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‘मोदी हिटलर की मौत मरेगा’: मनमोहन सरकार में मंत्री रहे सुबोधकांत सहाय

अभी तक सोनिया गाँधी, राहुल, प्रियंका, मणिशंकर अय्यर आदि को ही कांग्रेस के पतन का कारण माना जा रहा था, लेकिन यहाँ तो लगता है, कांग्रेस में एक से बढ़कर एक कांग्रेस की नैया को डुबोने को तैयार बैठे हैं। इस सूची में एक नया नाम जुड़ सुबोध कांत सहाय का भी जुड़ गया है। 
कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। झारखंड की राजधानी राँची से 3 बार सांसद रहे कांग्रेस नेता ने कहा, “मुझे तो लगता है कि हिटलर का सारा इतिहास इसने पार कर लिया। हिटलर ने भी ऐसी ही एक संस्था बनाई थी, उसका नाम था खाकी। सेना के बीच में उसने बनाया था। मोदी हिटलर की राह चलेगा, तो हिटलर की मौत मरेगा। ये याद रखो। ये देश कांग्रेस पार्टी के शहीदों की परंपरा की पार्टी है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में ‘शहीदों’ की लंबी सूची है, लेकिन किसी ने कभी लक्ष्मण रेखा पार नहीं की। उन्होंने बताया कि जब सोनिया गाँधी प्रधानमंत्री पद को नकार रही थीं, तब उन्होंने उनका माइक छीनते हुए कहा था कि आपके नाम से हमलोग चुन कर आए हैं, ऐसे में हमलोग आपको पीएम पद नहीं ठुकराने देंगे। सुबोधकांत सहाय ने कहा कि ऐसे नेहरू-गाँधी परिवार पर उँगली उठाने का काम किया जा रहा है। इस बयान के बाद उनकी चौतरफा आलोचना हो रही है। इस दौरान मंच पर सचिन पायलट और प्रमोद तिवारी जैसे बड़े कॉन्ग्रेस नेता भी मौजूद थे।

उन्होंने ‘अग्निपथ’ योजना का विरोध करते हुए मंच से एक रैली के सम्बोधन के दौरान ये अमर्यादित टिप्पणी की। उन्हें केंद्र की यूपीए सरकार ने फूड प्रोसेसिंग और फिर पर्यटन मंत्री भी बनाया था। तब उन पर कोयला घोटाले में अपने भाई को फेवर करने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। कांग्रेस से पहले वो जनता पार्टी में हुआ करते थे। उन्हें सोनिया गाँधी के विश्वस्तों में से एक माना जाता है। वो विधायक भी रहे हैं।

झारखंड के ही कांग्रेस विधायक इरफ़ान अंसारी भी लगातार ऐसी टिप्पणियों के कारण सुर्ख़ियों में हैं। झारखंड के जामताड़ा से कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी ने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा था, “देश खून से लथपथ हो जाए, लेकिन अग्निपथ लागू नहीं होने देंगे।” कांग्रेस  ने इरफान अंसारी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूँका था। इस मौके पर जैसा कि सामान्यतया कांग्रेसी करते हैं, मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी।