां दिल्ली में CJP को जंतर मंतर पर बैठने की अनुमति दी गई लेकिन उन्होंने दंगा भड़का दिया। ये लोकतंत्र ठीक नहीं लगा उन्हें

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