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तेलंगाना : हैदराबाद ‘खतरनाक सीट’, पत्थर मारते हैं ; 8 साल मुस्लिम मोहल्लों में किया काम, BJP ने उम्मीदवार बनाया तो नहीं करने दे रहे कैंपेन: माधवी लता

ओवैसी के सामने भाजपा की ओर से माधवी लता 
असदुद्दीन ओवैसी के लिए ये लोकसभा चुनाव अब पकी-पकाई खीर नहीं होने वाला। लोग भी समझ चुके हैं कि ओवैसी मुस्लिम क्षेत्रों में मुस्लिम हित की बात करते हैं, इनकी मौजूदगी में भाई अकबरुद्दीन हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित करता है, तो हिन्दू क्षेत्रों में दलित कार्ड से हिन्दुओं में विभाजन की सियासत। जब अकबरुद्दीन हिन्दू देवी-देवताओं के लिए अपमानित शब्दों का इस्तेमाल करता है, असदुद्दीन चुपचाप सुनता रहता है और टीवी पर आकर अपना दोगलापन दिखाता है। 
लोकसभा चुनावों के लिए हैदराबाद से भारतीय जनता पार्टी ने असदुद्दीन ओवैसी के समक्ष जिस प्रत्याशी को उतारा है उनका नाम माधवी लता है। माधवी ने हाल में मीडिया से बात करते हुए हैदराबाद लोकसभा सीट को खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ कैंपेन करना इतना मुश्किल है कि 50 फीसदी इलाकों में आप जा नहीं सकते।

माधवी कहती हैं, “हैदराबाद की लोकसभा सीट बहुत खतरनाक है। यहाँ के 50 फीसदी इलाकों में आप चुनावों के दौरान कैंपेन नहीं कर सकते, वहाँ कदम नहीं रख सकते। वो लोग पत्थर फेंकते हैं, सिर फोड़ते हैं… और मैं ये काम करने जा रही हूँ। मैं देखना चाहती हूँ कि मेरे देश में कैसे मुझे रोका जाएगा। अगर कोई मुझे रोकेगा भी तो मुझे पत्थर खाकर देखना है कि ये लोग और कितना ज्यादा गिर सकते हैं।” 

कौन है जो भाजपा प्रत्याक्षी पर पत्थरबाज़ी करता है? किसके इशारे पर दंगाई ये काम कर रहे हैं, चुनाव आयोग को ऐसे उपद्रवियों को जेल में बंद कर हर सरकारी सुविधा छीन लेनी चाहिए, साथ में उनकी भी जो इन उपद्रवियों के समर्थन आते हैं, चाहे वह कोई भी हो। 

 

भाजपा प्रत्याशाी कहती हैं, “8 सालों से मैं उन मुसलमानों के मोहल्लों में जाकर मैं काम कर चुकी हूँ, तब तो मुझे किसी ने कुछ नहीं किया। ये आम मुसलमानों की बात नहीं है। ये चंद मुट्ठी भर खुदगर्ज राजनेताओं का काम है ये। कल को जब मैं उसी मोहल्ले में जाकर कैंपेनिंग करूँगी तब देखूँगी कौन मुझे रोकेगा। अगर किसी ने मुझे रोका तो वो एकमात्र पार्टी है।”

उन्होंने कहा, “हम देखेंगे कि कैसे हिंदू भाइयों को ये पुलिस वाले मारेंगे। हम कानूनी ढंग से उसका जवाब भी देंगे। कल ये लोग हिंदू भाइयों को डरा रहे थे कि इलाके में 144 लगा देंगे। आपकी दुकानें बंद होंगी तो रोजी रोटी बंद हो जाएगी। आपको लगता है कि ये 21वीं सदी है। इस क्षेत्र में लोकतंत्र है। ये बहुत बेकार इलाका है इसलिए इस जगह कोई टच नहीं किया जाता। अगर कोई ऐसा करे तो बहुत जल्दी भगवान के पास चले जाते हैं इसलिए बिजली का बिल भी ये लोग जाकर नहीं भरवा पाते। हमें भी देखना है।”

लता कहती हैं कि असदुद्दीन ओवैसी के राज में हालत ऐसे हैं कि लोग बिजली के बिल भरने नहीं जाते। उन्हें कह दिया जाता है- “मत भरो हम देख लेंगे।” वह कहती हैं कि इन लोगों को ये समझ नहीं आता कि अगर वो 500 रुपए नहीं भर पा रहीं तो ये कितना गलत है। वहाँ 600 करोड़ रुपए बकाया हैं जो सरकारी अधिकारी पैसे माँगता है उसे पीटा जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि ओवैसी इलाके में पीएम मोदी की एक भी स्कीम को लागू नहीं होने देते।

