प्रधानमंत्री मोदी के आतंकवाद के प्रति रुख को SCO घोषणा पत्र में शामिल किया गया

सुभाष चन्द्र

आखिर मोदी-योगी-अमित के खिलाफ INDI गठबंधन द्वारा दुष्प्रचार करने का मुख्य कारण है कि योगी उत्तर प्रदेश से माफिया राज ख़त्म कर रहे हैं तो मोदी और अमित देश से आतंकवाद। 2014 में मोदी सरकार बनने से पहले कभी विश्व ने भारत में आतंकवाद को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही आतंकवाद को विश्व पटल पर उठाया विश्व के कान खड़े हो गए जबकि मोदी से पहले विपक्ष मुस्लिम वोटबैंक के लालच में इस्लामिक आतंकवाद को हिन्दू और भगवा आतंकवाद नाम देकर संरक्षण देने की वजह से दुनिया ने आतंकवाद को गंभीरता से नहीं लिया।      

बिश्केक (किर्गिस्तान) में हुए SCO सम्मेलन में जहां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशिकीयान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर युद्ध को रोकने की कोशिश करने को कहा, तो मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से भारतीय नाविकों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि यूक्रेन के साथ अंतहीन युद्ध समाप्त करने के मार्ग तलाशे जाएं, भारत शांति का पक्षधर है। 

SCO के घोषणा पत्र में नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति सख्त रुख को शामिल किया गया। सदस्य देशों ने आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में “दोहरे मापदंड” को अस्वीकार्य बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस खतरे से निपटने का आह्वाहन किया, जिसमें आतंकियों की सीमा-पार से आवाजाही भी शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि आतंकवाद और उसे धन मुहैया कराने वालों पर लगाम लगानी होगी

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चर्चित YouTuber 
ईरान-अमेरिका युद्ध कैसे ख़त्म हो सकता है? एक तरफ युद्ध विराम चल रहा था और खामनेई को 9 जुलाई को दफनाने की तैयारी चल रही थी लेकिन 3 जुलाई को ईरान ने होर्मुज में आयल टैंकरों और अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर दिया। 

उधर यूक्रेन-रूस युद्ध, है तो दोनों के बीच लेकिन आग में घी डाल रहे हैं ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य EU देश जो लगातार यूक्रेन को हथियार सप्लाई कर रहे हैं। रूस का युद्ध अकेले यूक्रेन से नहीं हो रहा बल्कि परोक्ष रूप से ब्रिटेन, फ्रांस और EU देश भी यूक्रेन के साथ युद्ध कर रहे हैं

जहां तक आतंकवाद को धन मुहैया कराने वालों का सवाल है, तुर्की और चीन आतंकी पाकिस्तान को हथियार सप्लाई कर रहे हैं जिसका मतलब साफ़ है वो पाकिस्तान को भारत के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार कर रहे हैं।

 

ईरान तो खुलेआम अमेरिका और इज़रायल को खत्म करने की बात करता है। उसका साफ़ कहना है कि यहूदियों को जीने का अधिकार नहीं है। इससे बड़ा आतंकवाद और क्या हो सकता है?

ईरान खुद तो अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ लड़ ही रहा है, साथ में अनेक आंतकी संगठनों के जरिए प्रॉक्सी वॉर भी लड़ रहा है। ईरान द्वारा पोषित ये आतंकवादी संगठन इराक, सीरिया, फिलिस्तीन, यमन और लेबनान में फैले हुए हैं

 In Iraq

Kata'ib Hezbollah: A radical Iraqi Shia paramilitary group

Asa'ib Ahl al-Haq: An Iran-aligned Iraqi Shia militia group part 

Badr Organization: One of the oldest Iran-backed Iraqi Shia political and paramilitary groups.

Kata'ib Sayyid al-Shuhada & Kata'ib al-Imam Ali: Additional Shia militias operating within Iraq tied to the broader Iran-led network.

In Syria

Harakat Hezbollah al-Nujaba: An Iraqi-origin Shia militia operating actively in Syria to support the Bashar al-Assad regime, closely tied to Iran.

Zaynabiyoun Brigade: A militia comprised of recruited Pakistani Shia fighters organized and deployed by Iran to fight in Syria

Fatemiyoun Division: A paramilitary unit made up of Afghan refugees recruited and trained by the IRGC to fight for Assad in Syria

Lebanese Hezbollah: The powerful Lebanese group operates extensively inside Syria alongside the Syrian military and Iranian forces to prop up the Assad government.

यही हिज़्बुल्लाह इज़रायल के साथ लड़ रहा है और इज़रायल ने पहले हमास को ठिकाने लगाया और वह हिज़्बुल्लाह को ख़त्म कर रहा है

आतंकवाद की मार जैसे भारत झेल रहा है, वैसे ही ईरान समर्थित आतंकी संगठनों को इज़रायल झेल रहा है और शायद इसलिए ही भारत इज़रायल के साथ खड़ा है

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