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मोदी-अमित जवाब दें, क्या इसी का नाम जनसेवा है?

'जिन लोगों ने मुझे वोट नहीं दिया, उनको मैंने रुला न दिया तो मेरा नाम अर्चना चिटनीस नहीं' मध्‍य प्रदेश चुनाव परिणाम (Madhya Pradesh Election Results 2018) में बुरहानपुर सीट से चुनाव हारीं मंत्री अर्चना चिटनीस ने दिसम्बर 12 की रात आभार सभा में जो बात कही, उसे सुनकर लोग हैरान हैं. चिटनीस ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि जो कमाल मैंने सत्ता में रहकर किया है, वैसा ही रोल मैं सत्ता से बाहर रहकर भी बहुत खूबसूरती से निभाऊंगी. जिन लोगों ने मुझे वोट दिया उनका सिर झुकने नही दूंगी और जिन लोगों ने भूल-चूक में या किसी के बरगलाने से या भय से या मन से मुझे वोट नहीं दिया तो उनको अगर मैंने रुला न दिया तो मेरा नाम अर्चना चिटनीस नहीं और वह पछताएंगे. 
चिटनीस ने कहा, "ठीक है मुझे तनख्वाह भी नहीं मिलेगी लेकिन मैं आप लोगों के प्यार की पेंशन से सबकी सेवा करूंगी. मैंने सामान्य काम किया है. इसलिए आज इतने सुकून, इत्मीनान से और आंख में आंख डालकर खड़ी हूं. आपको कोई डरा नहीं पाएगा, धमका नहीं पाएगा. आपकी इज्जत बनी रहेगी, ये मेरी जवाबदारी है."
बुरहानपुर जिले की दोनों विधानसभा सीट बुरहानपुर और नेपानगर में भाजपा प्रत्याशियो की हार के अंतर पर नोटा को मिले वोट भारी पड़े. बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र में अर्चना चिटनीस 5120 वोट से निर्दलीय प्रत्याशी ठाकुर सुरेन्द्र सिंह से हार गईं. नोटा में कुल 5724 वोट पड़े.
यही स्थिति बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधानसभा सीट पर भी रही. यहां पर बीजेपी प्रत्याशी मंजू दादू को कांग्रेस की प्रत्याशी सुमित्रा कास्डेकर ने करीब 1265 मतों से हराया और यहां पर नोटा को करीब 2552 वोट मिले, जोकि यहां की जीत-हार के अंतर से भी ज्यादा है. 
इस मामले में जब बुरहानपुर से भाजपा प्रत्याशी रही अर्चना चिटनीस से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लोकतंत्र मे मेरा पूरा विश्वास है, लेकिन अनिर्णय से लोकतंत्र में लाभ नहीं होता. निर्णय की स्थिति बने. लोग किसी को भी वोट दें. संसदीय लोकतंत्र समझने वाले और विश्‍लेषण करने वाले लोगों के लिए यह विचारणीय विषय है.