रोज कुत्ते की तरह भौंकने वाला राहुल गांधी कह रहा है कि लोगों की आवाज़ दबाई जा रही है; हम सरकार बदल कर लोकतंत्र ख़त्म करने वाले मोदी/शाह/भागवत/ज्ञानेश कुमार को सजा देंगे

सुभाष चन्द्र

कौन क्या नहीं बोल रहा, देश में राहुल गांधी मोदी सरकार को उखाड़ने की बात कर रहा है, तिलचट्टों के सिर पर सवार हो गया है और नेहा बोरा को पाल लिया है, उसको सिर पर चढ़ा लिया तो सुप्रिया श्रीनेत समेत बड़े बड़े नेता बिगड़ जाएंगे, कन्हैया कुमार कोने में खड़ा कर दिया। दीपेंद्र हुडा और उसके बाप भूपेंदर हुडा की तरफ राहुल ने देखा तक नहीं। 

देश में मोदी के खिलाफ विद्रोह चाहता है और तिलचट्टों की हुड़दंगबाजी को कनाट प्लेस/जंतर मंतर पर समर्थन कर रहा था लेकिन अपनी ही कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने तिलचट्टों को प्रदर्शन नहीं करने दिया। वहां लोकतंत्र नहीं चाहिए, वो लोकतंत्र बस दिल्ली में ख़त्म हो गया।

डी के शिवकुमार को धक्का दे दिया, तेजस्वी और अखिलेश यादव को खुद अपने हाथ से ट्रक से उतार दिया। उत्तर प्रदेश में अजय राय को बोल्ड कर दिया और प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा को कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया जिसने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आते ही कहा कि “भारत माता की जय के नारे लगाए तो ये पार्टी में अनुशासनहीनता मानी जाएगी। अगर नारे लगाने हैं तो ‘कांग्रेस की जय, सोनिया गांधी की जय और राहुल गांधी की जय के नारे लगाएं”। उत्तर प्रदेश के ही एक कांग्रेस नेता ने कहा कि कुछ समय बाद हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे”। जितनी तेजी से कांग्रेस की हिन्दू विरोधी मानसिकता बाहर आ रही है फिर भी अगर हिन्दू कांग्रेस को वोट देता है उससे बड़ा महामूर्ख दुनियां के किसी कोने में नहीं मिलेगा।  

लेखक 
चर्चित YouTuber 
आराधना मिश्रा को यह सोच कर अध्यक्ष बनाया कि महिलाओं का वोट मिलेगा और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया मुस्लिम वोट के लिए। लेकिन महिला आरक्षण बिल को राहुल गांधी कहता है हम पास नहीं होने देंगे और इमरान मसूद तो पहले ही हाथ खड़े कर चुका है कि केवल मुसलमानों की वोटों के भरोसे चुनाव नहीं जीत सकते।

पंजाब में मारामारी मची है। दो दिन में दो अध्यक्ष बदलने पड़े और बात करता है लोकतंत्र की। कही ऐसा न हो कांग्रेस में ही आवाज़ उठने लगे कि “गांधी परिवार कांग्रेस छोड़ो” क्योंकि राहुल गांधी की अब कांग्रेस में लोग सुनने को तैयार नहीं हैं, तभी उसे कांग्रेस वर्किंग कमिटी में कहना पड़ा कि “मुझ पर भरोसा करना शुरू कीजिए”।

एक बैठा है अमेरिका में सैम पित्रोदा जो जॉर्ज सोरोस के आगे भीख मांग रहा है कि सोरोस भारत में 10 अरब डॉलर लगाएं तो अच्छी बात है। वो पैसा विकास के लिए नहीं बल्कि मोदी के विनाश के लिए मांग रहा है।

राहुल गांधी की नई मित्र नेहा बोरा बांग्लादेश को अपना रोल मॉडल बता कर कह रही है कि वहां की तरह भारत में सत्ता बदलनी है। उसे नहीं पता वहां आंदोलन करने वाले कथित छात्रों की पार्टियां केवल 6 सीट जीत सकी थी, अलबत्ता उन्होंने कट्टरपंथियों को सीट जितवा दी थी लेकिन खुद के हाथ में सत्ता नहीं आई। राहुल गांधी भी उसकी बात मान रहा है लेकिन यहां भारत में तो कांग्रेस को वोट ही नहीं मिल रहे।

राहुल गांधी सत्ता बदल कर जांच के बात कर रहा है। तो अभी सुप्रीम कोर्ट में वोट चोरी के सबूत दे दे, सब कुछ साफ़ हो जाएगा। CJI ने कह दिया है कि कोर्ट में कुछ कहा जाए और कोर्ट के बाहर सड़क पर कुछ और, यह नहीं चलेगा। 

कांग्रेस खुद में अब कोई राजनीतिक पार्टी नहीं रह गई। तो ऐसे हिंसक लोगों का संगठन बन चुकी है जिनका काम केवल देश में अराजकता फैलाना है। तिलचट्टों और कांग्रेस के प्रदर्शनों में 3000 करोड़ स्वाहा हो गए, ये पैसा CJP और कांग्रेस से वसूल करना चाहिए।

विदेशियों पर भरोसा करते हो तो देख लो एक विदेश से आया था ध्रुव राठी जो चार दिन में भाग खड़ा हुआ। उसे साथ रख कर Regime Change कराते। 

No comments: