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25 सालों बाद हिन्दू आतंकवाद की सच्चाई सामने आई :‘कांग्रेस ने भगवा आतंकवाद बोलने को कहा’: UPA सरकार में मंत्री रहे सुशील शिंदे ने खोल दी पार्टी की असलियत, पुराना वीडियो Viral

कांग्रेस आलाकमान सोनिया गाँधी के साथ पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे (फोटो साभार: IndiaToday)
केंद्र में कांग्रेस की सरकार में 2012 से 2014 तक गृह मंत्री रहे सुशील कुमार शिंदे का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में शिंदे ‘भगवा आतंकवाद’ को लेकर बड़ा बयान दे रहे हैं। उन्होंने माना कि यह शब्द इस्तेमाल नहीं होना चाहिए था और इसके पीछे पार्टी का हाथ बताया। अब सच्चाई सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग कांग्रेस को खूब लताड़ लगा रहे हैं।

वीडियो में सुशील कुमार शिंदे से जब पूछा गया कि ‘भगवा आतंकवाद' टर्म सही था या नहीं तब वह कहते हैं, “पार्टी (कांग्रेस) ने बताया था कि भगवा आतंकवाद बोलना है, मैंने वही किया। गलत तो था। मैं यह शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहता था। ऐसा नहीं होना चाहिए था। ये उस पार्टी की विचारधारा होती है। ये चाहे भगवा हो या रेड हो या सफेद हो। ऐसा कोई आतंकवाद नहीं होता है।”

हालाँकि, सुशील शिंदे का यह बयान डेढ़ साल पुराना है। जब यूट्यूबर और पत्रकार शुभांकर मिश्रा ने सुशील कुमार शिंदे के साथ पॉडकास्ट किया था। अब इस वीडियो के एक अंश वायरल हो रहा है, जिसमें शिंदे ‘भगवा आतंकवाद’ जैसे भद्दे प्रोपेगेंडा को गलत बताकर अपना कबूलनामा सौंप रहे हैं।

सोशल मीडिया पर लोगों ने कॉन्ग्रेस पर साधा निशाना

अब डेढ़ साल बाद सोशल मीडिया पर शिंदे के इस बयान का वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया है। लोग इसे कांग्रेस की ‘झूठों’ से पर्दा उठाने और कांग्रेस की हिंदू-घृणा जैसी बातें कह रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का कबूलनामा बताया है। बीजेपी ने सवाल उठाया कि क्या यह सनातन संस्कृति को बदनाम करने की कांग्रेस की एक सोची-समझी साजिश थी?

बीजेपी नेता डॉ. निखिल आनंद कहते हैं कि सुशील कुमार शिंदे का बयान कांग्रेस की वैचारिक सोच को उजागर करता है। उनके मुताबिक कांग्रेस और उससे जुड़ी विचारधारा ने हमेशा भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सनातन आस्था को निशाना बनाया है तथा राजनीतिक हितों के लिए कट्टरपंथी ताकतों के साथ समझौता किया है। उन्होंने लोगों से ऐसे तत्वों के प्रति सतर्क रहने और लोकतांत्रिक तरीके से उनका जवाब देने की बात कही।

कपिल बिश्नोई कहते हैं, “कांग्रेस पार्टी की हिंदुओं और भगवा रंग से नफरत किसी से ढकी छिपी नहीं है। रह रह कर ये नफरत किसी न किसी रूप में बाहर आ ही जाती है।”

एक्स हैंडल ‘जनार्दन मिश्रा’ ने कॉन्ग्रेस को घेरते हुए कहा, “अब तो पूर्व कांग्रेसी भी सच बोलने लगे लेकिन चमचे फिर भी नहीं मानेगे…!!”

‘भगवा आतंकवाद’ पर शिंदे ने क्या कहा था?

भारत के गृहमंत्री रहते हुए सुशील कुमार शिंदे ने साल जनवरी 2013 में कहा था कि भाजपा और आरएसएस के कैंपों में ‘हिंदू आंतकवादियों’ को प्रशिक्षण दिया जाता है। इस बयान को लेकर उनकी खूब आलोचना हुई थी। हालाँकि, इन आलोचनाओं के बाद भी वे अपने बयान पर कायम थे।

तब गृहमंत्री शिंदे ने कहा था, “ये सब इतनी बार अख़बार में आ गया है। ये कोई नई चीज़ नहीं है जो मैंने आज कही है। ये भगवा आतंकवाद की ही बात मैंने की है, कोई दूसरी बात नहीं कही है।” दरअसल, 20 जनवरी 2013 को जयपुर में आयोजित कांग्रेस के चिंतन शिविर के दौरान शिंदे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आरोप लगाया था।

अपने बयान के पीछे शिंदे ने एक कथित रिपोर्ट का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था, “हमारे पास रिपोर्ट आ गई है। जाँच में भाजपा हो या आरएसएस के ट्रेनिंग कैंप, हिंदू आतंकवाद बढ़ाने का काम देख रहे हैं। समझौता एक्सप्रेस रेलगाड़ी का धमाका हो, मक्का मस्जिद ब्लास्ट हो या फिर मालेगाँव, हिंदू चरमपंथियों ने वहाँ जाकर बम धमाके करवाए और फिर कह दिया कि ये धमाके अल्पसंख्यकों ने करवाए।”

