अब खेल खुल्ला फर्रुखाबादी हो गया। राहुल गांधी जो कर रहा है उससे लग रहा है कि वो अब नंगा हो गया और तिलचट्टों के सहारे देश में अराजकता फैलाना चाहता है। कांग्रेस की हिम्मत इतनी बढ़ गई जो आतंकियों में होती है कि चीफ जस्टिस को कह रही है कि कानून व्यवस्था आप नहीं संभाल सकते तो त्यागपत्र दे दीजिए, हम आपकी जगह कोई नया चीफ जस्टिस बना देंगे।
आज विपक्ष की दुगति की जिम्मेदार मोदी-योगी-अमित नहीं बल्कि सनातन विरोधी विपक्ष ही है। दूसरे, आजकल जो SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र के खिलाफ उपद्रव हो रहा है यह भी इनके खिलाफ जा रहा है। ज्ञानेंद्र से पहले जो कांग्रेस की राज्यों में सरकारें नहीं बन पायीं वह कांग्रेस के ही राज में। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? कांग्रेस आज क्षेत्रीय दलों से भी बुरी हालत हो गयी है। यानि जो काम पहले धीरे-धीरे हो रहा थे अब तेजी से हो रहा है।
कांग्रेस ने केरल कांग्रेस के official handle से X पर की गई पोस्ट से “किनारा” कर लिया - कैसे किनारा कर सकते हो जब आपकी पार्टी ने यह पोस्ट किया - और क्या कांग्रेस की औकात है कि वह खुद CJI नियुक्त कर सके -
केरल के मुख्यमंत्री का प्रस्ताव विधानसभा में पारित किया गया जिसमें CEC ज्ञानेश कुमार को त्यागपत्र देने को कहा गया - दूसरी तरफ केरल के ही कांग्रेस नेताओं Ramesh Chennithala, Shashi Tharoor और Mathew Kuzhalnadan ने कहा है कि SIR के द्वारा बोगस और डुप्लीकेट वोटर बाहर हुए जिससे वामपंथी सरकार सत्ता से बाहर हुई - ये कैसा दोगलापन है -
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| लेखक चर्चित YouTuber |
उधर 2 दिन पहले अभिजीत दिपके, सौरव दास, आशुतोष रांका हिरासत से 50 - 50 हजार का बेल बांड देकर छूटे और undertaking दी कि अगले एक साल तक कोई कानून तोड़ने की हरकत नहीं करेंगे - आज सौरव और रांका, अजिंक्ये के साथ फिर जंतर मंतर में घुसे जबकि जंतर मंतर को सरकार ने प्रदर्शनों के लिए बंद कर दिया -आज फिर हिरासत में ले लिए गए लेकिन अबकी तुड़ाई अच्छी होनी चाहिए -
ये “कसाब एनर्जी” क्या इन तिलचट्टों को ही पैदा करने को कहा गया या राहुल गांधी में भी “कसाब एनर्जी” घुस गई जो अपने ही पार्टी के नेताओं को धक्के मार दिए और एक गर्भवती पत्रकार को भी चोट पहुंचाई जिसकी वजह से उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा - “कसाब एनर्जी” मतलब सीधा पाकिस्तान से connection है -
एक और हरामखोर है प्रशांत भूषण जिसमें योगेंद्र यादव की तरह “कसाब एनर्जी” घुस गई है - प्रशांत भूषण ने खुलेआम खूनी क्रांति की बात की है जैसे योगेंद्र यादव कहता है कि देश अब संसद से नहीं सड़कों से चलेगा -
प्रशांत भूषण का बयान पढ़िए -
"What options do we have? The only option is we get
something done through a revolution, and in that
revolution, there'll be a lot of bloodshed...The
Security personnel have not used the guns so far,
but they will in future"
फिर प्रशांत भूषण, सुरक्षाबलों को गोली का पहला शिकार तुम्हें ही बनाना चाहिए -
वैसे एक लिहाज से देखा जाए तो प्रशांत भूषण का अंदाजा सही है कि सुरक्षाबल भविष्य में बंदूकों का भी इस्तेमाल करेंगे क्योंकि जो हालात आज विपक्ष पैदा कर रहा है हो सकता है उन्हें देखते हुए सरकार को और कहीं ज्यादा सख्ती बरतनी पड़ेगी और हो सकता है सेना को भी उतारना पड़ेगा-
अवलोकन करें:-
विपक्ष केवल खीज मिटाने के लिए चुनाव आयोग पर बरस रहा है क्योंकि चुनाव जीतना तो उसके बस की बात नहीं है। अक्टूबर 13 को गांधी नगर निकायों में 44 में 38 सीट भाजपा जीती है और कांग्रेस केवल 4। मजे की बात है “आप” पार्टी जो गुजरात में सरकार बनाने के सपने देख रही है, उसका खाता भी नहीं खुला।
हाल ही में बंगाल के रेजीनगर विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि वहां 70% मुस्लिम मतदाता थे।



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