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दिल्ली में रहते हैं सबसे अधिक बांग्लादेशी; 900 अवैध घुसपैठियों की हो रही पहचान, किए जाएँगे डिपोर्ट: ऑपरेशन पुश-बैक के साथ देशभर में चल रहा अभियान

                                                                                                            सांकेतिक तस्वीर, साभार: टीवी9
अलग-अलग राज्यों की सीमाओं से अवैध तरीके से भारत में घुसे बांग्लादेशी घुसपैठियों की खैर अब मुश्किल है। दिल्ली में 900 अवैध घुसपैठियों की पहचान हो गई है। उनकी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अवैध बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया जाएगा।

अवैध घुसपैठियों को पकड़ने और उनके मुल्क वापस भेजने के लिए सरकार ने ‘ऑपरेशन पुश-बैक’ चलाया। इसके तहत दिल्ली में लगभग 700 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ कर डिपोर्ट किया जा चुका है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के आंकड़ों की मानें तो दिल्ली में सबसे अधिक अवैध घुसपैठिए रहते हैं।

चर्चा है कि विकासपुरी, कीर्तिनगर, सीलमपुर, गोंडा आदि जगहों पर झुग्गियों में रहने वाले अधिकतर रोहिंग्या और बांग्लादेशी है, जिनमे से अधिकतर लोगों के दिल्ली और दिल्ली से बाहर भी आधारकार्ड बने हुए हैं। जिसकी पुष्टि या कहे सत्यापन टेक्नोलॉजी से ही संभव है। इनमे अधिकतर घरों में काम करने वाले/वाली है।  

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस के अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि दिल्ली में घुसपैठियों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल की यूनिट अपना काम तेजी से कर रही है।

देवेश ने पहचाने गए प्रवासियों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, “इस वर्ष अब तक लगभग 900 बांग्लादेशियों की पहचान की गई है। जिनके दस्तावेजों को वैध पाया गया, उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि अन्य की जाँच अब भी चल रही है। अवैध पाए गए लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसमें हिरासत, निर्वासन और आपराधिक कार्यवाही शामिल हैं।”

रिपोर्ट्स बताती हैं कि अवैध घुसपैठियों का सिंडिकेट है। इनसे जुड़े लोग घुसपैठियों को अवैध तरीके से भारत में एंट्री करवाने से लेकर उनके फर्जी दस्तावेज बनवाने, उन्हें दिल्ली तक पहुँचाने और यहाँ तक की नौकरी दिलवाने तक में भी मदद करते हैं। पुलिस जाँच के अनुसार, इन घुसपैठियों की नौकरियाँ प्राइवेट से लेकर एयरलाइन तक में लगी हुई पाई गई है। इसके साथ ही उनके बच्चे EWS कोटे के साथ बड़े-बड़े स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं।

देवेश के अनुसार, “घुसपैठियों की पहचान के अभियान को नवंबर 2024 में शुरू किया गया था। अब तक के इसके परिणाम सराहनीय हैं। हम स्थानीय लोगों से भी अपील करते हैं कि कोई भी अपने आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति जानकारी 112 हेल्पलाइन के जरिए पुलिस को या अपने क्षेत्र के SHO, ACP या DCP को लिखित या फोन के माध्यम से दे सकता है। इसके बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई कई राज्यों में तेज हो गई है। इसमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गोवा से बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी पकड़े गए हैं। उनकी पहचान प्रक्रिया पूरी करने के बाद डिपोर्टेशन के लिए एक्शन लिया जा रहा है।