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गाजा में दुधमुँहे बच्चों को मानव ढाल बना रहा हमास… बेटी की मौत पर पिता ने कहा- अच्छा हुआ मर गई, आतंकियों के कब्जे में जिंदगी मौत से बदतर होती

हमास टेररिस्ट (साभार: Times of Israel)
इतिहास लिखा नहीं जाता, दोहराया जाता है, जो भारत में कश्मीर के बाद इजराइल में दोहराया जा रहा है, यानि मुग़ल आतताइयों ने जिस तरह गैर-मुस्लिमों पर अत्याचार किए, उनकी महिलाओं का यौन-शोषण किया, वही आतंकवादी अपने मुगलाई आकाओं की नीति को अपना रहे हैं। 'सर तन से जुदा' भी उसका ज्वलंत उदाहरण है। जब हमास ने इजराइल में कत्लेआम किया, कोई नहीं बोला, लेकिन ईंट का जवाब पत्थर से मिलने पर victim card खेलना शुरू कर दिया। जिसे जयचन्दों को छोड़ समस्त विश्व समझ चुका है। भले ही चीन हमास के साथ खड़ा है, लेकिन अपने ही देश में किस तरह इस्लाम पर नकेल डाली हुई, किसी की हिम्मत नहीं, उसके विरुद्ध बोलने या प्रदर्शन करने की।  

इजरायल में घुसकर बच्चों-महिलाओं को बंधक बनाने वाले हमास के आतंकियों ने इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ उन्हें मानव ढाल (Human Shield) के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ऐसे कई वीडियो सामने आए है। वहीं, एक इजरायली बच्ची के पिता ने कहा कि उसकी मौत से वह खुश है। अगर बंधक के तौर पर उनकी बेटी हमास के आतंकियों के पास गाजा चली जाती तो उसी जिंदगी मौत से बदतर होती।

फिलिस्तीन में स्थित हमास के आतंकी ना सिर्फ इजरायल से अगवा किए गए छोटे-छोटे और दुधमुँहे बच्चों का इस्तेमाल मानव ढाल के रूप में कर रहे हैं, बल्कि अपने नागरिकों को भी इलाके खाली करने से रोक रहे हैं, इजरायल पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया जा सके और इसके लिए प्रोपेगेंडा किया जा सके।

इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हमास के इस्लामी आतंकी बच्चों को गाजा में अपने साथ रखे हुए हैं, ताकि वे इजरायली सैनिकों पर उन पर कार्रवाई करने से रोकने के लिए मजबूर कर सकें। इतना ही नहीं यहूदी धर्म मानने वाले इन बच्चों से ‘बिस्मिल्लाह’ जैसे मुस्लिमों के लिए बोले जाने वाले शब्द बोलवाए जा रहे हैं।

वीडियो में देखा जा सकता है कि वे बच्चों को पालने में झुला रहे हैं और गोद में लेकर बैठे हैं। वहीं, आतंकी संगठन हमास से सहानुभूति रखने वाले मुस्लिमों ने सोशल मीडिया पर प्रोपेगेंडा फैलाना शुरू कर दिया है कि वे बच्चों के सुरक्षित अपने पास रखे हैं। यह प्रोपगेंडा हमास को मानवतावादी साबित करने की कोशिश की जता रही है।

कुछ दिन पहले हमास ने दावा किया था कि उसने इजरायली सैनिकों सहित कुल 163 लोगों को बंधक बनाया है। उसने यह भी दावा किया था कि उसने इन बंधकों को गाजी पट्टी में फैले सुरंगों में रखा है। बता दें कि 9 महीना तक बच्चों को अपहरण करने वाला हमास इजरायल पर हमले के दौरान बुजुर्ग और महिलाओं को बंधक बनाया था। उसने इसका वीडियो भी जारी किया था।

कई ऐसी तस्वीरें आई हैं, जिनमें बच्चों की हत्या करके उनके शवों को खून में लथपथ करके छोड़ दिया गया। कुछ तस्वीरों में दिख रहा है कि हमास के आतंकियों ने नन्हें-नन्हें बच्चों को जला कर मार डाला। इजरायल के एक गाँव में तो 40 बच्चों की हमास ने हत्या कर दी। वहीं, पूरी फैमिली को किडनैप करके उनके सामने बच्चों को मार डाला। महिलाओं को नंगा करके परेड निकालने की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर आ चुकी हैं।

पिता बोले- अच्छा हुआ बेटी मर गई

हमास के कुकर्मो को देखते हुए आयरिश मूल के पिता ने अपनी 8 साल की बेटी की मौत पर खुशी जताई है। थॉमस हैंड ने CNN को बताया कि उनकी 8 साल की बेटी एमिली को हमास के आतंकियों के हमले के बाद उनकी बेटी का दो दिन तक कुछ पता नहीं चला। अब पता चला है कि उसकी मौत हो गई है। इससे वे बेहद खुश हैं।
उन्होंने कहा, “किबुत्ज में मेरी बेटी अपने फ्रेंड के घर सोने गई थी। उसी रात हमास के आतंकियों ने हमला कर दिया। इसके दो दिन बाद तक मेरी बेटी का अता-पता नहीं चला। दो दिन बाद मुझे पता चला कि मेरी बेटी मर चुकी है। उसकी लाश भी बरामद हो गई है।”
बेटी की मौत पर खुशी जताने के लिए मजबूर इस अभागे पिता ने रोते हुए कहा, “जब मुझे उसकी मौत की जानकारी मिली तो मैंने कहा…. वाह, बहुत अच्छा। यह मेरे लिए सबसे अच्छी खबर थी, क्योंकि हमास के आतंकी उसे लेकर गाजा चले जाते तो यह उसकी मौत से भी बदतर होता।”
थॉमस ने कहा, “मुझे पता है अगर वह जिंदा बच जाती तो हमास के आतंकी मेरी बेटी के साथ बहुत बुरा सलूक करते। वह खाना, पानी तक के लिए तरस जाती। उसे ऐसे अंधेरे कमरे में रहना पड़ता, जिसमें पता नहीं कितने लोगों को बेदर्दी से ठूँसा गया होता। उसका हर पल बेहद भयावह होता। इसलिए उसकी मौत एक अच्छी खबर है।”

गाजा के नागरिकों को भी ढाल बना रहा हमास

वहीं, इजरायल ने गाजा के नागरिकों से इलाके को तुरंत खाली करने की चेतावनी दी है। इजरायल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस ने कहा, “यह देखकर बेहद दुख और चिंता हो रही है कि हमास फिलिस्तीनी नागरिकों को क्षेत्र खाली करने से रोकने की कोशिश कर रहा है… जैसा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया अपनी रिपोर्टों में बता रहा है।”
कॉनरिकस ने कहा, “हमने अपने इरादों को पहले ही बता दिया था। इसलिए नहीं कि इसमें कोई सैन्य तर्क था, बल्कि इसलिए कि हम चाहते थे कि युद्ध से नागरिक प्रभावित न हों। हमने उन नागरिकों को वहाँ नहीं रखा था और वे हमारे दुश्मन नहीं हैं। हम किसी भी नागरिक को मारने या घायल करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, हम हमास और उसके सैन्य बुनियादी ढांचे के खिलाफ लड़ रहे हैं।”

गाजा में इजरायली सेना को मिले शव

इजरायल ने कहा कि वह गाजा का वो हश्र करेगा कि देखने वालों की रूह काँप जाएगी। उसने आम लोगों को इलाके को तुरंत खाली करने के लिए कहा है। इजरायली सेना में गाजा पट्टी में शुक्रवार (13 अक्टूबर 2023) को प्रवेश किया और एक-एक घर में छापेमारी शुरू की है। इस दौरान इजरायली सैनिकों ने उन लोगों के अवशेष बरामद किए जो हमास के नरसंहार के बाद से गायब थे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जब बख्तरबंद और पैदल सेना फिलिस्तीनी क्षेत्र में गए। यह वो क्षेत्र है, जहाँ अनुमानतः 150-200 लोगों को हमास ने बंधक बना रखा था। वहाँ पर अज्ञात संख्या में लोगों के शव बरामद किए गए। इस दौरान मारे गए आतंकियों के पास से कुछ चौंकाने वाले सामान मिले हैं।
सैनिकों को गाजा सीमा के पास किबुत्ज़ सूफा पर हमले के दौरान मारे गए एक आतंकवादी के जैकेट पर इस्लामिक स्टेट (ISIS) के झंडा जैसी चीज मिली है। इसके अलावा, हमले की योजना, धार्मिक वस्तुएँ, दस्तावेज़ और पर्चे और क्षेत्र के अनुसार इज़राइली समुदाय के लोगों की संख्या जैसी खुफिया जानकारी बरामद हुई है।
अरबी में लिखे इन कागजातों में हमास के आतंकियों को निर्देश दिया गया था कि वे अधिक-से-अधिक संख्या में आम नागरिकों की हत्या करेें। इसके साथ ही अधिक-से-अधिक लोगों को बंधक बनाने के लिए भी निर्देश दिया या था। इसके अलावा भी आतंकियों को कई गोपनीय निर्देश दिए गए थे।