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क्या 2024 लोकसभा चुनाव से पहले ही विपक्ष ने डाल दिए हथियार? अभी से शुरू हुआ EVM का रोना

विभिन्न पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बरकरार है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा की वापसी के स्पष्ट संकेत हैं। ऐसे में विपक्ष पहले ही हार मानते हुए अभी से ही EVM का रोना शुरू कर दिया है। NCP प्रमुख शरद पवार ने EVM पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है।

EVM पर 2024 चुनाव से पहले ही विपक्ष द्वारा रोना शुरू करना भाजपा के लगातार तीसरी बार सत्ता आने से कितनी बौखलाहट होनी शुरू हो गयी है। जबकि कोरोना काल में मोदी विरोधी चैनल भाजपा को 350+ सीट देने का दावा कर चुके हैं, एनडीए में शामिल पार्टियां अलग हैं। और अब जिस तरह खालिस्तान आंदोलन पर प्रहार करने इसके समर्थन कर रही पार्टियों की नींद, रोटी-पानी हराम होना ही है।  

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) सुप्रीमो पवार ने 23 मार्च 2023 को विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाई है। यह बैठक उनके आवास पर शाम के 6 बजे आयोजित की जाएगी। इसमें राज्यसभा में विपक्षी दलों के फ्लोर नेता शामिल रहेंगे। यहाँ ममता बनर्जी से अलग तीसरे मोर्चा की भी खिचड़ी पकने की संभावना है।

शरद पवार ने कहा कि इस बैठक में उन्होंने उन सभी नेताओं को पत्र लिखकर बुलाया है, जिन्होंने EVM को लेकर संदेह जाहिर किया था या जिन्हें संदेह है। उन्होंने कहा कि यह बैठक निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराए जाने को लेकर बुलाई गई है। बैठक में आईटी प्रोफेशनल और क्रिप्टोग्राफरों को भी बुलाया गया है। उनकी भी राय सुनी जाएगी।

पत्र में विशेषज्ञों का हवाला देते हुए पवार ने कहा है कि चिप वाली किसी भी मशीन को हैक किया जा सकता है। ऐसे में लोकतंत्र को अनैतिक तत्वों द्वारा बंधक बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इसलिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के हित में एक साथ बैठकर प्रख्यात आईटी पेशेवरों और क्रिप्टोग्राफर के विचारों को सुनना चाहिए।

पवार ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को सटीक होने की आवश्यकता है। इसकी प्रभावकारिता पर किसी भी प्रकार के संदेह को मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा सामने आकर खारिज किया जाना चाहिए। बता दें कि सिविल सोसाइटी ने मई 2022 में चुनाव आयुक्त को एक पत्र और दो सप्ताह के बाद एक और अनुस्मारक (अनुलग्नक 3) प्रस्तुत किया था। ECI ने इसे स्वीकार भी नहीं किया था।