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आज हुए चुनाव तो NDA को 352 सीटों का अनुमान, बीजेपी अपने दम पर 287 सीटें जीत सकती है


भारत की राजनीति में एक बार फिर ‘मोदी फैक्टर’ और NDA की मजबूती को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इंडिया टुडे–सी वोटर के ताजा ‘मूड ऑफ द नेशन’(MOTN) सर्वे के अनुसार, यदि जनवरी 2026 में आज लोकसभा चुनाव कराए जाएँ तो भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(NDA) बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौट सकता है।

सर्वे में अनुमान जताया गया है कि NDA को 350 से अधिक सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस  के नेतृत्व वाला INDIA गठबंधन पिछड़ता नजर आ रहा है। यह सर्वे 8 दिसंबर 2025 से 21 जनवरी 2026 के बीच किया गया, जिसमें देशभर के 36,265 लोगों को शामिल किया गया।

इसमें हर आयु वर्ग, जाति, धर्म और लिंग के लोगों की राय ली गई और सर्वे में लगभग 5% तक मार्जिन ऑफ एरर की संभावना भी बताई गई है।

NDA को 352 सीटों का अनुमान, बीजेपी अपने दम पर बहुमत के करीब

MOTN सर्वे के मुताबिक, अगर आज लोकसभा चुनाव हों तो NDA को कुल 352 सीटें मिलने का अनुमान है। यह आँकड़ा 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA को मिली 293 सीटों से काफी अधिक है। सर्वे बताता है कि भारतीय जनता पार्टी अकेले 287 सीटें जीत सकती है, यानी पार्टी अपने दम पर बहुमत का आँकड़ा पार कर सकती है।

अगस्त 2025 के सर्वे में बीजेपी को 260 सीटें मिलने का अनुमान था, जो अब बढ़कर 287 हो गया है। वहीं कांग्रेस को इस सर्वे में केवल 80 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, जो 2024 में मिली 99 सीटों से कम है। इसके अलावा अन्य दलों के खाते में 176 सीटें जाने का अनुमान लगाया गया है।

इतना ही नहीं अगर विपक्ष ने वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं को आरोपित करना नहीं छोड़ा उनकी सीटें और भी कम होने की संभावना है। अगर NDA के शासन में हो रहे भ्रष्टाचार पर FIR कर उजागर करने, दूसरे, घुसपैठियों को निकालने में सरकार का सहयोग पर ही INDI गठबंधन राहत पा सकता है। 

वोट शेयर में भी NDA आगे, INDI गठबंधन को नुकसान

सर्वे में गठबंधन स्तर पर वोट प्रतिशत का भी अनुमान लगाया गया है। इसके अनुसार, यदि आज चुनाव हों तो NDA को करीब 47% वोट शेयर मिल सकता है, जबकि INDI गठबंधन को 39% वोट मिलने की संभावना है। वहीं अन्य दलों के हिस्से में 14% वोट जा सकते हैं।

2024 के लोकसभा चुनाव में NDA को लगभग 43–44% वोट शेयर मिला था, जबकि INDIA गठबंधन को करीब 40% वोट मिले थे। अगस्त 2025 के सर्वे में NDA को 47% और INDIA गठबंधन को 41% वोट शेयर मिलने का अनुमान था। इस बार INDIA गठबंधन के वोट शेयर में गिरावट देखी जा रही है।

मोदी सबसे पसंदीदा चेहरा, लोकप्रियता कायम

सर्वे में प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे बेहतर चेहरे को लेकर भी सवाल किया गया। इसमें 55% लोगों ने नरेंद्र मोदी को अगला प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे उपयुक्त बताया। अगस्त 2025 में यह आँकड़ा मोदी के लिए 52% था, यानी मोदी की लोकप्रियता में हल्का इजाफा हुआ है। पीएम मोदी की अप्रूवल रेटिंग 57% दर्ज की गई है, जो अगस्त 2025 में 58% थी।

इसके अलावा सर्वे में लोगों से यह भी पूछा गया कि देश का अब तक का सबसे बेहतर प्रधानमंत्री कौन रहा है। इस पर 50% लोगों ने नरेंद्र मोदी का नाम लिया, जबकि 12% लोगों ने इंदिरा गाँधी और 12% लोगों ने अटल बिहारी वाजपेयी को सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री बताया।

मुस्लिमों का मिजाज कैसा? देश की 15 मुस्लिम बहुल सीटों में से केवल 1 पर बीजेपी; हिन्दू विरोधी जयचन्द तेरे वंशज आज भी जीवित है

