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पाकिस्तान की तहरीक-ए-तालिबान की बांग्लादेश एयरफोर्स में घुसपैठ, बड़े अधिकारियों समेत 13 जवान गिरफ्तार


बांग्लादेश एयरफोर्स इन दिनों हाई अलर्ट पर है। हाल ही में कई एयरबेस पर खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी की गई। इन छापों में कुछ अधिकारियों और जवानों पर प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े होने का आरोप है।

यह कार्रवाई 20 अप्रैल 2026 की सुबह शुरू हुई थी। अब तक कम से कम दो स्क्वाड्रन लीडर, करीब 10 जूनियर कमीशंड अधिकारी (JCO) और एयरफोर्स के जवानों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा लगभग एक दर्जन अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अन्य संदिग्ध देश छोड़कर भाग गए हैं।

इस मामले का खुलासा सबसे पहले भारतीय पत्रकार चंदन नंदी ने 23 अप्रैल 2026 को नॉर्थईस्ट न्यूज की एक रिपोर्ट में किया था। इसके बाद 24 और 25 अप्रैल को आई रिपोर्ट्स में इस कथित घुसपैठ की पूरी जानकारी सामने आई। बांग्लादेश के अधिकांश मीडिया संस्थानों ने इस संवेदनशील सैन्य मामले पर सीधे रिपोर्टिंग करने से परहेज किया। हालाँकि, बाद में कुछ समाचार पोर्टलों ने नॉर्थईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के आधार पर खबर प्रकाशित की। इसके बाद एयरबेस और आसपास के इलाकों में पुलिस की सतर्कता भी बढ़ा दी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश एयरफोर्स की खुफिया शाखा ने लंबे समय तक निगरानी करने के बाद 20 अप्रैल की तड़के ढाका स्थित कम से कम दो एयरफोर्स ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 10 अन्य सैन्यकर्मियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

साथ ही उसने यह भी बताया कि पिछले कई महीनों से बांग्लादेश एयरफोर्स के भीतर TTP नए लोगों की भर्ती करने की कोशिश कर रही थी। इसके बाद पाकिस्तान ने यह पूरी जानकारी बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ साझा की।

जानकारी मिलते ही बांग्लादेश एयरफोर्स की खुफिया शाखा तुरंत सक्रिय हो गई। अगले 8 से 9 दिनों तक देश के तीन प्रमुख एयरबेस पर लगातार छापेमारी की गई। इनमें चटगाँव का जुहरुल हक एयरबेस, ढाका के कुर्मिटोला स्थित एके खंदाकर बेस और जेसोर का मतीउर रहमान बेस शामिल थे। इन छापों के दौरान कई वायुसेना कर्मियों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में 4 से 5 एयरमैन कॉक्स बाजार यूनिट से थे। बाकी जवान चटगाँव की 25वीं स्क्वाड्रन और जेसोर की 18वीं स्क्वाड्रन से थे। जेसोर की यह स्क्वाड्रन रडार संचालन का काम संभालती है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फरार हुए दो एयरमैन ढाका एयरबेस में तैनात थे, जबकि एक अन्य जाहुरुल हक एयरबेस से जुड़े एयरमेन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में काम करता था। मामले की जाँच अभी जारी है और सुरक्षा एजेंसियाँ हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं।

जाँच एजेंसियों ने जाहुरुल हक एयर बेस की मुख्य मस्जिद के इमाम अब्दुस शुकुर को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य भर्ती करने वाला व्यक्ति बताया है। माना जा रहा है कि करीब 6 महीने पहले TTP के लोगों ने उससे संपर्क किया था। छापेमारी के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, TTP से जुड़े बांग्लादेश एयरफोर्स के 10 से 12 अन्य कर्मी, जिनमें कुछ वारंट अधिकारी भी शामिल हैं, ये मामले का खुलासा होने के बाद तुर्की, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और पुर्तगाल भाग गए हैं।

नॉर्थईस्ट न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया कि बांग्लादेशी अधिकारियों ने इस्तियाक अहमद नाम के एक व्यक्ति की पहचान की है। वह सामी, अबू बक्कर और अबू मोहम्मद जैसे कई नामों से जाना जाता था। जाँच में सामने आया कि वह सेना से निकाले जा चुके दो पूर्व सैनिकों के लगातार संपर्क में था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की, जिसमें उसने इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम बताए।

बांग्लादेशी मीडिया संस्थान ‘द सन 24’ के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई उस खुफिया जानकारी के बाद शुरू हुई, जिसमें कॉक्स बाजार जिले के उखिया इलाके में TTP का एक ट्रेनिंग सेंटर बनाने की साजिश का पता चला था। इसके बाद बांग्लादेश पुलिस ने देशभर के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत अलर्ट जारी किया।

इसमें रेंज DIG, मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों को संवेदनशील जगहों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए। संसद भवन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के दफ्तर, धार्मिक स्थल, मनोरंजन केंद्र, शाहबाग और हथियार भंडार जैसी जगहों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। यह चेतावनी तब जारी की गई, जब प्रतिबंधित संगठन और मौजूदा व हाल ही में बर्खास्त किए गए सैन्यकर्मियों के बीच संबंधों के संकेत मिले।

नॉर्थईस्ट न्यूज की आगे की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अब बांग्लादेश पुलिस TTP और सेना के कम से कम दो पूर्व जवानों के बीच संबंधों की भी जाँच कर रही है। इससे साफ है कि जाँच का दायरा अब केवल एयरफोर्स तक सीमित नहीं रहा है। हालाँकि, बांग्लादेश सरकार ने अब तक गिरफ्तारियों या इस ऑपरेशन के पूरे पैमाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वहीं, पाकिस्तान में प्रतिबंधित और अफगान तालिबान से जुड़े TTP ने भी इन आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।