हिंदू देवी देवताओं का अपमान करना बंद करें मुस्लिम और ईसाई

सुभाष चन्द्र

टेरेसा कौन थी जिसे मदर टेरेसा के नाम से पुकारा जाने लगा। प्रधानमंत्री आवास में पूरे सम्मान के साथ बुलाया जाता था। इसकी करनी को सामने लाना होगा। 

एक चलन सा बन गया है जो मर्जी जब मर्जी हिंदू भगवानों का अपमान कर देता है मुस्लिम और ईसाई समेत कई पाखंडी हिंदू नेता भी “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” के नाम पर भगवान राम का अपमान करते हैं जैसे कांग्रेस ने राम को काल्पनिक कहा और स्वामी प्रसाद मौर्य ने तो हदें ही पार कर दी थी लेकिन उसके विचारों को सुप्रीम कोर्ट ने “Line of thought” कह दिया और इस Line of thought से क्रोधित होकर हिंदू समाज प्रतिक्रिया कर देता तो क्या होता। ऐसी प्रतिक्रिया अब होनी चाहिए

सबसे पहले हिन्दुओं को सेकुलरिज्म के मीठे जहर को त्यागना होगा। दूसरे, सनातन को अपमानित करने वालों को कानून के साथ साथ सामाजिक बहिष्कार करना होगा। जब तक हिन्दू इस नीति को नहीं अपनाएगा सनातन विरोधी जहर फैलाते रहेंगे। पुलिस और जजों का भी अपना परिवार है।   

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चर्चित YouTuber 
राहुल विंची की कथित भारत जोड़ो यात्रा में ईसाई पादरी George Ponnaiah ने कहा था जीसस ही मानव अवतार में असली भगवान हैं न कि “शक्ति” के तरह उसके पहले वह यह भी कह चुका था कि मैं भारत को माता नहीं मानता और अपने जूते पहन कर उस पर चलूंगा वरना मेरे पैरों में गंदगी लग जाएगी

अभी कुछ दिन पहले मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान कृष्ण को मुस्लिम कह दिया और कहा कि कृष्ण 5 बार नमाज पढ़ते थे उसने यह भी कहा कि Hindu scriptures divide the role of divinity by designating Brahma as creature, Vishnu as Preserver, and Shiva as as the Destroyer and he made provocative and remarks questioning traditional rituals and the worship of Shivling relative to these distinct roles”. 
साभार सोशल मीडिया 

अपने मज़हब के लिए तो मुस्लिम समुदाय नारा लगाता है "गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा", तो क्या हिंदुओं को भी ऐसा करना चाहिए? 

अभी कांवड़ यात्रा के दौरान मौलाना साजिद रशीदी ने कांवड़ यात्रियों को “आतंकवादी” कह दिया लेकिन असली आतंकियों के लिए कुछ नहीं कहता 

एक मौलाना तौकीर रजा है जो अब जेल में है, वो कहता था कि हमारे लड़के अगर सड़कों पर निकल आए तो हिंदुओं को निकलने का रास्ता भी नहीं मिलेगा दूसरा मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि हिंदू अगर मुस्लिमों के साथ नहीं रह सकते तो हिंदुस्तान से चले जाएं भाई फिर पाकिस्तान मांग कर क्यों चले गए अब हिंदुओं को जाने को क्यों कहते हो, खुद अपने पाकिस्तान चले जाओ

छत्तीसगढ़ में अभी 75 साल के अरुण पन्नालाल (President of the Chattisgarh Christian Forum) ने हिंदू देवी देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है 

Vellore Diocese ने कल Dalit Christians के SC Rights की मांग करते हुए “काला दिन” मनाया उनका कहना है कि जो दलित ईसाई हो गए, उन्हें दलितों के सभी अधिकार मिलने चाहिए इस संस्था ने दलित ईसाइयों के लिए justice, equality and human dignity की मांग की है खासकर दलित ईसाइयों के लिए

सुप्रीम कोर्ट निर्णय दे चुका है कि धर्मांतरण के बाद अनुसूचित जाति के व्यक्ति को वे अधिकार नहीं मिल सकते जो अनुसूचित जातियों को मिलते हैं 

ईसाई धर्म तो जात पात में विश्वास ही नहीं रखता और आपने उन्हें justice, equality and human dignity के नाम पर  ईसाई बना कर, ये सब चीज़े तो खुद दे दी अब वो कैसे दलित रह गए जिनके लिए SC Status मांग रहे हो और अगर यह मांग जायज है तो मान लो कि ईसाइयों में जाति भेदभाव और छुआछूत चलता है

मेरा कहना है भारत में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए हिंदू देवी देवताओं का दूसरे मज़हब के लोग अपमान करना बंद करें 

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