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे लगभग साफ हो चुके हैं। बीजेपी की अगुवाई में एनडीए पूर्ण बहुमत हासिल करती दिख रही है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। लेकिन इस चुनाव में सनातन को अपमानित करने वाले, निहत्थे रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले, हिन्दू मंदिरों को विवादित करने आदि सब एकजुट होकर मोदी सरकार के खिलाफ होकर लड़े, एक मीटिंग में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने साफ शब्दों में कहा था कि 'अगर मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने देश में सनातन राज हो जाएगा', इस बयान से मुस्लिम समाज में क्या गुप्त मंत्रणा हुई, उससे शिक्षा लेकर हिन्दू आज तक नशे से बाहर नहीं आया। इस सार्वजनिक बयान के बाद कांग्रेस को इतनी सीटें आना, हिन्दुओं के लिए शर्म की बात है। देश से हिन्दू राज जयचन्दों के कारण ही समाप्त हुआ था, लेकिन जयचन्द तेरे वंशज आज भी जीवित है। समस्त मुस्लिम क्षेत्रों में हमेशा से बीजेपी जमानत ही जब्त करवाती आयी है। मुस्लिम एकजुट होकर बीजेपी के विरुद्ध वोट कर सकता है, लेकिन हिन्दू एकजुट होकर बीजेपी को नहीं।   

इस बीच, देखिए देश की उन 15 लोकसभा सीटों का हाल, जहाँ मुस्लिम मतदाताओं का दबदबा है। ऐसी सीटों में जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, बिहार, केरल और तेलंगाना की लोकसभा सीटे हैं। मुस्लिम मतदाताओं की बाहुल्य वाली 15 लोकसभा सीटों में महज 1 सीट पर बीजेपी को जीत मिली है, तो एक सीट निर्दलीय ने जीती है। हम आपको एक-एक कर ऐसी सभी 15 सीटों का हाल बता रहे हैं।

1- बारामूला (जम्मू-कश्मीर)

जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की बारामूला लोकसभा सीट पर 95 से 100% मतदाता मुस्लिम हैं। यहाँ से निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल राशिद शेख ने 4 लाख 57 हजार 298 मत हासिल किए हैं और वो जीत की ओर हैं। दूसरे नंबर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला हैं। उमर अब्दुल्ला को 2 लाख 56 हजार 239 वोट मिले हैं। उन्हें 2 लाख 01 हजार 059 वोटों से हार मिली है।

2- श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर)

जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की श्रीनगर लोकसभा सीट पर 95 से 100% मतदाता मुस्लिम हैं। इस सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के आगा सैय्यद रुहुल्लाह मेहंदी को कुल 3 लाख 42 हजार 328 से अधिक मत मिले हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वहीद उर रहमान पारा पर 1 लाख 80 हजार 272 वोटों से बढ़त बना रखी थी। समाचार लिखे जाने तक वहीद को 1 लाख 62 हजार 056 मत मिले थे।

3- अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर)

जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की अनंतनाग लोकसभा सीट पर भी 95-100 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। यहाँ पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के मियाँ अल्ताफ अहमद को 5 लाख 17 हजार 489 वोट मिल चुके हैं। वो पीडीपी के महबूबा मुफ्ती से 2 लाख 79 हजार 279 वोटों से आगे चल रहे थे। समाचार लिखे जाने तक महबूबा मुफ्ती को 2 लाख 38 हजार 210 मत मिले थे।

4- लक्षद्वीप

केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप की इस लोकसभा सीट पर 95 से 100% मुस्लिम मतदाता हैं। यहाँ कॉन्ग्रेस पार्टी के मुहम्मद हमदुल्लाह सैयद 25 हजार 726 वोट पाकर सबसे आगे हैं। दूसरे नंबर पर एनसीपी-शरद पवार पार्टी के मोहम्मद फैसल हैं, जो निवर्तमान सांसद हैं। तीसरे नंबर पर एनसीपी के यूसुफ टीपी को महज 201 मत मिले।

5-किशनगंज (बिहार)

बिहार की किशनगंज लोकसभा सीट पर 65 से 70% मुस्लिम मतदाता हैं। यहाँ कॉन्ग्रेस के मोहम्मद जावेद 2 लाख 39 हजार 927 वोट पाकर सबसे आगे चल रहे थे। जेडीयू के मुजाहिद आलम 2 लाख 14 हजार 275 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर थे। तीसरे नंबर पर एआईएमआईएम के अख्तरुल इमाम भी 2 लाख से ज्यादा मत पाकर तीसरे नंबर पर चल रहे थे।

6-मालदा दक्षिण (पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल की मालदा दक्षिण लोकसभा सीट पर 55 से 60% मुस्लिम मतदाता हैं। इस सीट पर कॉन्ग्रेस के इशा खान चौधरी को 5 लाख 26 हजार 363 मत हासिल हुए। बीजेपी की निर्भया दीवी कही जाने वाली श्रीरूपा मित्रा चौधरी को 4 लाख 14 हजार से अधिक मत मिले। तीसरे नंबर पर टीएमसी के शहनवाज अली रैहान रहे।

7- जंगीपुर (पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल की जंगीपुर लोकसभा सीट पर 60 से 65% मतदाता मुस्लिम हैं। यहाँ से टीएमसी के खलीलुर रहमान को 4.40 लाख से अधिक मत मिल चुके थे। वो कॉन्ग्रेस के मुर्तजा हुसैन बोकुल से 1 लाख से अधिक वोट से आगे चल रहे थे। बीजेपी के धनंजय घोष 2.74 लाख मतों के साथ तीसरे स्थान पर चल रहे थे।

8- पोन्नानी (केरल)

केरल की पोन्नानी लोकसभा सीट पर 65 से 70% मुस्लिम मतदाता हैं। यहाँ से इंडियन नेशनल मुस्लिम लीग के डॉ एमपी अब्दुस्समद समदनी को 5.50 लाख से अधिक वोट मिले। सीपीआई के केएस हमला उनसे 2.36 लाख से अधिक वोट से पीछे रहे। तीसरे नंबर पर बीजेपी की एडवोकेट निवेदिता रहीं।

9-मलप्पुरम (केरल)

केरल की मलप्पुरम लोकसभा सीट पर 65 से 70% मुस्लिम मतदाता हैं। यहाँ से भी इंडियन नेशनल मुस्लिम लीग ने जीत हासिल की। मुस्लिम लीग के मोहम्मद बशीर को 6.39 लाख से अधिक मत मिल चुके थे। दूसरे नंबर पर सीपीआई-एम के वी वसीफ को 3.41 लाख से अधिक मत मिल चुके थे। बीजेपी के इकलौते मुस्लिम कैंडिडेट डॉ अब्दुल सलाम को महज 84 हजार से कुछ अधिक मत मिले थे।

10-हैदराबाद (तेलंगाना)

कुल 60 से 65% प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं वाली हैदराबाद लोकसभा सीट पर असदुद्दीन ओवैसी लगातार जीत दर्ज करते आ रहे हैं। उन्होंने इस चुनाव में भी 6.58 लाख से अधिक वोट हासिल किए। समाचार लिखे जाने तक वो बीजेपी की माधवी लता से लगभग दोगुना मत हासिल कर चुके थे। कॉन्ग्रेस प्रत्याशी को यहाँ से महज 62 हजार से थोड़े अधिक वोट मिले थे।

11- धुबरी (असम)

असम की धबरी लोकसभा सीट पर 55 से 60% मुस्लिम मतदाता हैं। इस सीट पर कॉन्ग्रेस के रकीबुल हुसैन को करीब 11 लाख मत मिल चुके थे। उन्होंने एआईयूडीएफ के मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल से तीन गुने से भी अधिक मत हासिल किए। अगप के मुस्लिम कैंडिडेट को भी यहाँ 3 लाख से अधिक मत मिले।

12- करीमगंज (असम)

असम के करीमगंज लोकसभा सीट पर 55 से 60% मुस्लिम मतदाता हैं। इस सीट पर बीजेपी के कृपानाथ मल्लाह 2.75 लाख से अधिक मत पाकर आगे चल रहे थे। कॉन्ग्रेस के हाफिज राशिद अहमद 2.68 लाख से अधिक मत पाकर दूसरे स्थान पर थे।

13-बहरामपुर (पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल की चर्चित बहरामपुर लोकसभा सीट पर 50 से 55% मुस्लिम मतदाता हैं। उन्होंने टीएमसी के यूसुफ पठान के पक्ष में जमकर वोटिंग की है। समाचार लिखे जाने तक 4.76 लाख से अधिक मत पाकर कॉन्ग्रेस के अधीर रंजन चौधरी पर 70 हजार से अधिक मतों से बढ़त बना चुके थे। बीजेपी कैंडिडेट डॉ निर्मल कुमार साहा साढ़े 3 लाख से अधिक मत पाकर तीसरे स्थान पर थे।

14- बरपेटा (असम)

असम की बरपेटा लोकसभा सीट पर 55 से 60% मुस्लिम मतदाता हैं। यहाँ असम गण परिषद के फाणी भूषण चौधरी 7 लाख ज्यादा मतों के साथ सबसे आगे थे। कॉन्ग्रेस के दीप बायन 5 लाख से ज्यादा वोट पाकर दूसरे नंबर पर थे। सीपीआई-एम के मनोरंजन तालुकदार 76 हजार 120 वोट पा चुके थे और तीसरे नंबर पर चल रहे थे।

15- मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल)

पश्चिम बंगाल की मुर्शिदाबाद लोकसभा सीट पर 70 से 75% मतदाता मुस्लिम हैं। यहाँ से टीएमसी के अबु ताहेर खान को 5 लाख से अधिक मत मिले थे और वो अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सीपीआई-एम के मोहम्मद सलीम से 1 लाख से अधिक वोटों से बढ़त बनाए हुए थे। बीजेपी के गौरी शंकर घोष 2 लाख से अधिक मत पा चुके थे।