उन्होंने पूछा कि क्या किसी ने कभी कोई पोस्टर देखा है जिसमें ओवैसी पीएम मोदी की किसी स्कीम के बारे में लोगों को बता रहे हों। उन्होंने पूछा कि एक सांसद होते हुए इस पर बात करने में समस्या क्या है। बताया तो जाना चाहिए ही, वो लोगों का पैसा है उनके पास जाना चाहिए। आखिर वो क्यों नहीं बताते। माधवी लता कहती हैं कि हैदराबाद में एक बड़ा स्कैम चल रहा है। आजतक कोई इस पर बोलने को तैयार नहीं है। हमने ये शुरूआत की है। 


कई राज्यों में क्लीन स्वीप, बंगाल में TMC से टाइट फाइट: एक और सर्वे में BJP की बड़ी जीत

लोकसभा चुनाव से पहले Zee News के लिए MATRIZE ने ओपिनियन पोल किया है। इस पोल में निकलकर कि इस पूरे लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 5 फीसद बढ़ेगा। वहीं इस समय सबसे ज्यादा चर्चित राज्य का क्या होगा, इसके बारे में भी बताया गया है।

पोल के मुताबिक, अगर चुनाव हो जाएँ तो भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंध 377 सीट के साथ सरकार बनाएगा। वहीं इंडी गठबंध 93 सीट पर। जबकि, 2019 के आम चुनावों में भाजपा ने 351 सीटें जीती थीं और यूपीए गठबंधन को सिर्फ 90 सीट आई थी।

इसके अलावा, 2019 की तुलना में एनडीए का वोट शेयर 5 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 43.6 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है जबकि 2019 में गठबंधन को 38.4% वोट मिले थे। इस बीच, इंडी गठबंधन को 2024 में 27.7 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। 2019 में यूपीए को 26.6% वोट मिले थे। इसी तरह अन्य दलों के वोट प्रतिशत में भारी गिरावट देखी जा सकती है, जिसके परिणामस्वरूप 2019 में उन्हें जहाँ वोट शेयर 35.2 प्रतिशत मिला था वो शायद 2024 में 24.9 प्रतिशत ही रह जाए।

सर्वे इस बात की जानकारी भी देता है कि एनडीए गठबंधन उत्तर, पूर्वी और पश्चिमी भारत में धाक जमाने में कामयाब रहेगा लेकिन हो सकता है दक्षिण में इंडी गठबंधन की तरफ झुकाव देखा जाए। बंगाल की यदि अलग से बात करें तो बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में 27 पर टीएमसी को जीतते इसमें दिखाया गया है और भाजपा को 17 सीटें आते। वहीं इंडी गठबंधन के पास शायद एक सीट आए।

इसके अलावा दिल्ली में अनुमान निकलकर आया है कि भाजपा 7 की 7 सीटें जीत सकती है। ऐसे ही उत्तर प्रदेश में एनडीए को 78 सीटें मिल सकती है वहीं इंडी गठबंधन को सिर्फ 2 सीट मिलेंगी। राजस्थान में भी सारी 25 सीटें भाजपा के खाते में आती दिखाई जा रही हैं। बिहार में 37 सीट भाजपा को मिल सकती है। इसके अलावा गुजरात, उत्तराखंड गोवा, लद्दाख, चंडीगढ़, अंडमान जैसी जगहों पर भी भाजपा की जीत पक्की दिखाई गई है।

जी न्यूज के मुताबिक, ये पोल 5 फरवरी 2024 से 27 फरवरी 2024 के बीच किया गया। इस ओपिनियन पोल में लोकसभा की 543 सीटों पर 1 लाख 67 हज़ार 843 लोगों की राय ली गई है। इनमें 87 हज़ार पुरुष और 54 हज़ार महिलाएँ शामिल हैं। साथ ही इस ओपिनियन पोल में 27 हज़ार फ़र्स्ट टाइम वोटर्स की राय भी शामिल है।

2019 में किस पार्टी को मिली थी कितनी सीट

साल 2019 में 543 लोकसभा सीटों में से एनडीए ने 352 जीती थीं। इनमें अकेले भाजपा को 303 सीट आई थीं, जबकि शिवसेना को 18, जेडीयू को 16, एलजेपी को 6, अपना दल को 2, अकाली दल को 2 AIDMK को 1 और अन्य को 4 सीट मिली थी। वहीं यूपीए को 91 सीट मिली थी जिसमें से कॉन्ग्रेस को 52 सीट आई थी, डीएमके को 23, एनसीपी को 5, IUML की 3, जेकेएनसी 3, शेष को 5 मिली थी। इसके अलावा गठबंधन से अलग चुनाव लड़ने वाली पार्टियों में टीएमसी को 99, वाईएसआरसीपी को 22, बीजेडी को 12, बीएसपी को 10, टीआरएस 9, एसपी को 5, निर्दलीय को 3 और बाकी को 16 सीट आई थी।