सुशील कुमार शिंदे ने कहा था कि ऐसी कोशिशों से देश को सतर्क रहना चाहिए। शिंदे के इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने उन्हें मुबारकवाद दी थी। इससे पहले गृहमंत्री रहते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने साल 2010 में सबसे पहले भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग किया था।

भगवा आतंकवाद पर केंद्रीय गृहमंत्री के रूप में 25 अगस्त 2010 को डीजीपी और आईजी के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा था, “मैं आपको सावधान करना चाहता हूँ कि भारत में युवा पुरुषों एवं महिलाओं को कट्टरपंथी बनाने के प्रयासों में कोई कमी नहीं आयी है। इसके अलावा हाल में ‘भगवा आतंकवाद’ सामने आया है, जो अतीत में कई बम विस्फोटों में पाया गया है..।”

11 साल बाद सुशील शिंदे ने कबूला सच ‘भगवा आतंकवाद’ कैसे गढ़ा: कहा- कांग्रेस ने बोलने को कहा था, मुझे नहीं पता भगवा के साथ आतंकवाद क्यों जोड़ा?

                                            सुशील शिंदे और सोनिया गाँधी (साभार: रेडिफ)
कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए-2 में गृहमंत्री रहे सुशील कुमार शिंदे ने ‘भगवा आतंकवाद’ पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भगवा आतंकवाद शब्द कहने के लिए उनकी पार्टी कांग्रेस ने बोला था। शिंदे ने कहा कि वे इस शब्द का इस्तेमाल करना नहीं चाहते थे, लेकिन करना पड़ा। बता दें कि पहले पी. चिदंबरम और फिर शिंदे ने भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग किया था।

यूट्यूबर शुभांकर मिश्रा के साथ एक पॉडकास्ट में पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री एवं कांग्रेस से सेवानिवृत राजनेता सुशील कुमार शिंदे ने इस मुद्दे पर गंभीरता से बात की थी। भगवा आतंकवाद शब्द के इस्तेमाल को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि उस वक्त रिकॉर्ड पर जो आया था, उन्होंने वही कहा था। ये उनकी पार्टी कांग्रेस ने बताया था कि भगवा आतंकवाद हो रहा है।

शिंदे ने कहा, “उस वक्त पूछा था तो उस बारे में बोल दिया था भगवा आतंकवाद। बस इतना ही है। आतंकवाद शब्द लगाया, लेकिन सही बोले तो क्यों आतंकवाद शब्द लगाया मुझे पता नहीं है। लगाना नहीं चाहिए। ये गलत था। भगवा टेररिस्ट… ऐसा नहीं बोलना चाहिए। ये उस पार्टी की विचारधारा होती है। ये चाहे भगवा हो या रेड हो या सफेद हो। ऐसा कोई आतंकवाद नहीं होता है।”

भारत के गृहमंत्री रहते हुए सुशील कुमार शिंदे ने साल जनवरी 2013 में कहा था कि भाजपा और आरएसएस के कैंपों में ‘हिंदू आंतकवादियों’ को प्रशिक्षण दिया जाता है। इस बयान को लेकर उनकी खूब आलोचना हुई थी। हालाँकि, इन आलोचनाओं के बाद भी वे अपने बयान पर कायम थे।

तब गृहमंत्री शिंदे ने कहा था, “ये सब इतनी बार अख़बार में आ गया है। ये कोई नई चीज़ नहीं है जो मैंने आज कही है। ये भगवा आतंकवाद की ही बात मैंने की है, कोई दूसरी बात नहीं कही है।” दरअसल, 20 जनवरी 2013 को जयपुर में आयोजित कांग्रेस के चिंतन शिविर के दौरान शिंदे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर आरोप लगाया था।

अपने बयान के पीछे शिंदे ने एक कथित रिपोर्ट का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था, “हमारे पास रिपोर्ट आ गई है। जाँच में भाजपा हो या आरएसएस के ट्रेनिंग कैंप, हिंदू आतंकवाद बढ़ाने का काम देख रहे हैं। समझौता एक्सप्रेस रेलगाड़ी का धमाका हो, मक्का मस्जिद ब्लास्ट हो या फिर मालेगाँव, हिंदू चरमपंथियों ने वहाँ जाकर बम धमाके करवाए और फिर कह दिया कि ये धमाके अल्पसंख्यकों ने करवाए।”

सुशील कुमार शिंदे ने कहा था कि ऐसी कोशिशों से देश को सतर्क रहना चाहिए। शिंदे के इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने उन्हें मुबारकवाद दी थी। इससे पहले गृहमंत्री रहते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने साल 2010 में सबसे पहले भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग किया था।

केंद्रीय गृहमंत्री के रूप में 25 अगस्त 2010 को डीजीपी और आईजी के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा था, “मैं आपको सावधान करना चाहता हूँ कि भारत में युवा पुरुषों एवं महिलाओं को कट्टरपंथी बनाने के प्रयासों में कोई कमी नहीं आयी है। इसके अलावा हाल में ‘भगवा आतंकवाद’ सामने आया है, जो अतीत में कई बम विस्फोटों में पाया गया है..।”