राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा को पुलिस ने हिरासत में लिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर 21 जुलाई 2026 (मंगलवार) को उस समय बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी वाड्रा और पार्टी के कई सांसदों ने अचानक धरना शुरू कर दिया। राहुल गाँधी ने कहा कि उनका विरोध NEET पेपर लीक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ है।
इससे पहले CJP के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च निकालने निकले थे। इस दौरान भीड़ ने हिंसक रूप ले लिया, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और संसद परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आँसू गैस के गोले छोड़े। बाद में PM आवास के बाहर धरना देने वाले राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी वाड्रा और कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
प्रधानमंत्री मोदी के आवास के बाहर राहुल गाँधी और कांग्रेस नेताओं का धरना सुरक्षा में बड़ी चूक माना गया। इसी वजह से पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। हालाँकि, अब सामने आई रिपोर्ट में राहुल गाँधी की साजिश को लेकर गंभीर दावे सामने आए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राहुल गाँधी ने अपने ही नेताओं से झूठ बोलकर उन्हें इस सुरक्षा उल्लंघन में शामिल होने के लिए तैयार किया।
राहुल गाँधी ने अपने ही नेताओं से कैसे धरने के लिए बोला झूठ?
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गाँधी के इस धरने की योजना आखिरी समय तक पूरी तरह गुप्त रखी गई थी। कांग्रेस सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार और एसपीजी (SPG) को इसकी भनक न लगे, इसलिए राहुल गाँधी ने अपने लगभग 25 सांसदों को यह तक नहीं बताया था कि वे प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरना देने जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा झूठ राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल ने मिलकर गढ़ा था।
रिपोर्ट के अनुसार, सांसदों से कहा गया था कि उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जन्मदिन की शुभकामनाएँ देने उनके आवास पर जाना है। मल्लिकार्जुन खरगे का आवास 10 राजाजी मार्ग पर है, जो पीएम मोदी के 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास से लगभग 500 मीटर की दूरी पर है।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, एक कांग्रेस सांसद ने बताया, “जन्मदिन का कार्यक्रम खत्म होने के बाद हमें कहा गया कि बिना कोई सवाल पूछे राहुल गांधी के काफिले के पीछे चलो। हमने ऐसा ही किया। जब हम 7 लोक कल्याण मार्ग पहुँचे, तब हमें बताया गया कि अब हमें यहीं बैठना है।”
सरकार बातचीत के लिए तैयार हुई तो राहुल गाँधी ने बदल दीं अपनी माँगें
अब क्या हैं राहुल गाँधी की माँगें
- गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- सोमवार को छात्रों पर कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेना।
- सोमवार की पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री से माफी।
- संसद में इस पूरे मुद्दे पर चर्चा।
- जल्द से जल्द शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार।
No comments:
Post a Comment