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कमलनाथ के साथ ही मनीष तिवारी भी? कॉन्ग्रेस की डूबती नाव से उतर रहे महारथी, पंजाब में बीजेपी को मिलेगी मजबूती

एक तरफ राहुल गाँधी 'न्याय यात्रा' पर है, दूसरी ओर पार्टी में हो रहे अन्याय के विरुद्ध पार्टी में भगदड़ मची हुई है। कई बार शंका व्यक्त की जा चुकी है कि क्या राहुल कांग्रेस के बहादुर शाह ज़फर सिद्ध होंगे?, वह शंका चरितार्थ हो रही है। कई बार पार्टी में ही कांग्रेस हित में परिवार के विरुद्ध आवाज़ उठी, लेकिन परिवार भक्तों ने उन्हें भाजपा-संघ का दलाल बता अपमानित करते रहे, और परिवार भक्ति से पार्टी के हो रहे पतन को देखा जा सकता है। वह दिन अब अधिक दूर नहीं, जब पार्टी में केवल परिवार भक्त ही रहेंगे, बाकी सब पार्टी को छोड़ चुके होंगे।   
कांग्रेस पार्टी को झटके पर झटके लग रहे हैं। इंडी गठबंधन में तो साथी दल लगातार साथ छोड़ ही रहे हैं, पार्टी के भी हैवीवेट नेता लगातार कांग्रेस का साथ छोड़कर दूसरे दलों में जा रहे हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंंत्री कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए और राज्यसभा चले गए, तो मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सबसे बड़े नेता और राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके कमलनाथ के भी कांग्रेस से दूर जाने के बीच पंजाब से भी पार्टी के लिए बुरी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी भी कांग्रेस का साथ छोड़ सकते हैं। वो अभी कांग्रेस के ही टिकट पर लोकसभा सांसद हैं, लेकिन अगला चुनाव उनके बीजेपी के टिकट पर लड़ने की बातें सामने आ रही हैं।

मनीष तिवारी अभी पंजाब के आनंदपुर साहिब से लोकसभा सांसद हैं। वो लुधियाना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। इसके लिए बीजेपी से बातचीत चल रही है। आजतक ने बीजेपी सूत्रों के हवाले से बताया है कि बीजेपी के पास लुधियाना लोकसभा सीट के लिए सक्षम उम्मीदवार है। ऐसे में वो मनीष तिवारी को लुधियाना से नहीं लड़ाना चाहती। हालाँकि दोनों तरफ से इस बात लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। वो कभी भी कॉन्ग्रेस छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं।

दिल्ली में कमलनाथ-नकुलनाथ

सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके सांसद बेटे नकुलनाथ भी कांग्रेस छोड़ सकते हैं। दोनों ही इन दिनों दिल्ली में हैं। बताया जा रहा है कि वो बीजेपी आलाकमान के संपर्क में है। जल्द ही इस बात की घोषणा की जा सकती है। नकुलनाथ अभी छिंदवाड़ा से लोकसभा सांसद हैं। ये सीट कमलनाथ की पारंपरिक सीट मानी जाती है। वो दशकों तक इस सीट से लोकसभा चुनाव जीतते आए हैं, उनके बाद उनके बेटे नकुलनाथ ने विरासत को थाम रखा है।
ऐसे में कमलनाथ, नकुलनाथ और अब मनीष तिवारी का जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कुछ दिन पहले ही मुंबई कांग्रेस के कई बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण राज्यसभा पहुँच चुके हैं, तो पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवरा एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। वहीं, बाबा सिद्दीकी जैसे कॉग्रेस के बड़े नेता भी पार्टी छोड़ चुके हैं।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के कई विधायक भी छोड़ सकते हैं पार्टी

कमलनाथ-नकुलनाथ एपिसोड के साथ ही एक बार फिर से मध्य प्रदेश कांग्रेस में टूट हो सकती है। कांग्रेस के कई विधायक कमलनाथ के साथ ही पार्टी बदल सकते हैं। न्यूज18 की रिपोर्ट की मानें, तो कमलनाथ के साथ ही सुनील उईके (जुन्नारदेव), सोहन वाल्मीकि (परासिया), विजय चौरे (सौंसर), निलेश उईके (पांढुर्णा), सुजीत चौधरी (चौरई), कमलेश शाह (अमरवाड़ा), दिनेश गुर्जर (मुरैना), संजय उईके (बैहर), मधु भगत (परसवाड़ा) और विवेक पटेल (वारासिवनी) जैसे विधायक कांग्रेस छोड़ सकते हैं। वहीं, कमलनाथ समर्थक मुरैना और छिंदवाड़ा के महापौर भी कॉन्ग्रेस छोड़ सकते हैं।

कमलनाथ के समर्थक पूर्व मंत्री ने लिखा ‘जय श्री राम’, पटवारी खेमे में खामोशी

कमलनाथ के समर्थक पूर्व सांसद और मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सज्जन सिंह वर्मा ने एक्स पर जय श्री राम पोस्ट किया। कमलनाथ-नकुलनाथ की बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के समय ये पोस्ट बहुत कुछ कह रही है।
उन्होंने न्यूज18 से बातचीत में खुलेआम इस बात का ऐलान कर दिया था कि जहाँ भी कमलनाथ होंगे, वहाँ वो खड़े मिलेंगे।