कैप्टन स्मित मछार के अदम्य साहस को नमन; 169 यहूदियों की जान बचाने वाले की नेतन्याहू और मोदी ने प्रशंसा की लेकिन विपक्ष के नेता लगभग चुप हैं

सुभाष चन्द्र

फ्लाई दुबई के विमान को ओमान के को-पायलट के हाईजैक कर इज़रायल में क्रैश करने के मंसूबे को भारतीय पायलट स्मित मछार ने छुरे का हमला खा कर भी अदम्य सहस दिखाते हुए प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब के तबूक में करा दी। प्लेन में सवार 172 यात्रियों में से 169 इज़रायल के नागरिक थे। 

आतंकवादियों, Palestine और हमास जैसे आतंकी संगठनों को समर्थन देने वालों से हिन्दुत्व का नाम रोशन करने वालों की तारीफ करने की कोई उम्मीद करना दीवार से सिर फोड़ने से कम नहीं। शर्म तो कांग्रेस को वोट देने वाले हिन्दुओं को आनी चाहिए।  

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इज़रायल ने इसे आतंकी हमला बताया है लेकिन प्रश्न यह है कि इसके पीछे कौन सा संगठन/देश है - कहीं यह ईरान, हिज़्बुल्लाह या हूतियों की साजिश तो नहीं थी। यह तो जांच के बाद पता चलेगा। ओमानी को-पायलट सऊदी पुलिस के कब्जे में है और उससे पूछताछ हो रही है। यह घटना 9/11 को दोहराने जैसी थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने मछार की तारीफ में कहा कि “ गंभीर खतरे का सामना करने और खुद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया। उनकी बहादुरी और सूझबूझ से सैकड़ों यात्रियों की जान बची और एक बहुत बड़ी त्रासदी टल गई। उन्हें 'हीरो' (नायक) बताया और कहा कि भारत को उन पर गर्व है”।

उधर नेतन्याहू ने कहा कि “भारतीय पायलट स्मित मछार ने घायल होने के बावजूद अदम्य साहस का परिचय देते हुए न केवल इज़राली नागरिकों की जान बचाई बल्कि एक बहुत बड़ी आपदा टाल दी। स्मित मछार वास्तव में एक सच्चे नायक हैं, मैं उन्हें मैं सलाम करता हूँ।

एक आतंकी पायलट से जूझने वाले भारतीय पायलट के अदम्य साहस को विदेशी मीडिया में तारीफ का कोई एक भी शब्द नहीं मिला। CNN, The New York Times, AFP News Agency, The Wall Street Journal, Sky News और BBC News (World) ने केवल इस घटना को दो पायलटों के बीच झगड़ा बताया और कहा है कि उसकी वजह से प्लेन को Tel Avive गंतव्य से divert करना पड़ा। लगता है विदेशी मीडिया को भी इज़रायली नागरिकों के बचने की कोई ख़ुशी नहीं हुई। वो भारतीय पायलट द्वारा किए गए कार्य को downplay बेशक कर दें लेकिन सत्य तो सत्य है।

कांग्रेस के खड़गे जी ने कई घंटे बाद X पर बयान देकर स्मित मछार की तारीफ की है और विपक्ष की तरफ़ से हेमंत सोरेन ने उसकी प्रशंसा की है। राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य कॉकरोचों को शायद फुर्सत नहीं मिली। अन्य किसी विपक्षी नेता का कोई बयान नहीं है अलबत्ता कुछ पार्टियों के प्रतिनिधि शाम की टीवी बहस में अपना ज्ञान देंगे। वैसे मृणाल पांडेय का X पर घटिया बयान बता रहा है कि वह उच्च कोटि की पागल है और उसकी बातों में विपक्ष की भी मंशा नज़र आती है जिसमें उसने पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

एक बड़ी बात गूगल से पता चली कि स्मित मछार का परिवार मुंबई में रहता है लेकिन वास्तव में वह गुजराती परिवार है कि वह Brahmakshatriya (also spelled Brahma-Kshatriya) है which is historically defined in the Hindu varna system as a community possessing a dual identity combining the attributes of both Brahmins (scholars/priests) and Kshatriyas (warriors/rulers).

शायद उसका गुजराती होना भी एक कारण हो सकता है कि ज्यादा विपक्षी नेताओं ने चुप्पी साध ली लेकिन इज़रायल और भारत के संबंधों में इस घटना से नया आयाम जुड़ गया।

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