हिंदुत्व को ‘बीमारी’ बताने वाली जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) नेता इल्तिजा मुफ्ती के खिलाफ श्रीनगर पुलिस ने FIR दर्ज की है। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान इल्तिजा मुफ्ती ने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी के साथ हाथापाई की और उनकी बाँह पर काट लिया। इल्तिजा के काटने से अधिकारी की बांह पर चोट आई और खून निकलने लगा।
इस मामले में इल्तिजा मुफ्ती के साथ महबूबा मुफ्ती का नाम भी दर्ज किया गया है। महबूबा मुफ्ती पर लगाए गए प्रतिबंधों और प्रशासनिक निर्देशों के उल्लंघन का आरोप है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121, 132 और 191 के तहत कार्रवाई की है। ये धाराएँ सरकारी कर्मचारियों पर हमले, उनके सरकारी काम में बाधा डालने और उपद्रव/दंगा जैसी गतिविधियों से संबंधित हैं। FIR कोठीबाग थाने में दर्ज की गई है और पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
SK पार्क में प्रदर्शन, लाल चौक की ओर बढ़ने की कोशिश और मारपीट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 अगस्त की शाम श्रीनगर के एसके पार्क में महबूबा मुफ्ती और इल्तिजा मुफ्ती के नेतृत्व में पीडीपी का प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन का मकसद अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में अपनी बात रखना था। इस दौरान प्रशासन की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने रेजीडेंसी रोड को अवरुद्ध करने और लाल चौक की तरफ बढ़ने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बैरिकेड हटाने और कानून-व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हुई और इल्तिजा मुफ्ती पर एक पुलिस अधिकारी के साथ हाथापाई की।
पुलिस का कहना है कि इल्तिजा ने अधिकारी को पकड़कर उनकी बांह पर काट लिया। इससे अधिकारी के हाथ में गहरी चोट आई और खून बहने लगा। घायल पुलिस अधिकारी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। वहाँ चिकित्सकों ने घाव का उपचार किया।
पुलिस ने जारी किया समन
पुलिस ने इस घटना को ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारी पर कथित हमले और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला माना है। कोठीबाग थाने में एफआईआर संख्या 63/2026 दर्ज की गई है।
जांँच के तहत इल्तिजा मुफ्ती को शुक्रवार को कोठीबाग थाने में पेश होने और जांँच में शामिल होने के लिए समन जारी किया गया है। पुलिस ने कहा है कि जांँच के दौरान यदि कोई अन्य व्यक्ति सरकारी कर्मचारियों पर कथित हमले या सरकारी काम में बाधा डालने में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पीडीपी ने पुलिस के आरोपों को खारिज करते हुए उल्टा पुलिस पर इल्तिजा मुफ्ती के साथ बदसलूकी और उन्हें चोट पहुँचाने का आरोप लगाया है।
हिंदू विरोध के लिए कुख्यात इल्तिजा
इल्तिजा मुफ्ती अपनी हिंदू विरोध सोच के लिए भी कुख्यात हैं। यहाँ तक कि वो हिंदुत्व को बीमारी तक बता चुकी हैं। इल्तिजा ने दिसंबर 2024 में कहा था कि हिंदुत्व एक ‘बीमारी’ है, जिसने लाखों भारतीयों को अपनी चपेट में ले लिया है और भगवान के नाम को बदनाम किया है। मुफ्ती ने कहा था कि ‘हिंदुत्व नफरत की एक विचारधारा है जिसे वीर सावरकर ने 1940 के दशक में भारत में हिंदुओं का वर्चस्व स्थापित करने के मकसद से फैलाया था’।
सिर्फ हिंदुत्व ही नहीं बल्कि इल्तिजा का भारत विरोध भी पुराना है। नवंबर 2019 में CNN के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था, “भारत पाकिस्तान का इस्तेमाल ‘कश्मीरियों को दबाने के लिए एक हथियार’ के तौर पर करता है। सच यह है कि कश्मीर एक ‘धर्मनिरपेक्ष’ भारत का हिस्सा बना था और अब भारत एक ‘तानाशाह हिंदू पाकिस्तान’ में बदल रहा है।” इल्तिजा आगे कहती हैं कि भारत कट्टरता, चुनिंदा उत्पीड़न और अल्पसंख्यकों (मुसलमानों) के प्रति नफरत का अड्डा बनता जा रहा है।
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