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क्या कांग्रेस के DNA में ही हिन्दू जहर है? कांग्रेस ने जहर उगलना नहीं किया बंद: कांग्रेस MP रेणुका चौधरी बोलीं- हिंदू होते हैं आतंकवादी


मालेगांव बम धमाका मामले में करीब 17 साल बाद एनआईए की विशेष अदालत ने गुरुवार को फैसला सुना दिया। कोर्ट ने कहा कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता। कोर्ट ने ब्लास्ट के सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। जैसे ही ये फैसला आया बीजेपी ने इसे ऐतिहासिक करार दिया। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हिंदू आतंकवाद को देश के ऊपर जबरन थोपने का जो कांग्रेस पार्टी का षडयंत्र था, वो आज धराशायी हो गया। भले ही बीजेपी भगवा आतंकवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को टारगेट कर रही हो। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की एक राज्यसभा सांसद ने फिर से 'हिंदू आतंकवाद' शब्द का जिक्र किया है।

मालेगांव ब्लास्ट केस में कोर्ट का फैसला आने के बाद भी कांग्रेस ने जहर उगलना बंद नहीं किया है। मामले में सांसद रेणुका चौधरी ने कहा है कि मैं नहीं मानती कि हिंदू आतंकवादी नहीं होते हैं।

रेणुका चौधरी ने क्या कहा जानिए

कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने मालेगांव केस पर आए कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी की। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अभी जो सरकार है, उसमें इन लोगों का छूटना तो तय ही था। वो छूट गए हैं, देखते हैं कि आगे क्या होता है। उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। जब हम मुस्लिम आतंकवादी कहते हैं, तो हिंदू आतंकवाद कहने की जरूरत पड़ जाती है। इसलिए वह सिर्फ आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल करती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, मालेगांव ब्लास्ट के बाद कांग्रेस ने इसे ‘भगवा आतंकवाद’ का नाम दिया था। कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, “ये तो हमें पता था कि ये होने वाला है। अक्लमंद को इशारा काफी है। कल गृहमंत्री के बयान के बाद ये तय था।”

सांसद ने कहा, “आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता। लेकिन मुस्लिम आतंकवाद कहते हैं तो हिंदू आतंकवाद कहने की मजबूरी हो जाती है। मैं नहीं मानती कि हिंदू आतंकवादी नहीं होते हैं। हिंदू धर्म में कई लोग होते हैं। हर मजहब के आतंकवादी होते हैं।

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मालेगांव ब्लास्ट केस में NIA की विशेष अदालत ने गुरुवार (31 जुलाई 2025) को सभी सात आरोपितों को बरी कर दिया। आदेश पढ़ते हुए अभय लहौटी ने कहा, “कोर्ट ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, क्योंकि कोई भी मजहब हिंसा की वकालत नहीं करता।”