अमेरिका में एक शिक्षक की शक्ति: डॉ. मोक्षराज की अमेरिकी शिष्या मैरी मिलबेन ने सर संधचालक डॉ. मोहन भागवत के पक्ष में मोर्चा सँभाला

एक अमेरिकी महिला का सनातन संस्कृति के साथ खड़ा होना गौरव की बात- डॉ. मोक्षराज

दिल्ली /न्यूयॉर्क/31.08.26

भारत सरकार की ओर से भारतीय राजदूतावास वाशिंगटन डीसी अमेरिका में 2018 से 2020 तक नियुक्त रहे प्रथम सांस्कृतिक राजनयिक एवं भारतीय संस्कृति शिक्षक डॉ. मोक्षराज (Dr. Moxraj) की शिष्या अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन (Mary Millben) ने न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध मैडिसन स्क्वायर गार्डन (Madison Square Garden) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 2023 में अमेरिका की धरती पर भारत का राष्ट्रगान गाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर करोड़ों भारतीयों को सम्मान देने वाली हॉलीवुड अभिनेत्री मिलबेन भारतीय हितों के लिए बांग्लादेश की दुर्दशा तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आशातीत टैरिफ लगाने की घटनाओं के समय भी भारत के हित में बेबाक़  प्रतिक्रियाएँ देती रही हैं ।

आरएसएस (RSS) के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रम के तहत, 29 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क में 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' (Universal Oneness Celebration) आयोजित किया गया है । न्यूयॉर्क के मेयर और समाजवादी राजनेता जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) तथा कुछ अन्य संगठनों ने इस कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया था। तब मैरी मिलबेन ने पलटवार करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मेयर ज़ोहरान ममदानी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें "समाजवादी सनकी" (socialist nuts) करार दिया। उन्होंने लिखा कि ममदानी और उनके जैसे लोग इस कार्यक्रम का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के विरोधी हैं।

पूंजीवाद और निजी कार्यक्रम का तर्क: 

मिलबेन ने तंज कसते हुए साफ शब्दों में कहा कि मैडिसन स्क्वायर गार्डन एक कॉर्पोरेशन है जो समाजवाद की रट से नहीं बल्कि पूंजीवाद (Capitalism) से चलता है। उन्होंने विरोधी नेताओं को सलाह दी कि वे खुद पैसे जुटाएँ, मैडिसन स्क्वायर गार्डन को किराए पर लें और वहाँ अपनी मोदी-विरोधी रैली करें।

मिलबेन की ममदानी के विरुद्ध दी गई कठोर प्रतिक्रियाओं के बाद भारतीय समुदाय को बल मिला है तथा मोहन भागवत का यह कार्यक्रम ऐतिहासिक सफलता के रूप में देखा गया है । 

कुछ ऐतिहासिक वैश्विक घटनाओं का राजस्थान के डॉ. मोक्षराज से संबंध -

डॉ. मोक्षराज ने मिलबेन को करोड़ों भारतीयों में लोकप्रिय बनाया व उसे भारतीय संस्कारों की भी शिक्षा दी -

अफ्रीकी अमेरिकी मूल की हॉलीवुड अभिनेत्री मैरी मिलबेन, अमेरिका स्थित भारतीय राजदूतावास वाशिंगटन डीसी में प्रथम सांस्कृतिक राजनयिक एवं भारतीय संस्कृति शिक्षक रहे  डॉ. मोक्षराज की शिष्या हैं । जिन्हें 2020 में डॉ. मोक्षराज  ने भारत का राष्ट्रगान तथा ओम् जय जगदीश हरे आरती सिखाकर विश्व के समस्त भारतीय समुदाय में लोकप्रिय बना दिया था, ममदानी के विरुद्ध मिलबेन के इस कड़े रुख ने विदेशी धरती पर भारत और संघ से जुड़े इस कार्यक्रम के पक्ष में एक मजबूत माहौल तैयार किया है।

