सेना की मानहानि के आपराधिक मामले में आज राहुल के खिलाफ शिकायत करने वाले BRO के पूर्व निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश होते उनके वकील गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने राहुल गांधी के खिलाफ मामला लंबे समय से लिस्ट नहीं किया क्योंकि इसमें खुद राहुल गांधी शामिल है। भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी कोई VVIP नहीं है जो उनका मामला लिस्ट न किया जाए।
यह बात चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच के सामने कही। CJI सूर्यकांत ने कहा “आप जल्द सुनवाई की मांग करते हुए आवेदन दाखिल कीजिए, हमारे सामने सब बराबर हैं”।
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-उदय शंकर जी ने लखनऊ MP/MLA कोर्ट में शिकायत की थी कि राहुल गांधी ने 16 दिसंबर, 2022 को भारतीय सेना की चीनी सैनिकों से हुई 9 दिसंबर की झड़प को लेकर सेना के लिए अपमानजनक टिप्पणी की थी;
-MP/MLA कोर्ट ने राहुल गांधी को 24 मार्च, 2025 को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किए जिसके खिलाफ वो इलाहाबाद हाई कोर्ट चला गया और हाई कोर्ट ने 29 मई, 2025 को राहुल गांधी की अपील ख़ारिज कर दी - यानी 2 महीने में फैसला हो गया;
-राहुल गांधी हाई कोर्ट आर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चला गया जहां उसकी मौज हो गई क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के केस को स्टे कर दिया और 13 महीने से सुनवाई नहीं हुई। हाई कोर्ट 2 महीने में फैसला दे सकता है लेकिन सुप्रीम कोर्ट 13 महीने से सो रहा है, इसलिए ही वो कोर्ट का VVIP दामाद है;
-4 अगस्त, 2025 को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस अगस्त मसीह की पीठ ने समन रद्द करने ने मना करते हुए ट्रायल कोर्ट के केस पर स्टे लगा दिया। जस्टिस दत्ता ने कहा था कि अगर आप सच्चे भारतीय होते तो ऐसी बात न कहते;
-चीफ जस्टिस सूर्यकांत जी, इसका विरोध प्रियंका वाड्रा ने किया और कहा कि जज कौन होते हैं मेरे भाई को भारतीय प्रमाणित करने वाले और दोनों जजों की बेंच बदल दी गई, ये है VVIP राहुल गांधी;
-फिर बेंच बनी जस्टिस MM Sundresh और जस्टिस सीताराम शर्मा की जिसने 20 नवंबर, 2025 को नियमित सुनवाई को टाल दिया;
-इसके बाद 4 दिसंबर 2025 को जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस शर्मा की बेंच ने राहुल की अपील को औपचारिक तौर पर admit कर लिया लेकिन ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर स्टे जारी रखा। अगली तारीख तय की 22 अप्रैल, 2026 की यानी 5 महीने बाद। क्या तमाशा हो गया सुप्रीम कोर्ट में, 5 महीने बाद की तारीख देना फिर साबित करता है कि राहुल VVIP दामाद है सुप्रीम कोर्ट का;
-22 अप्रैल आई लेकिन सुनवाई नहीं हुई क्योंकि जस्टिस सुंदरेश सबरीमाला बेंच में सुनवाई कर रहे थे।
जज की सुनवाई में आप (CJI सूर्यकांत) कहते हैं कि आप जल्द सुनवाई के लिए आवेदन कीजिए। मतलब सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को कोई मतलब नहीं है देखने का कि 22 अप्रैल को सुनवाई नहीं हुई तो उसकी अगली तारीख भी देनी है।
गड़बड़झाला रजिस्ट्री में होता है और अगर न होता तो हजारो केस सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग न होते। ये गड़बड़ हर हाई कोर्ट में भी होता है।
राहुल गांधी VVIP है इसका एक और सबूत है कि आपने आय से अधिक संपत्ति का केस बिना तारीख तय किए नोटिस जारी करके छोड़ दिया। अमित शाह के मानहानि का केस सुल्तानपुर कोर्ट में 7 साल से लंबित है लेकिन आपके पास राहुल ने अपील की तो उसे स्टे कर दिया।
मोदी सरनेम पर राहुल की दोषसिद्धि पर स्टे लगाकर ऐसा आदेश पारित किया गया कि आज केस का स्टेटस क्या है 3 साल बाद भी किसी को पता नहीं है।
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