मौलाना साजिद रशीदी की हिंदुओं को धमकी: हिंदुओं को छिपने की जगह नहीं मिलेगी; हिंदू सचेत रहें, एक रहें

सुभाष चन्द्र

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध मस्जिद को सितम्बर 5 को गिरा दिया गया। 

16 जुलाई, को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने उसे अवैध घोषित किया था जिसके खिलाफ मस्जिद पक्ष ने जिला जज की अदालत में अपील की थी लेकिन जिला जज ने 2 सितंबर को अपील ख़ारिज कर दी। मस्जिद पक्ष चाहता तो इलाहाबाद हाई कोर्ट जा सकता था क्योंकि वकीलों को हाई कोर्ट में अपील दायर करने में ज्यादा समय नहीं लगता लेकिन मस्जिद पक्ष ने ऐसा करना उचित नहीं समझा शायद इसलिए कि उनका पक्ष कमजोर था

मुस्लिम कट्टरपंथी और इनको तन, मन और धन से समर्थन देने वाली हिन्दू विरोधी पार्टियां हिन्दू धर्म स्थलों को विवादित बनाकर लटकाने में करोड़ों रूपए बर्बाद कर सकते हैं लेकिन सच्चाई को सामने आने से रोकने में नाकाम रहते हैं। अंजाम सामने है, बाबरी के एवज में मिली जमीन पर आज तक नींव खोदने के लिए भीख मांग रहे हैं जबकि राममंदिर बनकर तैयार भी हो गया। इसलिए हिन्दू जागो और इन कट्टरपंथियों का समर्थन कर रही पार्टियों को दोजख का रास्ता दिखाओं।    

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मस्जिद पक्ष ने 1 जनवरी 1911 का बिजली का बिल पेश करते हुए दावा किया था कि मस्जिद कलेक्ट्रेट से भी पुरानी है लेकिन यह दावा जांच में गलत पाया गया क्योंकि बिजली 1922 में आई थी और उसका वितरण 1928 में शुरू हुआ ऐसे में 1911 का बिल फर्जी साबित हुआ ऐसा भी बताया गया है कि 1898 के खसरे के रिकॉर्ड में यह जमीन “सरकार केसरी हिंद” के रूप में कचहरी और कलेक्ट्रेट के नाम ही दर्ज है

गिराई गई मस्जिद के मलबे के नीचे 100 वर्ष पुराना 20 फुट गहरा और डेढ़ मीटर चौड़ा कुंआ मिला है जिसकी जांच ASI करेगी इसका मतलब भी यही निकलता है कि यह मस्जिद भी किसी मंदिर को तोड़ कर बनाई गई होगी

ऐसी ही एक मस्जिद इलाहाबाद हाई कोर्ट के परिसर में थी जिसका मुकदमा सुप्रीम कोर्ट तक चला जिसके आदेश पर मस्जिद गिराई गई  

मस्जिद गिराए जाने पर बवाल काटने वालों में प्रमुख हैं इकरा हसन, इमरान मसूद, ओवैसी, मायावती, मौलाना अरशद मदनी और सपा चीफ अखिलेश यादव अखिलेश ने तो इसे राम मंदिर से जोड़ दिया और लिखा “जिस भाजपा ने मंदिर दान-मान को लूट लिया, वो किसी की आस्था के प्रतीकों का मोल क्या जाने”

इस सबसे अलग मौलाना साजिद रशीदी ने कहा है कि आज आपकी सरकार है, जो मर्जी कर सकते हो लेकिन जब सरकार बदलेगी तो हिंदुओं को छिपने की जगह नहीं मिलेगी यह मौलाना की हिंदुओं को सीधी धमकी है यह मौलाना तो राम मंदिर को तोड़ने की धमकी दे चुका है और इसने डिंपल यादव के मस्जिद में बैठने पर आपत्तिजनक शब्द कहे थे लेकिन न तो 

अखिलेश यादव कुछ बोले और न कोई समाजवादी बोला शायद इसलिए कि मुस्लिम वोट बैंक नाराज हो जाएगा

मौलाना तौकीर रजा भी ऐसे ही धमकी देता था कि हमारे लड़के अगर सड़कों पर आ गए तो हिंदुओं को निकलने का रास्ता नहीं मिलेगा आज वो जेल में है ऐसा ही इलाज मौलाना साजिद रशीदी का होना चाहिए 

इस धमकी पर हिंदुओं को सचेत हो जाना चाहिए हिंदुओं के किसी वर्ग के दिमाग में अगर योगी को हटाने का ख्याल मन में है तो संभल जाना चाहिए

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