शिक्षक की शक्ति का अनूठा उदाहरण-

राजस्थान के डॉ. मोक्षराज  का वैश्विक योगदान-

अमेरिका में तीन वर्ष तक भारतीय संस्कृति शिक्षक रहे राजस्थान के डॉ. मोक्षराज ने कई बार सारी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा है । 

1. अफ्रीकी अमेरिकी मूल की हॉलीवुड अभिनेत्री मैरी मिलबेन को कोरोना महामारी के समय 2020 में ऑनलाइन हिंदी भाषा सिखाते हुए डॉ. मोक्षराज ने अमेरिका की इस प्रसिद्ध गायिका को सर्वप्रथम भारत का राष्ट्रगान सिखाया, जिसे मिलबेन ने 15 अगस्त 2020 को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था । यह प्रस्तुति इतनी आकर्षक थी कि उसे विश्वभर के करोड़ों लोगों ने देखा व सराहा , इनमें प्रमुख रूप से भारतीय, प्रवासी भारतीय तथा अनेक राजनयिक  सम्मिलित थे । 

2. ⁠ वर्ष 2020 में ही डॉ. मोक्षराज ने मिलबेन को दीपावली के अवसर पर “ओम् जय जगदीश हरे” आरती गाने के लिए तैयार किया । जिसकी प्रस्तुति के लिए अमेरिका स्थित एरिज़ोना की लाल पहाड़ियों के बीच एक चर्च को चुना गया,  इस फिल्मांकन में मिलबेन ने केसरिया रंग के राजस्थानी लहंगा चुनरी पहनकर भारत के शौर्य व अध्यात्म को प्रदर्शित किया । इस प्रस्तुति को भी अत्यंत लोकप्रियता प्राप्त हुई और मिलबेन को प्रवासी भारतीय समुदाय तथा भारत सरकार द्वारा आमंत्रित किया जाने लगा । 

3. ⁠भारत सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव में डॉ. मोक्षराज की इस अनौखी शिष्या को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद नई दिल्ली के माध्यम से भारत में आमंत्रित किया, जहॉं कई देशों के प्रवासी भारतीयों के बीच राष्ट्रगान की स्वरलहरी गूँज उठी थी ।

4. ⁠इन कई उपलब्धियों के बाद संस्कृति शिक्षक डॉ. मोक्षराज ने अपनी शिष्या के माध्यम से एक नया इतिहास रचा । अमेरिका की धरती पर हज़ारों प्रवासी भारतीयों के बीच भारत के इतिहास में पहली बार एक प्रसिद्ध हॉलीवुड गायिका के द्वारा भारत का राष्ट्रगान गाया गया तथा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर मिलबेन ने करोड़ों भारतीयों को अभूतपूर्व गौरव प्रदान किया । एक अमेरिकी महिला नागरिक की ओर से रचा गया यह इतिहास भी डॉ. मोक्षराज की उपलब्धियों में से एक है ।

5. ⁠इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत सरसंघचालक का न्यूयॉर्क में 29 अगस्त को विशेष कार्यक्रम था। न्यूयॉर्क के मेयर तथा अन्य भारत विरोधी ताक़तों ने इस आयोजन का दुष्प्रचार व विरोध किया, जिसे किसी प्रसिद्ध अमेरिकी नागरिक द्वारा नियंत्रित करना उचित था । इस कार्य के लिए भी डॉ. मोक्षराज की शिष्या मैरी मिलबेन ने बेबाक़ी से मोर्चा सँभाला और ममदानी के स्वर धीमे पड़ गये और संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत का यह प्रवास भी ऐतिहासिक सिद्ध हुआ । 

सार रूप में  देखा जाए तो राजस्थान के एक शिक्षक के कारण विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा विश्व के सबसे बड़े संगठन आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत को अमेरिका की धरती पर अत्यधिक सम्मान व प्रतिष्ठा मिली है, इस उपलब्धि का पर्याप्त श्रेय राजस्थान के डॉ. मोक्षराज की रीति नीति को भी जाता है।

No comments: