अक्टूबर 3 को एक व्यक्ति ने पोस्ट किया जिसमें एक पूर्व मुख्यमंत्री के पंजाब में तस्करी की ड्रग्स से करोड़ों की कमाई करने का आरोप लगाया था। उस पर एक महिला मित्र ने (जो मोदी की घोर विरोधी है) एक लाइन लिखी “बॉर्डर का 50 किलोमीटर एरिया BSF के पास है, इससे ज्यादा कुछ नहीं कहूँगी”। यानी BSF का मुंह काला कर दिया एक लाइन लिख कर। मैं उस महिला मित्र को जानता हूँ, उसने बताता था उसके पति ऐसे विभाग में काम करते हैं जिसका वह नाम नहीं बता सकती और ना उनका नाम। ऐसे कमेंट से किसी पर कुछ भी मुश्किल आ सकती है।
उस महिला मित्र ने कभी गूगल देखने की कोशिश नहीं की जिससे पता चले कि BSF बॉर्डर के Areas में क्या करती है। उसके लिए और सभी के लिए यह जानकारी दे रहा हूँ कि BSF ने क्या काम किया है :-
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| लेखक चर्चित YouTuber |
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के लिए 50 किलोमीटर की सीमा अधिकारिता पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात और राजस्थान में लागू है।
50 किलोमीटर BSF अधिकारिता वाले राज्य
पंजाब: 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर;
पश्चिम बंगाल: 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर;
असम: 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर;
गुजरात: 80 किलोमीटर से घटाकर 50 किलोमीटर;
राजस्थान: 50 किलोमीटर पर यथावत।
नोट: BSF का अधिकार क्षेत्र मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे क्षेत्र में भी है।
50 किलोमीटर की अधिकारिता का उद्देश्य-
सीमा-पार अपराधों पर रोक:
-BSF मवेशियों और ड्रग्स की तस्करी रोकने का काम।
- जासूसी तथा हथियार गिराने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन और मानव रहित वाहनों (UAVs) के खतरों से निपटना।
-BSF के लिए समान रूप से 50 किलोमीटर सीमा तय की गई है जिससे वह हिरासत में लिए गए संदिग्ध व्यक्तियों से प्रारंभिक पूछताछ 24 घंटे में स्थानीय पुलिस को सौंप सके।
समग्र सीमा-पार मादक पदार्थों की बरामदगी (2014–2026)
गृह मंत्री द्वारा जारी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई के परिणामस्वरूप कुल मिलाकर 1.18 करोड़ किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनका मूल्य ₹1.84 लाख करोड़ है।
इन उच्च-मूल्य वाली जब्तियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उन सक्रिय BSF अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में हुआ है।
भारत-पाकिस्तान सीमा
(पंजाब, राजस्थान और गुजरात)
इस सीमा क्षेत्र में BSF द्वारा हर वर्ष सैकड़ों किलोग्राम उच्च शुद्धता वाली हेरोइन बरामद की जाती है। अकेले पंजाब में देशभर में होने वाली कुल हेरोइन जब्ती का 44.5% हिस्सा दर्ज होता है।
2025 के अंत तक, BSF पंजाब फ्रंटियर ने एक वर्ष की अवधि में सीमा पार से आने वाले 272 ड्रोन को रोकने और 367 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त करने की सूचना दी थी।
चूंकि उच्च गुणवत्ता वाली अंतरराष्ट्रीय हेरोइन का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹5 करोड़ से ₹7 करोड़ प्रति किलोग्राम होता है, इसलिए पंजाब-राजस्थान सीमा क्षेत्र में BSF द्वारा की जाने वाली वार्षिक जब्ती का मूल्य नियमित रूप से हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है।
भारत-बांग्लादेश सीमा
(पश्चिम बंगाल और असम)
पूर्वी सीमा पर BSF का मुख्य ध्यान गांजा, फेंसिडिल कफ सिरप और याबा टैबलेट जैसे मादक पदार्थों की बड़ी तस्करी करने वाले गिरोहों पर रोक लगाने पर रहता है।
पश्चिम बंगाल को कवर करने वाले दक्षिण बंगाल फ्रंटियर में सीमा-पार प्रतिबंधित वस्तुओं की जब्ती का मूल्य तेजी से बढ़ा - BSF द्वारा जब्त किए गए सामान का मूल्य:
2022: ₹349 करोड़
2023: ₹431 करोड़
2024: ₹461 करोड़
असम में राज्य प्रशासन और BSF के समन्वित प्रयासों के तहत 2021 से अब तक मादक पदार्थों की कुल बरामदगी ₹3,253 करोड़ से अधिक हो चुकी है।

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