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‘भारत को कम मत आँकना’: अंतरराष्ट्रीय मीडिया को आनंद महिंद्रा की चेतावनी, कहा – ऐसे कई दौर देखे हैं

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया काफी सक्रिय रहते हैं। वह अक्सर वायरल वीडियो और फोटोज को शेयर करते दिखाई देते हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में आई गिरावट के बाद आनंद महिंद्रा ने ग्लोबल मीडिया को भारत को कम न समझने की चेतावनी दी है।

आनंद महिंद्रा ने ट्वीट कर कहा है, “ग्लोबल मीडिया अनुमान लगा रहा है कि क्या व्यापार क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियाँ वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की भारत की महत्वाकांक्षाओं को नाकाम कर देंगी। मैंने भूकंप, सूखा, मंदी, युद्ध और आतंकवादी हमलों के कई दौर देखे हैं। मैं केवल यही कहना चाहता हूँ कि भारत को कभी भी कम समझो।”

भारतीय जनमानस को टूलकिट की घिनौनी देशद्रोही हरकतों को पहचानना होगा। जब भी देश में कोई कोई विदेशी मेहमान आता है, टूलकिट जहर उगल उपद्रव करने लगता है। जिस प्रकार जनता ने राम और रामायण विरोधियों को उनकी औकात दिखानी शुरू कर दी है, उसी भांति इस टूलकिट के इशारे पर देश के सम्मान को ठेस पहुँचाने वालों को भी उनकी हैसियत दिखानी होगी। मोदी-योगी विरोध करने के बहुत तरीके हैं, लेकिन किसी विदेशी मेहमान के आगमन पर हंगामा करना क्या देशहित में है? संसद में विदेशी मेहमान आये और संविधान की कसम खाने वालों ने किस तरह मोदी विरोधियों ने हंगामा किया, क्या ऐसे सांसद वोट के हक़दार हैं?  

24 जनवरी को हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट आने के बाद से अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी से गिरावट देखी गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर में सामूहिक रूप से 50 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई है। इससे अडानी ग्रुप को अब तक 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

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हिंडेनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी समूह पर कई आरोप लगाए थे। इनमें मनी लॉन्ड्रिंग, अनऑथोराइज्ड ट्रेडिंग, वित्तीय गड़बड़ी, भारी-भरकम लोन सहित कई गंभीर आरोप थे, जो किसी कंपनी के लिए घातक बताए गए थे। बाद में अडानी समूह ने अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया था। कंपनी ने 413 पन्नों के जवाब में हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठ करार दिया था। कंपनी ने कहा था कि ये आरोप भारत और यहाँ की कंपनियों तथा देश के विकास पर सुनियोजित हमला है।